भारत एक संप्रभु, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य अछि, जे लिखित संविधानक अधीन शासित अछि। संविधान सार्वजनिक संस्थासभक स्थापना करैत अछि, अधिकार बाँटैत अछि, मौलिक अधिकारक रक्षा करैत अछि आ राज्य लेल कर्तव्य तथा मार्गदर्शक सिद्धान्त निर्धारित करैत अछि। भारतमे संसदीय व्यवस्था अछि। राष्ट्रपति संघ सरकार (Union government)क संवैधानिक प्रमुख छथि, जखन कि प्रधानमंत्री सरकार आ मंत्रिपरिषदक नेतृत्व करैत छथि। सामान्यतः सरकार तखने धरि पदपर रहैत अछि जखन धरि ओकरा निर्वाचित लोकसभा (Lok Sabha)क विश्वास प्राप्त रहैत अछि। संसदक दू सदन अछि। लोकसभा जनताक प्रतिनिधित्व प्रत्यक्ष निर्वाचित सदस्यक माध्यमसँ करैत अछि, जखन कि राज्यसभा (Rajya Sabha) संघीय व्यवस्थाक भीतर राज्य आ किछु संघ राज्य-क्षेत्रक प्रतिनिधित्व करैत अछि। दुनू सदन प्रस्तावक जाँच करैत अछि, सार्वजनिक नीतिपर बहस करैत अछि आ राष्ट्रीय कानून बनेबाक प्रक्रियामे भाग लैत अछि। भारत एकटा संघीय देश अछि, मुदा एकर संघ सरकार मजबूत अछि। संघ आ राज्य सरकारक अलग-अलग उत्तरदायित्वक क्षेत्र अछि, जखन कि किछु विषय दुनू स्तरसँ जुड़ल अछि। प्रत्येक राज्यक अपन राजनीतिक संस्था होइत अछि, जाहिमे सामान्यतः राज्यपाल, मुख्यमंत्री आ विधानसभा शामिल रहैत अछि। स्थानीय सरकार राजनीतिलाई दैनिक जीवनक नजदीक अनैत अछि। पंचायतसभ ग्रामीण क्षेत्रक सेवा करैत अछि, जखन कि नगरपालिका आ नगर निगम शहर आ नगरक सेवा करैत अछि। हुनकर कार्यमे स्थानीय सड़क, स्वच्छता, जल सेवा, योजना निर्माण आ सामुदायिक विकास शामिल भ’ सकैत अछि, मुदा उत्तरदायित्व आ क्षमता अलग-अलग होइत अछि। राजनीतिक दल मतदातासभकेँ सरकारसँ जोड़ैत अछि। भारतमे राष्ट्रीय दल, राज्य-आधारित दल, गठबन्धन, स्वतन्त्र उम्मीदवार आ अनेक सामाजिक वा क्षेत्रीय आन्दोलन अछि। दल उम्मीदवार चुनैत अछि, कार्यक्रम प्रकाशित करैत अछि, अभियान चलबैत अछि आ सरकार बनेबाक लेल प्रतिस्पर्धा करैत अछि। सार्वजनिक नीति चुनाव, विधायी बहस, प्रशासन, न्यायालय, परामर्श, पत्रकारिता, नागरिक समाज आ सार्वजनिक कार्रवाईक माध्यमसँ विकसित होइत अछि। नागरिक प्रतिनिधिसभसँ सम्पर्क क’ सकैत छथि, कानूनी संघसभमे शामिल भ’ सकैत छथि, याचिका द’ सकैत छथि, सार्वजनिक सूचना माँगि सकैत छथि आ शांतिपूर्ण अभियानमे भाग ल’ सकैत छथि। भारतीय राजनीति अत्यन्त विविध समाजमे प्रतिनिधित्वक अवसर उत्पन्न करैत अछि, जाहिमे ऐतिहासिक रूपसँ वंचित किछु समूहक लेल आरक्षित राजनीतिक प्रतिनिधित्व सेहो शामिल अछि। एकर सीमामे असमान प्रभाव, धीमा प्रशासन, ध्रुवीकरण, गलत सूचना आ औपचारिक अधिकार आ व्यावहारिक पहुँचक बीचक अन्तर शामिल भ’ सकैत अछि। न्यायालय, निर्वाचन प्राधिकरण, लेखापरीक्षक, विधानमंडल, मीडिया आ नागरिकसभ—सभ जवाबदेहीमे भूमिका निभबैत छथि।
राजनीति भारतमे
भारतक राजनीति एक विशाल संसदीय लोकतंत्रक भीतर चलैत अछि, जाहिमे संघ, राज्य आ स्थानीय निकायसभक बीच शक्ति बाँटल गेल अछि। नागरिक चुनाव, राजनीतिक दल, सार्वजनिक बहस, याचिका आ शांतिपूर्ण भागीदारीक माध्यमसँ सार्वजनिक निर्णयपर प्रभाव डालैत छथि। ई व्यवस्था भारतक अनेक क्षेत्र, भाषा, धर्म, समुदाय आ हितक प्रतिनिधित्व करबाक लक्ष्य रखैत अछि।
Tip
भारतमे अपन सरोकारसँ वास्तवमे सम्बन्धित सरकारक स्तरसँ शुरुआत करू। अपन निर्वाचन क्षेत्र आ प्रतिनिधिसभक पहिचान करू, सरल प्रमाणक संग समस्याक वर्णन करू आ एकटा स्पष्ट कार्रवाईक अनुरोध करू। प्रत्येक निवेदनक प्रति सुरक्षित राखू आ कानूनी माध्यमसँ अनुवर्तन करैत रहू।

