लक्ज़मबर्ग में एक राष्ट्रीय आपराधिक न्याय व्यवस्था है, जिसका संचालन लक्ज़मबर्ग और Diekirch के न्यायिक जिलों के माध्यम से होता है। Code pénal अपराध और दंड तय करता है। Code d'instruction criminelle आपराधिक जाँच और कार्यवाही को नियंत्रित करता है। वैधता के सिद्धांत के अनुसार किसी व्यक्ति को केवल ऐसे आचरण के लिए दंडित किया जा सकता है जिसे किए जाने के समय कानून पहले से निषिद्ध करता था। crime पर आपराधिक दंड, délit पर सुधारात्मक दंड और contravention पर पुलिस दंड लगता है। crime का प्रयास दंडनीय है। délit का प्रयास केवल तभी दंडनीय है जब कानून स्पष्ट रूप से ऐसा कहता हो। किसी कानूनी व्यक्ति को उसके नाम या हित में किए गए crime या délit के लिए आपराधिक रूप से जिम्मेदार ठहराया जा सकता है; कार्रवाई करने वाले या उसमें शामिल व्यक्ति भी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार रह सकते हैं। Ministère public, जिसे आम तौर पर Parquet कहा जाता है, सार्वजनिक अभियोजन का निर्देश देता है और किसी भी समय तात्कालिक कार्रवाई का समन्वय कर सकता है। Police grand-ducale तथ्य जुटाती है, संदिग्धों की पहचान करती है, साक्ष्य सुरक्षित करती है, गिरफ्तारियाँ करती है और न्यायिक आदेश लागू करती है। विशेष DCPJ इकाइयों सहित Service de police judiciaire गंभीर या जटिल मामलों—जैसे संगठित अपराध, वित्तीय अपराध, यौन अपराध और साइबर अपराध—को संभालती है। शिकायत पुलिस या Parquet में दर्ज की जा सकती है। juge d'instruction प्रारंभिक औपचारिक जाँच (instruction préparatoire) कर सकता है; crimes में यह अनिवार्य और délits में वैकल्पिक है। पीड़ित जाँच न्यायाधीश के समक्ष partie civile के रूप में शामिल होने की शिकायत भी कर सकता है, हालांकि अदालत जमा राशि की माँग कर सकती है। Contraventions की सुनवाई सामान्यतः Tribunal de police करता है। Délits की सुनवाई आम तौर पर chambre correctionnelle करती है, जो सामान्यतः 8 दिन से 5 वर्ष तक कारावास, कम-से-कम EUR 251 का जुर्माना और अतिरिक्त उपाय दे सकती है। Crimes की सुनवाई chambre criminelle करती है; दंड में आजीवन कारावास या कम-से-कम 5 वर्ष की निश्चित अवधि का कारावास शामिल हो सकता है। ज़ब्ती, वाहन चलाने पर प्रतिबंध, पेशे या कारोबार संबंधी पाबंदियाँ और अन्य अधिकार-प्रतिबंध भी सज़ा के साथ लग सकते हैं। उपयुक्त मामलों में अदालत निलंबित सज़ा, सामुदायिक सेवा, इलेक्ट्रॉनिक निगरानी या सज़ा लागू करने का कोई दूसरा उपाय अपना सकती है। अनुपस्थिति में दिए गए निर्णय को आमतौर पर 15 दिन के भीतर opposition के माध्यम से चुनौती दी जा सकती है। सुधारात्मक मामले में सामान्य अपील की अवधि आम तौर पर 40 दिन होती है। आपराधिक cassation अपील असाधारण कानूनी समीक्षा है और इसकी अवधि एक महीना है। सटीक गणना इस बात पर निर्भर करती है कि निर्णय कब और कैसे तामील हुआ। पीड़ित अपराध की रिपोर्ट कर सकते हैं, अपनी समझ की भाषा में जानकारी पा सकते हैं, दुभाषिया या अनुवाद प्राप्त कर सकते हैं, कानूनी सहायता ले सकते हैं और partie civile के रूप में हर्जाना माँग सकते हैं। Service d'aide aux victimes सहायता दे सकती है। अपराधी भुगतान न कर सके तो न्याय मंत्रालय वैधानिक शर्तों के अधीन पीड़ित को मुआवज़ा दे सकता है। पुनर्स्थापनात्मक न्याय कार्यवाही से पहले, उसके दौरान या बाद में दिया जा सकता है, लेकिन आपराधिक अभियोजन की जगह नहीं लेता। किशोर न्याय व्यवस्था मुख्यतः 10 अगस्त 1992 के संशोधित कानून के तहत संरक्षण और शैक्षिक उपाय अपनाती है। उपायों में फटकार, शैक्षिक सहायता, बिना वेतन सामुदायिक काम, निगरानी में पारिवारिक देखभाल या विशेष केंद्र में रखना शामिल हो सकता है। किशोर का आपराधिक रिकॉर्ड सामान्य वयस्क रिकॉर्ड की तरह नहीं माना जाता। सड़क अपराधों में शराब के नशे में वाहन चलाना, परीक्षण से इनकार, खतरनाक गति से वाहन चलाना और वाहन चलाते समय मोबाइल इस्तेमाल करना शामिल है। सामान्य अल्कोहल सीमा सांस में 0.25 mg प्रति लीटर है, जबकि कुछ विशेष समूहों के लिए यह 0.1 mg है। 0.55 mg प्रति लीटर से कानून EUR 500 से EUR 10,000 तक जुर्माना, छह अंक, तत्काल ड्राइविंग लाइसेंस वापस लेना और 8 दिन से 3 वर्ष तक संभावित कारावास का प्रावधान करता है। धोखाधड़ी से सिस्टम में प्रवेश, फ़िशिंग, रैनसमवेयर, पहचान-संबंधी अपराध और भुगतान साधन से जुड़े अपराध डिजिटल-अपराध ढाँचे में आते हैं; विशेष साइबर अपराध इकाइयाँ उनकी जाँच कर सकती हैं।
लक्ज़मबर्ग में आपराधिक कानून
लक्ज़मबर्ग का आपराधिक कानून अपराधों को परिभाषित करता है, जिम्मेदारी तय करता है, जाँच और कार्यवाही को नियंत्रित करता है तथा दंड और अधिकार निर्धारित करता है। अपराधों को गंभीरता और लागू दंड के अनुसार crimes, délits या contraventions में वर्गीकृत किया जाता है। व्यवस्था में सामान्य अपराध, सड़क और डिजिटल अपराध, किशोर न्याय, पीड़ित संरक्षण और सज़ा का प्रवर्तन शामिल है।
सुझाव
आरोपित अपराध का वर्गीकरण शुरुआती बिंदु मानें, क्योंकि उसी से अदालत, संभावित दंड और अपील का रास्ता तय होता है। आरोपी होने पर अपने बचाव के अधिकार सुरक्षित रखें, हर समन या नियंत्रण उपाय का पालन करें और निर्णय की तामील की तारीख दर्ज करें। पीड़ित होने पर साक्ष्य सुरक्षित रखें, शिकायत दर्ज करें और तय करें कि partie civile के रूप में हर्जाना माँगना है या नहीं।

