मानेबा नि माउंगाताबु किरिबाती की एक-सदनीय संसद है। वर्तमान परिचालन संरचना में 23 निर्वाचन जिलों की 44 सीधे चुनी गई सीटें और बनाबा की एक नामित सीट है, यानी सदन में 45 सदस्य हैं। संविधान और वर्तमान चुनाव व्यवस्था कुछ प्रावधानों में गठन का अलग-अलग वर्णन करते हैं, इसलिए किसी खास चुनाव के लिए लागू नियम और आधिकारिक चुनाव सूचनाएँ निर्णायक होती हैं। चुनाव आयोग चुनावों का प्रशासन करता है। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त और बेरिटिटेंटी द्वारा मंत्रिमंडल की सलाह पर नियुक्त दो से चार अन्य आयुक्त होते हैं। आयोग स्वतंत्र है; मुख्य चुनाव अधिकारी और जिला चुनाव अधिकारी चुनाव कराने का व्यावहारिक काम सँभालते हैं। राष्ट्रपति चुनाव की निगरानी मुख्य न्यायाधीश करते हैं। किरिबाती के नागरिक 18 वर्ष की उम्र से मतदान कर सकते हैं, यदि वे निर्वाचन जिले में रहते हों और मतदाता सूची में दर्ज हों। जन्म और जनसंख्या रिकॉर्ड के जरिए पंजीकरण आम तौर पर स्वतः होता है। सामान्यतः मतदाता को संबंधित वार्ड में कम से कम एक महीना रहना चाहिए और वह केवल एक वार्ड में पंजीकृत हो सकता है। वार्ड बदलने के लिए निर्धारित फॉर्म और शुल्क चाहिए; छह महीनों के भीतर फिर से बदलाव नहीं किया जा सकता। जिले से लगातार 12 महीने अनुपस्थित रहने पर नाम सूची से हट सकता है। कम से कम 12 महीने की जेल की सजा काट रहा व्यक्ति, अदालत द्वारा अस्वस्थ मस्तिष्क का पाया गया व्यक्ति या चुनाव-संबंधी कारण से अयोग्य व्यक्ति मतदान नहीं कर सकता। संसद के उम्मीदवार किरिबाती के नागरिक और कम से कम 21 वर्ष के होने चाहिए। प्रत्येक उम्मीदवार को तीन पंजीकृत मतदाताओं का नामांकन चाहिए और वह केवल एक निर्वाचन जिले से खड़ा हो सकता है। नामांकन में उम्मीदवार का पूरा नाम, पता, परिचय और योग्यता का प्रमाणन देना होता है। अयोग्यता के कारणों में विदेशी निष्ठा, कुछ कारावास या मृत्युदंड की स्थितियाँ, चुनाव-संबंधी पद, निर्दिष्ट सार्वजनिक पद, कम से कम पाँच साल की कैद वाले अपराध की सजा, पिछले सात वर्षों में धोखाधड़ी या यौन अपराध, सरकार की तीन शाखाओं में से किसी में पूर्णकालिक वेतनभोगी नौकरी या स्थानीय परिषद की सदस्यता शामिल हो सकती है। देखे गए स्रोत नामांकन शुल्क नहीं बताते। चुनाव सूचना जारी होने के बाद नामांकन कम से कम सात दिनों तक खुले रहने चाहिए और मतदान कम से कम 28 दिन बाद होना चाहिए। नामांकन बंद होने के 48 घंटों के भीतर उम्मीदवारों की सूची प्रकाशित होती है। उम्मीदवार मतदान से पहले के दिन शाम 4 बजे तक नाम वापस ले सकता है। यदि उम्मीदवारों की संख्या सीटों के बराबर या उससे कम हो, तो बिना प्रतिस्पर्धी मतदान के उन्हें निर्वाचित घोषित किया जा सकता है। संसद आम तौर पर अपनी पहली बैठक से चार साल तक चलती है। भंग होने के तीन महीनों के भीतर आम चुनाव होना चाहिए; सीट खाली होने के तीन महीनों के भीतर उपचुनाव होना चाहिए। संसदीय जिले में मतदाता उपलब्ध सीटों की संख्या से अधिक उम्मीदवारों को वोट नहीं दे सकता और प्रत्येक उम्मीदवार को एक से अधिक वोट नहीं दे सकता। गिने गए मतपत्रों में आधे से अधिक पाने वाला उम्मीदवार पहले दौर में निर्वाचित होता है। बची हुई सीटें चुनाव विनियमों के तहत आगे चल रहे उम्मीदवारों के बीच दूसरे दौर में तय हो सकती हैं। मतदान गुप्त है और आधिकारिक मतदान प्रक्रिया के अनुसार होता है। 2024 में पहला दौर 14 अगस्त और दूसरा दौर 19 अगस्त को हुआ। आधिकारिक पहले दौर की तालिका में 52,978 पंजीकृत मतदाता और डाले गए 28,431 वोट दर्ज थे—लगभग 53.7 प्रतिशत मतदान। 2024 के मतपत्र पर किरिबाती के उम्मीदवार किसी औपचारिक दल से संबद्ध नहीं दिखाए गए। राजनीतिक दल फिर भी संसद की सीटें तय होने के बाद सहित, मतदान प्रारूप के बाहर संगठित होकर राजनीति को प्रभावित कर सकते हैं। चुनाव प्रचार में रिश्वत, मतदाताओं को अनुचित लाभ देना, झूठे बयान तथा मतपत्र या मतपेटी से छेड़छाड़ प्रतिबंधित हैं और इनके कारण आपराधिक दंड या चुनाव रद्द हो सकता है। म्वेका, मोआनेई या रिरिवेते जैसे अधिकतम $20 के प्रथागत उपहार, केवल किरिबाती प्रथा के अनुसार दिए जाने के कारण रिश्वत नहीं माने जाते। उम्मीदवार या दल के प्रतीक मतदान भवन के भीतर और प्रवेश-द्वार से 50 मीटर के भीतर प्रतिबंधित हैं; सार्वजनिक समर्थन भाषण 200 मीटर के भीतर नहीं दिए जा सकते। गिनती के बाद चुनाव अधिकारी परिणाम घोषित करता है। चुनाव की वैधता और सदस्यता के विवाद उच्च न्यायालय तय करता है। परिणाम प्रकाशित होने के एक महीने के भीतर आम तौर पर चुनाव याचिका दायर करनी होती है; जहाँ व्यावहारिक हो, अदालत को तीन महीनों में निर्णय देना चाहिए। भ्रष्ट आचरण चुनाव को अमान्य कर सकता है। जिले के मतदाताओं के पिछले चुनाव में पंजीकृत बहुमत के समर्थन वाला याचिका-पत्र अध्यक्ष को देकर सदस्य को वापस बुलाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। इसके बाद चुनाव आयोग जनमत-संग्रह कराता है; सदस्य हटाने के लिए मतदान के पात्र मतदाताओं का बहुमत आवश्यक है। वापस बुलाया गया पद खाली हो जाता है और तीन महीनों में भरा जाना चाहिए। चुनाव के बाद पहले छह महीनों में या असफल जनमत-संग्रह के बाद वापस बुलाने की कार्रवाई पर रोक है। राष्ट्रपति चुनाव के लिए अध्यक्ष चुने जाने के बाद मानेबा अपने ही सदस्यों में से तीन या चार उम्मीदवार नामित करता है। आम चुनाव वाले मतदाता फिर सीधे मतदान करते हैं; मुख्य न्यायाधीश निगरानी और चुनाव आयोग संचालन करता है। परिणाम घोषित होने पर विजयी उम्मीदवार राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख दोनों बनता है और अधिकतम तीन कार्यकाल पद पर रह सकता है। मंत्रिमंडल संसद सदस्यों से बनता है। मानेबा के सभी सदस्यों के बहुमत से अविश्वास प्रस्ताव पारित होने पर संसद भंग होती है। 2024 में संसदीय चुनाव 14 और 19 अगस्त को हुआ, संसद की पहली बैठक 13 सितंबर को हुई और उसने राष्ट्रपति पद के लिए चार उम्मीदवार नामित किए। राष्ट्रपति चुनाव 25 अक्टूबर को हुआ, जिसमें तनेती मामाउ तीसरे कार्यकाल के लिए फिर चुने गए। पाँच महिलाएँ संसद के लिए चुनी गईं। संसद का नियमित कार्यकाल 13 सितंबर 2024 की पहली बैठक से गिना जाता है, संवैधानिक और विघटन संबंधी नियमों के अधीन।
किरिबाती में चुनाव
किरिबाती में मानेबा नि माउंगाताबु के लिए संसदीय चुनाव और बेरिटिटेंटी यानी राष्ट्रपति (जो सरकार प्रमुख भी हैं) का अलग चुनाव होता है। 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के नागरिक मतदान कर सकते हैं, यदि वे पंजीकृत हों और संबंधित निर्वाचन जिले में रहते हों। संसदीय मतदान में संशोधित दो-दौर प्रणाली है; संसद द्वारा नामित उम्मीदवारों में से राष्ट्रपति सीधे चुना जाता है।
सुझाव
किरिबाती में चुनावों में भाग लेने के लिए चुनाव आयोग की आधिकारिक सूचनाओं और अपने जिले की मतदाता सूची को आधार मानें। अपनी वार्ड, पात्रता और चुनाव की तारीखें पहले जाँचें तथा संसदीय मतदान, राष्ट्रपति चुनाव, प्रचार और कानूनी चुनौती के अलग-अलग नियमों का पालन करें।

