किरिबाती के श्रम-बाज़ार में सीमित औपचारिक क्षेत्र के साथ अनौपचारिक रोज़गार, घरेलू उत्पादन और द्वीपों पर आधारित आजीविका शामिल हैं। 2019/20 घरेलू आय और व्यय सर्वेक्षण ने 15 वर्ष या उससे अधिक आयु के 76,910 लोग, 35.8% श्रम-बल भागीदारी, 25,172 नियोजित लोग और लगभग 8.6% बेरोज़गारी दर्ज की। 2020 की जनगणना ने अलग आयु और मापन समूहों का उपयोग किया; उसमें 15 से 64 वर्ष के लोगों की भागीदारी 54%, नियोजित लोगों की संख्या 30,110 और बेरोज़गारी 11.3% दर्ज हुई। इन आँकड़ों की सीधे तुलना नहीं की जा सकती। युवा बेरोज़गारी 22.5% थी और 15 से 24 वर्ष के 49.8% लोग न काम में थे, न शिक्षा या प्रशिक्षण में। घरेलू आय और व्यय सर्वेक्षण के आँकड़ों में अनौपचारिक रोज़गार 47.6% था। सर्वेक्षण के क्षेत्र-वर्गीकरण में सेवाओं का रोज़गार में हिस्सा लगभग 74.2% है। कृषि, वानिकी और मत्स्य-क्षेत्र का लगभग 16.9% तथा उद्योग का 8.9% है। सार्वजनिक क्षेत्र औपचारिक रोज़गार का एक केंद्रीय स्रोत है, खासकर दक्षिण तरावा में। मत्स्य-क्षेत्र किरिबाती के विशेष आर्थिक क्षेत्र में अपतटीय गतिविधियों, तटीय मछली पकड़ने, जल-कृषि, प्रसंस्करण और तरावा तथा किरितिमाती के आसपास माल-स्थानांतरण को सहारा देता है। जनगणना की जानकारी में आधे से अधिक परिवार मछली पकड़ने में सक्रिय दर्ज हुए। बाहरी द्वीप कृषि, पशुपालन, मछली पकड़ने, हस्तशिल्प और निर्वाह-संबंधी गतिविधियों पर अधिक निर्भर हैं। पर्यटन विविधीकरण का क्षेत्र है, लेकिन बाज़ार का आकार, परिवहन, बुनियादी ढाँचा और दूरी निजी क्षेत्र की माँग सीमित करते हैं। दक्षिण तरावा में सबसे बड़ा औपचारिक और सार्वजनिक रोज़गार-बाज़ार है, लेकिन नौकरी खोजने का दबाव भी अधिक है। 2020 की जनगणना में दक्षिण तरावा की बेरोज़गारी 15.3%, उत्तरी द्वीपों की 9.0%, मध्य द्वीपों की 4.5%, दक्षिणी द्वीपों की 5.2% और लाइन तथा फीनिक्स द्वीपों की 9.4% दर्ज हुई। किरितिमाती शहरी विकास और बुनियादी ढाँचे का केंद्र है, जहाँ पर्यटन और मत्स्य-क्षेत्र से जुड़े अवसर हैं। अन्य द्वीपों के बाज़ार छोटे हैं और स्थानीय क्षेत्रों तथा परिवहन संपर्कों पर काफी निर्भर करते हैं। उपलब्ध प्रमाण में क्षेत्र के अनुसार एकसमान वेतन या नौकरी दिलाने की व्यवस्था स्थापित नहीं हुई है। रोज़गार और मानव संसाधन मंत्रालय (Ministry of Employment and Human Resources, MEHR) का श्रम प्रभाग श्रम-बाज़ार का मुख्य सार्वजनिक प्राधिकरण है। इसके काम में श्रम-बाज़ार की जानकारी, रोज़गार सेवाएँ, विदेशी भर्ती, श्रम-कानून का प्रशासन और कार्यस्थल सुरक्षा शामिल हैं। LMIM सेवा श्रम-बाज़ार की जानकारी, करियर के रास्ते और नौकरी दिलाने में मदद देती है। राष्ट्रीय रोज़गार समन्वय समिति और संबंधित सेवाएँ (National Coordinating Committee for Employment and related services, NCCEC) राष्ट्रीय रोज़गार रजिस्ट्री, करियर परामर्श और सार्वजनिक नौकरी दिलाने की सुविधा के माध्यम से युवाओं के लिए एक ही जगह पर सेवाएँ देती हैं। द्वीप परिषद पंजीकरण और स्थानीय चयन में मदद कर सकती है। विदेशी रोज़गार इकाई विदेशी योजनाओं की भर्ती संभालती है; कामगार अधिकार इकाई श्रम कानून, निरीक्षण और भर्ती एजेंसियों से, जबकि व्यावसायिक सुरक्षा और स्वास्थ्य इकाई कार्यस्थल सुरक्षा से संबंधित है। लोग NCCEC सेवाओं, राष्ट्रीय रोज़गार रजिस्ट्री, MEHR रिक्तियों, द्वीप परिषदों और लाइसेंस प्राप्त भर्ती एजेंसियों के माध्यम से रिक्तियाँ दर्ज कर सकते हैं या नौकरी पाने में मदद ले सकते हैं। औपचारिक पहुँच नियोक्ता और योजना के अनुसार अलग होती है। भर्ती एजेंसियों को भर्ती लाइसेंस चाहिए। औपचारिक रोज़गार के लिए लिखित अनुबंध आवश्यक है। नियमित काम का समय सामान्यतः प्रतिदिन आठ और सप्ताह में 40 घंटे तक सीमित है, साथ में कम से कम 12 घंटे का दैनिक और 48 घंटे का साप्ताहिक विश्राम मिलता है। वेतन-पर्ची में वेतन दर, किरिबाती भविष्य निधि अंशदान, कर, सकल और शुद्ध वेतन दिखना चाहिए। वैधानिक कटौती के लिए आम तौर पर सहमति चाहिए और वह वेतन-अवधि के एक-तिहाई से अधिक नहीं हो सकती। रोज़गार और औद्योगिक संबंध संहिता 2015 में निजी क्षेत्र और निजी निर्माण के लिए AUD 1.30 प्रति घंटा तथा विदेशी-वित्तपोषित परियोजनाओं और निर्माण के लिए AUD 3.00 प्रति घंटा की न्यूनतम दरें दी गई हैं। लागू नियम और रोज़गार व्यवस्था जाँचकर ही इन दरों पर भरोसा करें, क्योंकि मौजूदा वेतन वितरण के पर्याप्त आँकड़े उपलब्ध नहीं हैं। सार्वजनिक क्षेत्र का वेतन किरिबाती वेतन-सारणी के अनुसार होता है, लेकिन वास्तविक वेतन के अद्यतन वितरण की जानकारी शोध में उपलब्ध नहीं थी। शिक्षा और कौशल की माँग में समान मेल नहीं है। घरेलू आय और व्यय सर्वेक्षण के नियोजित लोगों में 75.6% ने माध्यमिक, 7.7% ने तृतीयक और 14.6% ने प्राथमिक शिक्षा प्राप्त की थी; 1.1% ने प्राथमिक से कम शिक्षा प्राप्त की थी। MEHR शैक्षणिक पढ़ाई के साथ तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा तथा प्रशिक्षण को प्राथमिकता देता है। किरिबाती प्रौद्योगिकी संस्थान और समुद्री प्रशिक्षण केंद्र तकनीकी, समुद्री और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपयोगी योग्यताएँ देते हैं। खासकर विशिष्ट मत्स्य और तकनीकी कामों में कौशल की कमी बताई गई है। प्रायोजन, व्यावसायिक मार्गदर्शन और कौशल उपलब्धता की जानकारी पहुँच को प्रभावित कर सकती है, लेकिन MEHR, KIT और समुद्री प्रशिक्षण केंद्र के दर्ज कार्यों से आगे कोई अलग राष्ट्रीय मान्यता प्राधिकरण स्थापित नहीं हुआ। सीमित घरेलू माँग की भरपाई विदेशी श्रम गतिशीलता करती है। MEHR की विदेशी रोज़गार इकाई न्यूज़ीलैंड की मान्यता प्राप्त मौसमी नियोक्ता योजना, ऑस्ट्रेलिया की प्रशांत ऑस्ट्रेलिया श्रम गतिशीलता और मौसमी कामगार कार्यक्रम तथा न्यूज़ीलैंड की सीलॉर्ड योजना सहित रास्ते चलाती है। दर्ज गंतव्य क्षेत्रों में वृद्ध देखभाल, कृषि, मांस प्रसंस्करण, आतिथ्य, बागवानी और मत्स्य-क्षेत्र शामिल हैं। आम तौर पर प्रक्रिया में द्वीप परिषद में पंजीकरण और प्रारंभिक चयन, विदेशी रोज़गार इकाई की जाँच, अंतिम चयन, KIT या समुद्री प्रशिक्षण केंद्र में प्रस्थान-पूर्व प्रशिक्षण, यात्रा की व्यवस्था, कामगार से संपर्क और लौटने के बाद चर्चा शामिल होती है। आवेदन ID ज़रूरी है और अधूरे आवेदन को अधूरा चिह्नित किया जाता है। आवेदन शुल्क का प्रमाणित विवरण नहीं मिला, लेकिन यात्रा और काम शुरू कराने के खर्च योजना पर निर्भर करते हैं। कामगार सुरक्षा और पुनःएकीकरण की व्यवस्थाएँ विकसित हो रही हैं; संभावित, मौजूदा और लौटने वाले कामगारों तथा उनके परिवारों के लिए एक ही जगह सहायता सेवा प्रस्तावित है। उद्धृत MEHR जानकारी में तीन वर्षों में 10 प्रशांत ऑस्ट्रेलिया श्रम गतिशीलता नियोक्ता, छह से नौ महीने के लिए 15 मौसमी कामगार कार्यक्रम नियोक्ता, छह से नौ महीने के लिए 13 मान्यता प्राप्त मौसमी नियोक्ता और छह से नौ महीने के लिए एक सीलॉर्ड नियोक्ता सूचीबद्ध थे। उसी जानकारी में 118 PLS कामगार, 359 SWP कामगार, 363 RSE कामगार और 18 सीलॉर्ड कामगार बताए गए, लेकिन पृष्ठ की तारीख नहीं दी गई थी। कोविड-19 सीमा-बंदियों के दौरान श्रम गतिशीलता घटी और 2022 तथा 2023 में फिर बढ़ी। विदेश से भेजी गई धनराशि GDP के लगभग 12% से घटकर 8% हुई; 2023 के लिए लगभग 10% बताया गया। किरिबाती की 2025–2029 नीति दिशा युवा बेरोज़गारी, अनौपचारिक काम, लैंगिक अंतर, कौशल-असंगति, नौकरी सृजन, गरिमापूर्ण काम, समावेशी विकास, नियोक्ता-नेतृत्व वाले सुधार, पारदर्शी प्रदर्शन प्रणालियों और विवाद प्रक्रियाओं पर केंद्रित है। मत्स्य विविधीकरण, जल-कृषि, प्रसंस्करण, डिजिटल बुनियादी ढाँचा और बाहरी द्वीपों की आजीविका भविष्य के श्रम-बाज़ार विकास से जुड़े हैं।
किरिबाती में श्रम-बाज़ार
किरिबाती में छोटे औपचारिक श्रम-बाज़ार के साथ बड़ा अनौपचारिक और निर्वाह-आधारित कामकाज भी है। सेवाओं में सबसे अधिक रोज़गार है, जबकि सार्वजनिक प्रशासन, मत्स्य-क्षेत्र, कृषि, निर्माण और पर्यटन द्वीपों पर अवसर तय करते हैं। नौकरियाँ मुख्यतः दक्षिण तरावा और किरितिमाती में केंद्रित हैं; घरेलू माँग सीमित होने के कारण विदेश में श्रम गतिशीलता रोज़गार का एक प्रमुख रास्ता है।
सुझाव
किरिबाती के श्रम-बाज़ार में स्थानीय अवसरों और विदेशी रोज़गार के रास्तों के बीच सोच-समझकर चुनें। लिखित रास्ते को प्राथमिकता दें, अनुबंध और वेतन की पुष्टि करें और यात्रा या काम शुरू कराने के वास्तविक खर्च समझें; काम के अनौपचारिक वादे पर भरोसा न करें।

