एहि संदर्भमे राज्यक अर्थ भारतक सार्वजनिक अधिकारक संगठित व्यवस्था अछि, केवल एकर घटक राज्यसभमे सँ एकटा नहि। संवैधानिक रूपसँ भारतकेँ राज्यसभक संघ कहल जाइत अछि, आ ओकर क्षेत्रमे संघ शासित प्रदेश सेहो शामिल अछि। सभ सार्वजनिक संस्थाकेँ अपन अधिकार संविधान आ कानूनसँ भेटबाक चाही। संविधान भारतीय राज्यक आधार अछि। ई लोकतांत्रिक सरकार स्थापित करैत अछि, संस्थाक भूमिका अलग करैत अछि, विधायी शक्ति बाँटैत अछि आ मौलिक अधिकारक रक्षा करैत अछि। एहिमे राज्यक नीतिक मार्गदर्शन करएवला राज्यक नीति-निर्देशक सिद्धांत आ नागरिक लेल मौलिक कर्तव्य सेहो अछि। संघ स्तर पर संसद अपन संवैधानिक क्षेत्रमे कानून बनबैत अछि, कार्यपालिका ओकर प्रशासन करैत अछि आ न्यायपालिका कानूनक व्याख्या आ लागू करैत अछि। राष्ट्रपति संवैधानिक प्रमुख छथि, जखन कि प्रधानमंत्री आ मंत्रिपरिषद सरकारक केंद्रीय राजनीतिक नेतृत्व करैत अछि। भारतक राज्य संविधानक इकाई अछि, जाहिमे अपन सरकार आ विधायिका होइत अछि। राज्यपाल राज्यक संवैधानिक प्रमुख छथि, जखन कि मुख्यमंत्री आ मंत्रिपरिषद ओकर निर्वाचित सरकार चलबैत छथि। संघ शासित प्रदेशक व्यवस्था पूर्ण राज्यसँ अलग होइत अछि, आ किछु प्रदेशक अपन विधायिका अछि। न्यायपालिका राजनीतिक कार्यपालिकासँ स्वतंत्र अछि। सर्वोच्च न्यायालय सभसँ ऊपर अछि, तकर बाद उच्च न्यायालय आ अधीनस्थ अदालत अबैत अछि। अदालत विवाद सुलझबैत अछि, कानूनी अधिकारक रक्षा करैत अछि, सरकारी कार्रवाईक समीक्षा करैत अछि आ जाँचि सकैत अछि जे कानून वा आधिकारिक निर्णय संविधानक अनुरूप अछि कि नहि। सार्वजनिक प्रशासन कानून आ नीतिकेँ रोजमर्राक कार्रवाईमे बदलैत अछि। मंत्रालय, विभाग, जिला प्रशासन, नियामक, पुलिस सेवा आ सार्वजनिक एजेंसी रिकॉर्ड, कल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढाँचा, राजस्व आ सार्वजनिक व्यवस्था जेहन विषय देखैत अछि। जिम्मेदार कार्यालय विषय आ सरकारक स्तर पर निर्भर करैत अछि। पंचायत, नगरपालिका आ नगर निगम राज्यक स्थानीय स्तर बनबैत अछि। ओ लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व दैत अछि आ सौंपल गेल स्थानीय कामकाज चलबैत अछि। ओकर शक्ति, संसाधन आ प्रभावशीलता आंशिक रूपसँ राज्य कानून आ प्रशासनिक व्यवस्था पर निर्भर करैत अछि। भारतीय राज्य कानूनी अधिकार, सार्वजनिक सेवा, लोकतांत्रिक जवाबदेही आ सरकारी गलती सुधारबाक रास्ता दैत अछि। एहि व्यवस्था पर जटिल प्रक्रिया, असमान क्षमता, देरी आ असमान पहुँच जेहन सीमा सेहो अछि। लिखित आवेदन, शिकायत प्रणाली, सूचना अनुरोध, अपील, निगरानी निकाय आ अदालत उपचार खोजबाक अलग-अलग रास्ता दैत अछि।
भारतमे राज्य
भारतमे राज्य संगठित संवैधानिक संस्थाक पूरा व्यवस्था अछि जे संघ, राज्य आ स्थानीय क्षेत्रमे सार्वजनिक अधिकार लागू करैत अछि। एहिमे विधायिका, सरकार, अदालत, प्रशासन, पुलिस, सार्वजनिक निकाय आ स्थानीय प्राधिकरण शामिल अछि। एकर उद्देश्य संवैधानिक व्यवस्था बनाए रखब, अधिकारक रक्षा, सार्वजनिक सेवा देब आ जनहितमे काम करब अछि।
Tip
भारतक राज्य व्यवस्था सँ काम पड़ला पर आवेदन करबाक पहिने सही संस्था, सेवा आ सरकारक स्तर चिन्हू। जरूरी हो तऽ आधिकारिक फॉर्म उपयोग करू, केवल संबंधित दस्तावेज दिअ आ पावती राखू। पहिल कार्यालय कार्रवाई नहि कऽ सकए तऽ सक्षम प्राधिकरण आ उपलब्ध समीक्षा प्रक्रिया पूछू।

