नॉर्वे में राष्ट्रीय संसदीय चुनाव, जिन्हें स्टॉर्टिंग्सवाल्ग (Stortingsvalg) कहा जाता है, नियमित चार-वर्षीय चक्र पर होते हैं। नगरपालिकाओं और काउंटियों के स्थानीय चुनाव भी होते हैं, जिन्हें आम तौर पर कोम्मुनेवाल्ग (kommunevalg) और फ्युल्केस्टिंग्सवाल्ग (fylkestingsvalg) कहा जाता है। इन चुनावों की जिम्मेदारियाँ और पात्रता के नियम अलग हैं। स्टॉर्टिंग्सवाल्ग में मतदाता निर्वाचन क्षेत्रों की पार्टी सूचियों में से चुनते हैं। नतीजा मुख्यतः आनुपातिक प्रतिनिधित्व पर आधारित होता है, यानी दलों को आम तौर पर अपने समर्थन के अनुपात में सीटें मिलती हैं। राष्ट्रीय नतीजों में देश के अलग-अलग हिस्सों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए भी व्यवस्थाएँ शामिल हैं। स्टॉर्टिंग का चुनावी कार्यकाल तय होता है और नॉर्वे आम तौर पर कुछ अन्य संसदीय देशों की तरह समय से पहले राष्ट्रीय चुनाव नहीं कराता। नतीजे के बाद दल समर्थन के लिए बातचीत करते हैं और सरकार को निर्वाचित स्टॉर्टिंग के साथ काम करने में सक्षम होना चाहिए। स्थानीय चुनावों में कोम्मुनेस्ट्यरे और फ्युल्केस्टिंग के प्रतिनिधि चुने जाते हैं। नगरपालिका परिषदें कई स्थानीय मामले तय करती हैं, जबकि काउंटी परिषदों की जिम्मेदारियाँ क्षेत्रीय होती हैं। इसलिए स्थानीय चुनावों के विकल्प स्कूलों, परिवहन, योजना, संस्कृति और रोज़मर्रा की जिंदगी से जुड़ी अन्य सेवाओं को प्रभावित कर सकते हैं। मतदान गोपनीय होता है। मतदाता आम तौर पर किसी दल या सूची को चुनकर अपनी पसंद की पुष्टि करने की आधिकारिक प्रक्रिया का पालन करता है। राष्ट्रीय संसदीय चुनावों की तुलना में स्थानीय चुनावों में व्यक्तिगत उम्मीदवारों या नामों के क्रम को प्रभावित करने के अधिक अवसर हो सकते हैं। कानूनी शर्तें पूरी करने वाले नॉर्वेजियन नागरिक स्टॉर्टिंग्सवाल्ग में मतदान कर सकते हैं। स्थानीय चुनावों में पात्र गैर-नॉर्वेजियन नागरिक भी मतदान कर सकते हैं, यदि वे निवास और पंजीकरण के नियम पूरे करते हों। मतदान का सटीक अधिकार चुनाव और व्यक्ति की कानूनी स्थिति पर निर्भर करता है। चुनाव से पहले पात्र मतदाताओं को आधिकारिक मतदाता सूची में शामिल किया जाता है। सामान्य मतदान अवधि के दौरान ही नहीं, उससे पहले भी मतदान संभव हो सकता है। मतदाताओं को स्थानीय चुनाव प्राधिकरण के निर्देशों का पालन करना चाहिए और वहाँ माँगी गई स्वीकार्य पहचान या जानकारी साथ लानी चाहिए। मतदान समाप्त होने पर अधिकारी मतपत्र गिनते हैं और नतीजा प्रकाशित करते हैं। चुनावी नियमों के अनुसार सीटें बाँटी जाती हैं और निर्वाचित निकाय गठित होते हैं। इसके बाद गठबंधन, समझौते और अल्पमत सरकारें बन सकती हैं, क्योंकि मतदाता संसद या परिषद चुनते हैं, आम तौर पर सीधे राष्ट्रीय नेता नहीं। चुनाव प्रभाव डालने का अवसर देते हैं, लेकिन हर मुद्दे का सीधा फैसला नहीं करते। दल अपने कार्यक्रम और प्राथमिकताएँ तय करते हैं, जबकि निर्वाचित प्रतिनिधि आगे चलकर बजट, कानून और समझौतों पर बातचीत करते हैं। नागरिक चुनावों के बीच भी सार्वजनिक बैठकों, संगठनों, परामर्शों, प्रतिनिधियों से संपर्क और कानूनसम्मत लोकतांत्रिक भागीदारी के जरिए राजनीति को प्रभावित कर सकते हैं। इसकी मुख्य सीमाएँ यह हैं कि एक वोट किसी खास नीति की गारंटी नहीं देता और प्रणाली जनसंख्या के समर्थन तथा भौगोलिक प्रतिनिधित्व के बीच संतुलन बनाती है। इसलिए उपयोगी मतदाता दलों के रुख की तुलना करता है, जाँचता है कि किस स्तर की सरकार के पास अधिकार है और राष्ट्रीय सिद्धांतों के साथ स्थानीय नतीजों पर भी विचार करता है।
नॉर्वे में चुनाव
नॉर्वे में चुनाव राष्ट्रीय स्टॉर्टिंग और स्थानीय परिषदों के प्रतिनिधि चुनते हैं। नॉर्वे मुख्यतः आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली का उपयोग करता है, इसलिए दलों को उनके मत-हिस्से के अनुपात में सीटें मिलती हैं। यह प्रणाली मतदाताओं को राष्ट्रीय, नगरपालिका और काउंटी के फैसलों को नियमित रूप से प्रभावित करने का अवसर देती है।
सुझाव
नॉर्वे में सोच-समझकर मतदान करने के लिए पहले तय करें कि आपका मुद्दा स्टॉर्टिंग, नगरपालिका या काउंटी से जुड़ा है। अपने सबसे महत्वपूर्ण मुद्दे के आधार पर कुछ दलों के कार्यक्रमों की तुलना करें, फिर चुनाव अवधि से पहले अपनी मतदान पात्रता और व्यावहारिक निर्देश जाँचें। आपका वोट गोपनीय है और कोई भी दल आपके सभी विचारों से मेल न खाए, तब भी मतदान उपयोगी है।

