फ़िजी के राष्ट्रीय आम चुनाव में एकसदनीय संसद के 55 सदस्य चुने जाते हैं। पूरा देश एक बहुसदस्यीय निर्वाचन क्षेत्र है; अलग जातीय या क्षेत्रीय आरक्षित सीटें नहीं हैं। फ़िजी खुली सूची वाली आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली अपनाता है: मतदाता एक उम्मीदवार चुनता है, हर उम्मीदवार के वोट उसकी पार्टी के कुल वोटों में जुड़ते हैं और निर्वाचन आयोग डी’हॉन्ड्ट पद्धति से सीटें बाँटता है। सीट पाने के लिए दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों को देशव्यापी 5% सीमा तक पहुँचना होता है। निर्वाचन आयोग स्वतंत्र रूप से चुनाव व्यवस्था की निगरानी करता है, सीटों का ढाँचा तय करता है और परिणाम घोषित करता है। Supervisor of Elections और फ़िजी चुनाव कार्यालय मतदाता पंजीकरण, मतदाता शिक्षा, नामांकन, व्यवस्था, मतदान, मतगणना और अंतिम राष्ट्रीय परिणाम तालिका सँभालते हैं। वारंट वह औपचारिक आदेश है जिससे चुनाव शुरू होता है। राष्ट्रपति इसे प्रधानमंत्री की सलाह पर जारी करते हैं और परिणाम के बाद औपचारिक रूप से वापस प्राप्त करते हैं। आम चुनाव के बाद संसद की पहली बैठक से उसका कार्यकाल सामान्यतः चार वर्ष होता है, लेकिन फ़िजी में इस अवधि के भीतर मतदान का कोई निश्चित दिन नहीं है। 2026 के आम चुनाव के लिए वारंट जारी होने की सबसे शुरुआती संभावित तारीख 24 जून 2026 और सबसे देर की 24 दिसंबर 2026 है; संभावित मतदान अवधि 7 अगस्त 2026 से 6 फ़रवरी 2027 तक है। सटीक तारीख वारंट और चुनाव सूचना से तय होगी। चुनाव प्रचार अवधि 25 मई 2026 से शुरू होती है और मतदान दिवस से 48 घंटे पहले से लेकर मतदान बंद होने तक प्रचार निषिद्ध है। मतदाता फ़िजी का नागरिक और कम-से-कम 18 वर्ष का होना चाहिए तथा मतदान से पहले पंजीकृत होना चाहिए। कम-से-कम 12 महीने की जेल की सज़ा काट रहा व्यक्ति या कानूनी रूप से मानसिक विकार अथवा अस्वस्थचित्त पाया गया व्यक्ति बताई गई कानूनी शर्तों के तहत मतदान से वंचित है। पंजीकरण के लिए व्यक्ति को फ़िजी चुनाव कार्यालय या मतदाता सेवा केंद्र में स्वयं जाना होता है। सामान्य दस्तावेज़ हैं जन्म प्रमाणपत्र और वैध फोटो पहचान-पत्र, जैसे फ़िजी पासपोर्ट, Fiji National Provident Fund पहचान-पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, सामाजिक कल्याण पहचान-पत्र, कर पहचान संख्या कार्ड या छात्र पहचान-पत्र। विदेश में जन्मे व्यक्ति को नागरिकता, प्राकृतिककरण या पंजीकरण का प्रमाण, अथवा आव्रजन अधिकारियों की पुष्टि भी देनी पड़ सकती है। मतदाताओं का राष्ट्रीय रजिस्टर आधिकारिक मतदाता सूची है। दोहरा पंजीकरण गैरकानूनी है और निवास बदलने की सूचना तीन महीने के भीतर देनी चाहिए। वारंट जारी होने के बाद रजिस्टर और मतदान केंद्र का आवंटन सामान्यतः नहीं बदला जा सकता। जनता रजिस्टर देख सकती है और कारणों तथा वैधानिक घोषणा के साथ किसी अन्य व्यक्ति की प्रविष्टि पर आपत्ति कर सकती है। फ़िजी चुनाव कार्यालय आम तौर पर मतदाता को पंजीकृत आवासीय पते के सबसे निकट मतदान स्थल देता है। एक स्थल में कई मतदान केंद्र हो सकते हैं और स्थल खोजक आवंटित जगह बताता है। मतदान के दिन मतदाता स्थल नहीं बदल सकता। वैकल्पिक स्थल केवल तभी उपयोग किया जा सकता है जब व्यवधान या अप्रत्याशित घटना के कारण आवंटित स्थल उपलब्ध न हो। अग्रिम मतदान आम तौर पर मतदान दिवस से लगभग एक सप्ताह पहले होता है, विशेषकर दूरदराज़ क्षेत्रों के लोगों के लिए। डाक से मतदान विदेश में रहने वालों और लागू शर्तों के तहत स्वयं उपस्थित न हो सकने वालों के लिए उपलब्ध है। मतदान दिवस पर मतदान सामान्यतः सुबह 7:30 से शाम 6:00 बजे तक चलता है; शाम 6:00 बजे कतार में मौजूद लोगों का मतदान कराया जाता है। मतदाता कार्ड या वैध फोटो पहचान-पत्र दिखाता है, मतदाता सूची में जाँच कराता है, आवश्यक रिकॉर्ड पर हस्ताक्षर करता है, एक मतपत्र लेता है और चुने हुए उम्मीदवार का नंबर गोपनीय रूप से चिह्नित करता है। मतदान केंद्र के अंदर मोबाइल फोन निषिद्ध हैं। उम्मीदवार पंजीकृत राजनीतिक दल के माध्यम से या निर्दलीय खड़े हो सकते हैं। उम्मीदवार फ़िजी का नागरिक हो और उसके पास दूसरी नागरिकता न हो, मतदाता के रूप में पंजीकृत हो तथा सामान्यतः नामांकन से पहले कम-से-कम दो वर्ष फ़िजी में रहा हो। विदेश में सेवा कर रहे व्यक्ति को पिछले 24 महीनों में कम-से-कम 18 महीने का निवास होने पर पात्रता मिल सकती है। अन्य प्रतिबंधों में अवैतनिक दिवालियापन, नामांकन के समय हिरासत, हाल के संबंधित दोषसिद्धि, चुनाव कानून या मतदाता पंजीकरण संबंधी दोषसिद्धि और पिछले चार वर्षों में निर्वाचन आयोग की सदस्यता शामिल हैं। हर उम्मीदवार 1,000 डॉलर जमा करता है। निर्दलीय उम्मीदवार को 1,000 समर्थक भी देने होते हैं। नामांकन में जन्म प्रमाणपत्र और तस्वीर जमा करनी होती है। Supervisor of Elections समीक्षा के बाद आम तौर पर 24 से 48 घंटे में नामांकन को अस्थायी रूप से स्वीकार या अस्वीकार करते हैं। अस्वीकृत उम्मीदवार निर्वाचन आयोग में अपील कर सकता है। पंजीकृत मतदाता नामांकन पर आपत्ति कर सकता है; हर आपत्ति के लिए 100 डॉलर शुल्क है। नामांकन बंद होने के अगले दिन दोपहर तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकता है; नामांकन की समय-सीमा के बाद प्रतिस्थापन नहीं किया जा सकता। चुनाव दिवस के मतों की गिनती मतदान केंद्र पर होती है। अग्रिम और डाक मतों की गिनती राष्ट्रीय मतगणना केंद्र में होती है। फ़िजी चुनाव कार्यालय अंतिम राष्ट्रीय परिणाम तालिका निर्वाचन आयोग को भेजता है, जो सीटें बाँटता, परिणाम प्रकाशित करता और वारंट राष्ट्रपति को लौटाता है। 2022 के आम चुनाव में 693,915 मतदाता पंजीकृत थे, 473,910 वोट पड़े और मतदान 68.3% रहा। नौ दलों और दो निर्दलीयों के 343 उम्मीदवारों में से 55 सीटें भरी गईं; आधिकारिक अंतिम परिणाम 18 दिसंबर 2022 को जारी हुए और वारंट 19 दिसंबर 2022 को लौटाया गया। प्रक्रिया संबंधी शिकायत पीठासीन अधिकारी या फ़िजी चुनाव कार्यालय के पास उठाई जा सकती है। कोई दल या उम्मीदवार Supervisor of Elections या अन्य चुनाव अधिकारी के फैसले के बारे में आम तौर पर दो दिनों के भीतर निर्वाचन आयोग को लिखित शिकायत दे सकता है। स्वयं चुनाव परिणाम को चुनौती देने की सामान्य शिकायत फ़ॉर्म वाली प्रक्रिया नहीं है। इसके लिए Electoral Act के भाग 5 के तहत High Court में चुनाव याचिका देनी होती है, जो विवादित निर्वाचन न्यायालय के रूप में काम करता है; याचिका आम तौर पर दो दिनों के भीतर प्रतिवादी को तामील करनी होती है। मतदाताओं को मतदान शुल्क नहीं देना पड़ता, लेकिन उम्मीदवारों को नामांकन जमा राशि और आपत्ति करने वालों को आपत्ति शुल्क देना होता है। परिणाम के बाद राष्ट्रपति घोषणा के 14 दिनों के भीतर संसद बुलाते हैं। आधे से अधिक सीटें पाने वाला दल सरकार बनाता है और उसका नेता प्रधानमंत्री बनता है। यदि किसी दल को बहुमत समर्थन न मिले तो संसद अधिकतम तीन मतदान कर सकती है; हर मतदान पिछले मतदान के 24 घंटे के भीतर होना चाहिए। बहुमत न बनने पर अध्यक्ष राष्ट्रपति को सूचित करते हैं; राष्ट्रपति को 24 घंटे के भीतर संसद भंग करके नया वारंट जारी करना होता है। निर्वाचन आयोग और फ़िजी चुनाव कार्यालय स्थानीय सरकार और औद्योगिक चुनाव भी कराते हैं, लेकिन औद्योगिक चुनाव सामान्य जनता के जनादेश का चुनाव नहीं करते।
फ़िजी में चुनाव
फ़िजी एकसदनीय संसद के 55 सदस्यों का चुनाव एक देशव्यापी बहुसदस्यीय निर्वाचन क्षेत्र में खुली सूची वाली आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली से करता है। हर मतदाता ठीक एक उम्मीदवार का नंबर चिह्नित करता है और निर्वाचन आयोग 5% सीमा लागू करने के बाद डी’हॉन्ड्ट पद्धति से सीटें बाँटता है। मतदान के लिए पंजीकरण ज़रूरी है और मतदान निर्धारित केंद्रों पर होता है; तय परिस्थितियों में अग्रिम और डाक से मतदान के विकल्प हैं। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री की सलाह पर चुनाव का वारंट जारी करते हैं, इसलिए चार-वर्षीय संसदीय कार्यकाल के भीतर आम चुनाव की कोई निश्चित मतदान तारीख नहीं होती।
सुझाव
फ़िजी के चुनाव को समय-सीमाओं के प्रति संवेदनशील प्रक्रिया मानें: वारंट जारी होने के बाद बदलाव बंद होने से पहले पंजीकरण, आवंटित मतदान स्थल और स्वीकार्य पहचान-पत्र जाँच लें। यदि आप निर्धारित केंद्र जा सकते हैं तो चुनाव-दिवस मतदान चुनें; अन्यथा अपनी स्थिति के अनुसार अग्रिम या डाक मतदान देखें और मतपत्र पर केवल एक उम्मीदवार का नंबर चिह्नित करें। उम्मीदवार बनने या चुनाव अधिकारी के फैसले को चुनौती देने पर हर दस्तावेज़ सुरक्षित रखें और छोटी समय-सीमाओं के भीतर कार्रवाई करें।

