सरकारी सामग्री के अनुसार दक्षिण सूडान में कम-से-कम 50 स्वदेशी भाषाएँ हैं, जबकि यूनेस्को 70 से अधिक बोली जाने वाली भाषाओं का वर्णन करता है। यह अंतर वर्गीकरण और गिनती के तरीकों से जुड़ा है; देश की भाषाओं की कोई निर्णायक राष्ट्रीय जनगणना नहीं है। प्रमुख भाषाओं में दिन्का, नुएर, बारी, शिल्लुक और ज़ांदे शामिल हैं। भाषाएँ मुख्यतः निलोतिक और अन्य नील-सहारा समूहों से संबंधित हैं; नाइजर-कांगो भाषाएँ भी मौजूद हैं, जिनमें ज़ांदे शामिल है। छोटी स्थानीय भाषाओं पर दबाव है और कुछ को संकटग्रस्त बताया गया है। दक्षिण सूडान गणराज्य का संक्रमणकालीन संविधान, 2011, अंग्रेज़ी को आधिकारिक कामकाजी भाषा मानता है। वह सभी स्वदेशी भाषाओं को राष्ट्रीय भाषाएँ मानता है और राज्य से उनका सम्मान, विकास और प्रचार करने की अपेक्षा करता है। राज्य सांकेतिक भाषा के विकास को भी मान्यता देता है, हालाँकि अभी दक्षिण सूडान की कोई एक मानकीकृत राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा नहीं है। शिक्षकों, सामग्री और भाषा सेवाओं की असमान उपलब्धता के कारण अमल अलग-अलग है। राष्ट्रीय सरकार, कानून और आधिकारिक दस्तावेज़ों में अंग्रेज़ी का प्रभुत्व है। जनता के लिए बनाई गई संवैधानिक जानकारी का राष्ट्रीय भाषाओं में अनुवाद किया जाना चाहिए, पर हर राष्ट्रीय भाषा में सेवाओं की देशव्यापी गारंटी की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए राष्ट्रीय संस्थानों तक औपचारिक पहुँच अंग्रेज़ी से मिलती है, जबकि रोज़मर्रा के परिवेश, स्थानीय प्रशासन और सामुदायिक जीवन में संवाद अक्सर जुबा अरबी और स्थानीय भाषाओं पर निर्भर करता है। जुबा अरबी समुदायों के बीच और शहरों में संपर्क भाषा का काम करती है। रेडियो सेवाएँ कभी-कभी “सरल अरबी” शब्द इस्तेमाल करती हैं; अरबी व्यापक रूप से बोली जाती है, लेकिन फिलहाल आधिकारिक कामकाजी भाषा नहीं है। शिक्षा का कानूनी ढाँचा मिश्रित है। संविधान सभी स्तरों पर अंग्रेज़ी को शिक्षण की भाषा बताता है। सामान्य शिक्षा अधिनियम 2012 प्रारंभिक बाल विकास और प्राथमिक कक्षा 1 से 3 में स्वदेशी भाषा में शिक्षण का प्रावधान करता है। शहरी क्षेत्रों में व्यापक रूप से बोली जाने वाली राष्ट्रीय भाषा भी प्रासंगिक हो सकती है। कक्षा 4 से 8 में अंग्रेज़ी के साथ स्वदेशी भाषा विषय के रूप में पढ़ाई जाती है; माध्यमिक और वयस्क शिक्षा में सामान्यतः अंग्रेज़ी का उपयोग होता है। अरबी और अन्य अंतरराष्ट्रीय भाषाएँ वैकल्पिक विषय हो सकती हैं। सार्वजनिक स्कूलों में सार्वभौमिक सांकेतिक भाषा को मानक रूप से सीखने के लिए मान्यता है, पर प्रशिक्षित शिक्षकों और उपयुक्त सामग्री की कमी से इसका अमल सीमित है। दक्षिण सूडान मीडिया प्राधिकरण प्रसारण को विनियमित और लाइसेंस देता है। बहुलतावादी मीडिया से अपेक्षा है कि वे राष्ट्रीय भाषाओं, संस्कृतियों और विश्वासों को प्रतिबिंबित करें। आई रेडियो अंग्रेज़ी, सरल अरबी और सात स्थानीय भाषाओं में कार्यक्रम देता है; इससे दिखता है कि मीडिया अंग्रेज़ी से आगे सूचना पहुँचा सकता है। संस्कृति, संग्रहालय और राष्ट्रीय विरासत मंत्रालय, समुदाय और पारंपरिक नेता सांस्कृतिक कार्यों के ज़रिए भाषा के हस्तांतरण में मदद करते हैं। 18 जनवरी 2024 को जुबा में यूनेस्को सम्मेलन में भाषा संरक्षण, सांस्कृतिक विविधता, सामाजिक एकजुटता और शांति निर्माण पर 150 से अधिक प्रतिनिधि एकत्र हुए। संविधान अभिव्यक्ति, सूचना और प्रेस की स्वतंत्रता तथा जातीय और सांस्कृतिक समुदायों के अधिकारों की रक्षा करता है। वह सांस्कृतिक विविधता को शिक्षा और मीडिया से भी जोड़ता है। इसलिए भाषा तक पहुँच केवल बातचीत ही नहीं, सार्वजनिक जीवन में भागीदारी को भी प्रभावित कर सकती है। भाषा सेवाओं के लिए कोई अलग देशव्यापी शुल्क नहीं है, लेकिन अनुवाद, दुभाषिया, स्थानीय शिक्षक और शिक्षण सामग्री पर व्यक्तियों और संस्थाओं का व्यावहारिक खर्च हो सकता है। देशव्यापी कार्यान्वयन समय-सारणी या वर्तमान प्रतिनिधिक भाषा-उपयोग आँकड़ा नहीं मिला है; एक पुराने घरेलू सर्वेक्षण में 360 वैध और 1,657 अनुपलब्ध उत्तर थे और उसे स्पष्ट रूप से जनसंख्या का आँकड़ा नहीं माना गया था।
दक्षिण सूडान में भाषाएँ
दक्षिण सूडान में भाषाई परिदृश्य विविध है। अंग्रेज़ी आधिकारिक कामकाजी भाषा है और अनेक स्वदेशी भाषाएँ राष्ट्रीय भाषाओं के रूप में मान्य हैं। जुबा अरबी समुदायों के बीच और शहरी क्षेत्रों में व्यापक रूप से बोली जाती है, जबकि स्थानीय भाषाएँ शिक्षा, संस्कृति, मीडिया और रोज़मर्रा की भागीदारी के लिए महत्त्वपूर्ण हैं। किसी व्यक्ति को व्यवहार में कौन-सी भाषा उपलब्ध होगी, यह क्षेत्र और संस्था पर बहुत निर्भर करता है।
सुझाव
दक्षिण सूडान में भाषा चुनना पहुँच से जुड़ा निर्णय समझें: राष्ट्रीय संस्थानों के औपचारिक काम के लिए अंग्रेज़ी इस्तेमाल करें, लेकिन रोज़मर्रा की समझ स्थानीय संवाद पर निर्भर हो तो जुबा अरबी या संबंधित स्थानीय भाषा की योजना बनाएँ। भाषा सहायता क्षेत्र और संस्था के अनुसार बदलती है, इसलिए उस पर निर्भर होने से पहले वास्तविक व्यवस्था की पुष्टि करें। कानूनी मामलों, शिक्षा या सार्वजनिक भागीदारी से जुड़ी बातचीत के लिए अनुवाद, दुभाषिया या शिक्षण सामग्री का बजट रखें।

