एस्वातिनी के मुख्य आपदा जोखिमों में सूखा, बाढ़, तूफान, पर्यावरणीय खतरे, चरम मौसम, आग, भूकंप और भूस्खलन शामिल हैं। सूखा विशेष रूप से गंभीर राष्ट्रीय जोखिम है; एल नीन्यो परिस्थितियों में ऐतिहासिक रूप से लुबोम्बो और शिसेलवेनी अधिक प्रभावित हुए हैं। बाढ़ और तूफान चारों क्षेत्रों—होहो, मनज़िनी, लुबोम्बो और शिसेलवेनी—को प्रभावित कर सकते हैं। 2021 में उष्णकटिबंधीय चक्रवात एलोइस ने चारों क्षेत्रों में 266 परिवारों, यानी 1,410 लोगों को प्रभावित किया। 2026 में सरकारी तूफान राहत खास तौर पर लुबोम्बो और शिसेलवेनी पर केंद्रित रही। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी, जिसे आम तौर पर NDMA कहा जाता है, मुख्य वैधानिक आपदा-प्रबंधन निकाय है। सार्वजनिक संदर्भों में राष्ट्रीय आपदा जोखिम प्रबंधन प्राधिकरण नाम भी इस्तेमाल हो सकता है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन विभाग, राष्ट्रीय आपातकालीन संचालन केंद्र और क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन समितियाँ समन्वय में सहायता करती हैं। उपप्रधानमंत्री कार्यालय, क्षेत्रीय प्रशासक और सचिव, इंखुंडला संरचनाएँ, इंदवुना येनखुंडला, बुकुफो और सामुदायिक स्वयंसेवक राष्ट्रीय कार्रवाई को स्थानीय समुदायों से जोड़ते हैं। 2006 का आपदा प्रबंधन अधिनियम मुख्य जिम्मेदारियाँ, आपात शक्तियाँ और आपदा प्रबंधन कोष स्थापित करता है। पर्यटन एवं पर्यावरण मामलों के मंत्रालय के अधीन एस्वातिनी मौसम सेवा राष्ट्रीय मौसम चेतावनी, दैनिक और मौसमी पूर्वानुमान, जलवायु बुलेटिन तथा कृषि-मौसम संबंधी जानकारी देती है। जल मामलों का विभाग बाढ़ पूर्वानुमान और पूर्व चेतावनी प्रणाली में सहायता करता है। एकीकृत बहु-खतरा पूर्व चेतावनी प्रणाली, स्वचालित मौसम केंद्र, लचीलापन रणनीति और जलवायु-प्रवास तथा पुनर्वास योजना सरकार के 2025–2028 कार्यक्रम में शामिल हैं, हालांकि इस कार्य के कुछ हिस्से अभी नियोजित हैं, पूरी तरह चालू नहीं। तैयारी में आधिकारिक पूर्वानुमान और चेतावनी पर नज़र रखना, पानी, टिकाऊ भोजन, दवाएँ, टॉर्च, बैटरियाँ और महत्वपूर्ण दस्तावेज़ तैयार रखना तथा इमारतों के आसपास ढीली वस्तुओं को सुरक्षित करना शामिल है। तूफान के दौरान घर के भीतर और खिड़कियों से दूर रहें। बाढ़ में ऊँची जगह जाएँ और बाढ़ के पानी में पैदल न चलें, न तैरें और न वाहन चलाएँ। मोबाइल बैटरी सीमित हो सकती है, इसलिए SMS या सोशल मीडिया से परिवार का संपर्क बनाए रखें। Phepha रिपोर्ट SMS से 112 पर या *112#1 के माध्यम से भेजी जा सकती है। स्थानीय प्राधिकरण, संसद सदस्य, इंदवुना येनखुंडला, बुकुफो और सामुदायिक स्वयंसेवक भी स्थानीय रिपोर्ट ले सकते हैं। तत्काल खतरे में NDMA की टोल-फ्री आपात सेवा के लिए 112, रॉयल एस्वातिनी पुलिस सेवा के लिए 999, अग्निशमन के लिए 933, आपात चिकित्सकीय सहायता के लिए 977 और उम्बुट्फो एस्वातिनी रक्षा बल के लिए 990 पर कॉल करें। सटीक स्थान, जोखिम में लोगों की संख्या, खतरे का प्रकार और दिखाई देने वाली क्षति बताएँ। 977 बचाव या चिकित्सकीय आपातस्थिति के आपदा-प्रतिक्रिया हिस्से के लिए है; सामान्य स्वास्थ्य मामले स्वास्थ्य व्यवस्था के अंतर्गत आते हैं। खतरा होने पर क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन समिति संभावित परिमाण और गंभीरता का आकलन करती है, NDMA को सूचित करती है, उसके निर्देशों के अनुसार चेतावनी देती है, प्रतिक्रिया एजेंसियों को सतर्क करती है, स्वयंसेवकों को सक्रिय करती है और उपयुक्त आकस्मिक या आपात योजना शुरू करती है। NDMA और राष्ट्रीय आपातकालीन संचालन केंद्र एस्वातिनी राष्ट्रीय अग्नि एवं आपात सेवा तथा अन्य भूमिका निभाने वालों के साथ समन्वय करते हैं। प्रतिक्रिया का समय घटना के प्रकार और गंभीरता के अनुसार बदलता है; आम जनता के लिए कोई सामान्य प्रतिक्रिया-समय गारंटी प्रकाशित नहीं है। आपात सहायता जरूरत और प्रभाव के आकलन के अनुसार दी जाती है। NDMA आपात सेवाओं, राहत और वस्तु भंडार का समन्वय करती है। क्षति और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर NDMA, बफालाली एस्वातिनी रेड क्रॉस, वर्ल्ड विज़न या अन्य संगठन तंबू, खाद्य पैकेट और छत सामग्री जैसी सहायता दे सकते हैं। आपदा प्रबंधन कोष राष्ट्रीय योजना, आपात राहत, बुनियादी ढाँचे और सेवाओं की बहाली तथा पात्र स्वयंसेवकों के मुआवज़े के लिए है। यह हर आपदा नुकसान के लिए हर व्यक्ति को सुनिश्चित सामान्य मुआवज़ा भुगतान स्थापित नहीं करता; उपलब्ध जानकारी में सामग्री सहायता के सीधे शुल्क निर्दिष्ट नहीं हैं। जहाँ जीवन खतरे में हों, क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन समिति निकासी की जरूरत NDMA के माध्यम से भेजती है और मंत्री अस्थायी आश्रयों में निकासी का आदेश दे सकते हैं। आपातस्थिति में प्रधानमंत्री या मंत्री आवाजाही सीमित कर सकते हैं, सड़कें बंद कर सकते हैं, आपूर्ति तक पहुँच सीमित कर सकते हैं या जल उपयोग नियंत्रित कर सकते हैं। पुलिस, रक्षा और अग्निशमन सेवाएँ लोगों को बचा सकती हैं, कानूनी अनुमति होने पर स्थानों में प्रवेश कर सकती हैं, सड़कें बंद कर सकती हैं और संसाधन माँग सकती हैं। राष्ट्रीय या क्षेत्रीय आपातकाल की श्रेणी प्रभावित क्षेत्र और उससे निपटने की क्षमता के अनुसार तय होती है; अधिनियम के तहत राष्ट्रीय घोषणा शुरुआती तौर पर अधिकतम दो महीने और क्षेत्रीय घोषणा अधिकतम एक महीने चल सकती है, जिसे एक महीने तक बढ़ाया जा सकता है। लोगों को वैध सार्वजनिक चेतावनियों और आपात आदेशों का पालन करना चाहिए। स्वयंसेवकों का पंजीकरण और पहचान-पत्र आवश्यक हो सकते हैं और उन्हें उचित निर्देश मानने होते हैं; अधिनियम निर्धारित परिस्थितियों में क्षतिपूर्ति और खर्च की प्रतिपूर्ति देता है। पुनर्बहाली जरूरत और प्रभाव के आकलन से राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण तक आगे बढ़ती है। प्राधिकरण आवश्यक बुनियादी ढाँचा और सेवाएँ बहाल करने, लचीले निर्माण और भवन संहिता मानकों को लागू करने तथा घटना के बाद प्रतिक्रिया का मूल्यांकन करने का लक्ष्य रखते हैं। घरों, सड़कों, जल निकासी, जल प्रणालियों, ऊर्जा, कृषि, स्वास्थ्य सुविधाओं और स्कूलों के जोखिम की जानकारी आपदा जोखिम डेटाबेस और स्थानीय योजना में उपयोग किए जाने वाले जोखिम-सम्पर्क डेटा से समर्थित है। जल नीति जलग्रहण क्षेत्र योजना, बाढ़ मैदान क्षेत्र-विनियोजन, जन सूचना और बाढ़ पूर्व चेतावनी प्रणालियों का भी समर्थन करती है। कमजोर संरचनात्मक डिज़ाइन और निर्माण मानकों का पालन न करने से तूफान तथा भारी बारिश का नुकसान बढ़ सकता है। एस्वातिनी में आपदा जोखिम प्रबंधन औपचारिक राष्ट्रीय व्यवस्था है, लेकिन व्यावहारिक सहायता स्थानीय परिस्थितियों, क्षति आकलन और उपलब्ध संसाधनों पर निर्भर रहती है।
एस्वातिनी में आपदाएँ
एस्वातिनी में आपदाओं में सूखा, बाढ़, तूफान, आग, भूकंप, भूस्खलन और पर्यावरणीय आपातस्थितियाँ शामिल हैं, जो लोगों, सेवाओं या बुनियादी ढाँचे के लिए गंभीर खतरा बनती हैं। आपदा प्रबंधन का राष्ट्रीय समन्वय 2006 के आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी (NDMA) करती है; क्षेत्रीय समितियाँ और सामुदायिक संरचनाएँ स्थानीय कार्रवाई में सहायता देती हैं। चेतावनी, आपात संपर्क, सहायता और पुनर्बहाली के उपाय खतरे और प्रभावित क्षेत्र पर निर्भर करते हैं।
सुझाव
चेतावनी आने से पहले एस्वातिनी में आपदाओं के लिए तैयारी करें: जरूरी सामान तैयार रखें, आधिकारिक जानकारी पर नज़र रखें और खतरे की रिपोर्ट करने का तरीका जानें। सुनिश्चित राहत या प्रतिक्रिया समय मानकर योजना न बनाएँ, क्योंकि सहायता आकलित क्षति और उपलब्ध संसाधनों पर निर्भर है; पहले लोगों की सुरक्षा करें और निकासी निर्देश जारी होने पर उनका पालन करें।

