बाङ्गलादेशमे संस्कृति परिवार आ सामुदायिक जीवन, शिक्षा, काम, आस्था, भाषा, ऐतिहासिक अनुभव आ रचनात्मक अभ्याससँ आकार पबैत अछि। जीवनक चरणमे आयु, कानूनी स्थिति, शिक्षा, काम, विवाह, देखभाल आ सहयोगक पहुँच सम्मिलित होइत अछि, मुदा एकटा आयु-श्रेणी सभ सेवाक निर्धारण नहि करैत अछि। बाङ्गलादेश केर इतिहास प्रारम्भिक नदी-डेल्टा समाज आ क्षेत्रीय शक्तिसभ सँ लऽ कऽ मुगल आ औपनिवेशिक काल, विभाजन, पूर्वी पाकिस्तान आ १९७१क मुक्ति युद्ध (Liberation War) धरि पसैरल अछि। ई ऐतिहासिक अनुभव सार्वजनिक स्मृति आ सामाजिक पहिचानपर प्रभाव डालैत अछि। बाङ्ला भाषा (Bangla) राज्य भाषा अछि आ शिक्षा, प्रशासन, कानून, राष्ट्रीय मीडिया आ सांस्कृतिक जीवनक केन्द्रमे अछि। उच्च शिक्षा, शहर, पेशेवर परिवेश आ अन्तर्राष्ट्रीय सन्दर्भमे अंग्रेजीकेँ विशेष व्यावहारिक महत्व अछि। बाङ्गलादेश धार्मिक रूपसँ विविध अछि: मुसलमान सभसँ पैघ समूह छथि, जखन कि हिन्दू, बौद्ध, ईसाई, शिया, अहमदी, सूफी, बहाई आ आदिवासी समुदायसभ सेहो धार्मिक जीवनमे योगदान दैत छथि। संवैधानिक संरक्षण, सार्वजनिक व्यवस्था आ क्षेत्रीय सुरक्षा-स्थिति लोक अपन आस्थाक अभ्यास कोना करैत छथि आ धार्मिक संस्थाक उपयोग कोना करैत छथि, एहि पर प्रभाव डालैत अछि। कलामे दृश्य कला, संगीत, साहित्य, फिल्म, रंगमञ्च, नृत्य, वास्तुकला, डिजाइन, फोटोग्राफी आ डिजिटल काज सम्मिलित अछि। कलात्मक गतिविधिक पहुँच प्रायः विश्वविद्यालय, अकादमी, कार्यशाला, समूह, गैलरी, प्रकाशक, महोत्सव आ अनौपचारिक अभ्यासक माध्यमसँ होइत अछि; संस्थागत गतिविधिक बहुत पैघ हिस्सा ढाकामे केन्द्रित अछि। सांस्कृतिक परम्परामे पोइला बोइशाख (Pohela Boishakh), विवाहक रिवाज, बाउल संगीत (Baul music), जामदानी बुनाइ (Jamdani weaving) आ नक्शी कांथा (Nakshi Kantha) सम्मिलित अछि। परिवार, गामक समुदाय, कार्यशाला आ गुरु-शिष्य सम्बन्ध प्रायः एहि अभ्याससभकेँ आगाँ बढ़बैत अछि। रोजमर्रा के संग रहब राष्ट्रीय अधिकार, स्थानीय सरकार आ सामुदायिक व्यवहारकेँ जोड़ैत अछि; जिम्मेवार निकाय ग्रामीण वा शहरी क्षेत्र आ समस्याक प्रकारक अनुसार बदलि सकैत अछि।
संस्कृति: बाङ्गलादेशमे
बाङ्गलादेशमे संस्कृतिमे लोक अपन पहचान व्यक्त करैत छथि, इतिहासक स्मरण करैत छथि, धर्म आ भाषाक व्यवस्था करैत छथि, जीवनक चरणसभकेँ चिह्नित करैत छथि, परम्पराकेँ सुरक्षित रखैत छथि, कला रचैत छथि आ एक-दोसराक संग रहैत छथि। ई क्षेत्रसभ एक-दोसरासँ जुड़ल अछि, मुदा अलग-अलग संस्था, व्यवहार आ क्षेत्रीय अनुभवक अनुसरण करैत अछि। तेँ बाङ्गलादेशकेँ बुझबाक लेल केवल एकटा धार्मिक, भाषायी वा पर्व-आधारित वर्णन पर्याप्त नहि अछि।
Tip
बाङ्गलादेशमे संस्कृतिकेँ परस्पर जुड़ल मुदा अलग-अलग क्षेत्रक समूह मानू आ एकटा सामान्य लेबलपर निर्भर रहबाक बदला परिस्थिति अनुसार अपन ध्यानक केन्द्र चुनू। जखन सञ्चार, सहभागिता वा पहुँचपर प्रभाव पड़ैत हो, तखन भाषा, आस्था, इतिहास, जीवनक चरण, कलात्मक अभ्यास, परम्परा आ स्थानीय सह-अस्तित्वकेँ अलग-अलग जाँचू। व्यापक दृष्टिकोणसँ दिशा बुझबामे सहायता भेटैत अछि, जखन कि स्थानीय आ परिस्थिति-विशिष्ट जाँच भ्रामक निष्कर्षसँ बचबैत अछि।

