संवैधानिक राजतंत्र में वंशानुगत राजा और संविधान द्वारा संगठित तथा सीमित सरकारी शक्तियां साथ-साथ होती हैं। कंबोडिया में राजा राज्य का प्रतिनिधित्व करते हैं और शासन चलाए बिना राज्य करते हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली शाही सरकार (Royal Government) कार्यकारी प्रशासन और सार्वजनिक नीति का संचालन करती है। राष्ट्रीय सभा (National Assembly) और सीनेट (Senate) विधायिका बनाते हैं। राष्ट्रीय सभा राष्ट्रीय चुनावों के माध्यम से चुनी जाती है, जबकि सीनेट निर्वाचित प्रतिनिधियों और नियुक्त सदस्यों को शामिल करने वाली अप्रत्यक्ष निर्वाचन प्रक्रिया से चुनी जाती है। संविधान एक स्वतंत्र न्यायपालिका का प्रावधान करता है, जो न्यायालयों के माध्यम से कानून की व्याख्या और उसका अनुप्रयोग करती है। कंबोडिया में क्षेत्रीय प्रशासन के भी कई स्तर हैं। इनमें प्रांत और नगरपालिकाएं, जिले और खान (khan), कम्यून और संगकट (sangkat), तथा गांव शामिल हैं। इसलिए चुनाव राष्ट्रीय प्रतिनिधित्व और स्थानीय परिषदों, दोनों से संबंधित होते हैं। राष्ट्रीय निर्वाचन समिति (National Election Committee), जिसे आम तौर पर NEC कहा जाता है, मतदाता पंजीकरण, मतदान, मतगणना और चुनावी शिकायतों का प्रशासन करती है। 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के कंबोडियाई नागरिक मतदान कर सकते हैं, जब उनका नाम आधिकारिक मतदाता सूची में दर्ज हो और वे खमेर पहचान-पत्र (Khmer Identity Card) प्रस्तुत करें।
राजनीति कंबोडिया में
कंबोडिया में राजनीति एक संवैधानिक राजतंत्र और बहुदलीय लोकतांत्रिक व्यवस्था से निर्धारित होती है। राजा राज्याध्यक्ष हैं, जबकि शाही सरकार प्रधानमंत्री के अधीन कार्यपालिका की शक्ति का प्रयोग करती है। निर्वाचित संस्थाओं में राष्ट्रीय सभा, सीनेट और स्थानीय परिषदें शामिल हैं।
सुझाव
सबसे पहले यह निर्धारित करें कि आपका प्रश्न कंबोडियाई राज्य, किसी राष्ट्रीय संस्था, स्थानीय परिषद या चुनाव से संबंधित है। राजनीतिक निर्णयों और जानकारी के लिए राजा की राज्याध्यक्ष की भूमिका को शाही सरकार की कार्यकारी भूमिका से अलग रखें और चुनाव संबंधी जानकारी पर भरोसा करने से पहले मतदाता सूची की स्थिति तथा पहचान संबंधी आवश्यकताओं की जांच करें।

