फ़िजी की राजनीतिक व्यवस्था राज्य के नियमों को उस तरीके से जोड़ती है जिससे नागरिक संसदीय प्रतिनिधियों का चुनाव करते हैं। संसद का एक ही सदन है और वह राष्ट्रीय कानून-निर्माण तथा जाँच-पड़ताल का मुख्य निर्वाचित मंच है। कार्यपालिका सार्वजनिक नीति लागू करती और सरकारी सेवाओं का प्रबंधन करती है, जबकि न्यायपालिका संवैधानिक व्यवस्था के भीतर स्वतंत्र रूप से कानून लागू करती है। राष्ट्रपति राष्ट्राध्यक्ष हैं और प्रधानमंत्री संसद के समर्थन से सरकार का नेतृत्व करते हैं। संसदीय चुनाव एक देशव्यापी बहु-सदस्यीय निर्वाचन क्षेत्र का उपयोग करते हैं। यह व्यवस्था देशव्यापी खुली-सूची वाली आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली (open-list proportional representation) पर आधारित है। प्रत्येक मतदाता एक उम्मीदवार की संख्या पर निशान लगाता है, और निर्वाचन आयोग 5% की सीमा लागू करने के बाद डी’होंड्ट पद्धति (D’Hondt method) का उपयोग करके सीटें आवंटित करता है। मतदाताओं का पंजीकृत होना और सामान्यतः निर्धारित मतदान-स्थल पर मतदान करना आवश्यक है; परिभाषित परिस्थितियों में पूर्व-मतदान और डाक से मतदान उपलब्ध हैं। प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति चुनाव का रिट जारी करते हैं, इसलिए चार वर्ष की संसदीय अवधि के दौरान मतदान किसी एक स्थायी रूप से तय तारीख पर नहीं होता। फ़िजी की राजनीति में नगर निकायों और स्वदेशी फ़िजियन संस्थाओं (iTaukei) की भी भूमिका है। यह नाम स्वदेशी फ़िजियन लोगों को संदर्भित करता है, जिनकी संस्थाओं का सार्वजनिक और सामुदायिक मामलों में एक निर्धारित स्थान है। ये निकाय संसद, कार्यपालिका या अदालतों का स्थान नहीं लेते; वे अलग-अलग दायित्वों के साथ राष्ट्रीय संस्थाओं के साथ-साथ काम करते हैं। इसलिए फ़िजी की राजनीति को समझने के लिए संवैधानिक नियंत्रणों और चुनावी प्रतिनिधित्व—दोनों पर ध्यान देना आवश्यक है।
राजनीति — फ़िजी में
फ़िजी की राजनीति यह बताती है कि संवैधानिक संस्थाओं और चुनावों के माध्यम से सार्वजनिक सत्ता कैसे संगठित, प्रयुक्त और नवीकृत होती है। 2013 के संविधान के तहत फ़िजी एक धर्मनिरपेक्ष संवैधानिक गणराज्य है: संसद कानून बनाती और सरकार की जाँच करती है, कार्यपालिका सार्वजनिक मामलों का प्रशासन करती है, और न्यायपालिका कानून की व्याख्या तथा उसे लागू करती है। चुनाव संसद के 55 सदस्यों का निर्धारण करते हैं, जबकि नगर निकाय और स्वदेशी फ़िजियन संस्थाएँ भी सार्वजनिक दायित्व निभाती हैं।
सुझाव
फ़िजी की राजनीतिक व्यवस्था से काम लेते समय पहले यह पहचानें कि मामले पर वास्तव में निर्णय कौन-सी संस्था ले सकती है: संसद, कार्यपालिका, न्यायपालिका, नगर निकाय या स्वदेशी फ़िजियन संस्था। चुनावों के लिए अपना पंजीकरण और निर्धारित मतदान-स्थल पहले जाँच लें, और प्रतिनिधित्व को देशव्यापी सीट-आवंटन प्रणाली के आधार पर समझें, न कि किसी एक उम्मीदवार के परिणाम को पूरे परिणाम के रूप में।

