ऑस्ट्रेलिया एक संघीय व्यवस्था है जिसमें कानून की कई परतें हैं। ऑस्ट्रेलिया का संविधान संघीय सरकार (Commonwealth) और राज्यों के बीच सार्वजनिक शक्तियों का विभाजन करता है, जबकि क्षेत्र राष्ट्रीय कानून द्वारा बनाए गए प्रबंधों के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हैं। स्थानीय परिषदें भी राज्य या क्षेत्रीय कानून द्वारा दिए गए अधिकार के भीतर नियम बनाती हैं। विधायन में संसदों द्वारा पारित लिखित कानून शामिल होते हैं। इन कानूनों को आम तौर पर अधिनियम (Acts) कहा जाता है, और अधिक विस्तृत नियम विनियमों या अन्य प्रत्यायोजित विधायन में दिखाई दे सकते हैं। संघीय विधायन संघीय शक्तियों के भीतर राष्ट्रीय स्तर पर लागू होता है, जबकि राज्य और क्षेत्रीय विधायन कई स्थानीय मामलों को नियंत्रित करता है। ऑस्ट्रेलिया में कॉमन लॉ (common law) का भी उपयोग होता है। इसका अर्थ है कि अदालतों द्वारा दिए गए निर्णय कानूनी सिद्धांतों और विधायन के लागू होने के तरीके को समझाने में सहायता करते हैं। किसी उच्च न्यायालय के बाध्यकारी निर्णय का आम तौर पर संबंधित न्यायालयी पदानुक्रम के निचले न्यायालयों द्वारा पालन किया जाना चाहिए। ऑस्ट्रेलिया का उच्चतम न्यायालय (High Court of Australia) देश का सर्वोच्च न्यायालय है और महत्वपूर्ण संवैधानिक तथा अपीलीय मामलों का निर्णय करता है। संघीय न्यायालय राष्ट्रीय अधिकार-क्षेत्र को सौंपे गए विषयों की सुनवाई करते हैं, जबकि राज्य और क्षेत्रीय न्यायालय सामान्य आपराधिक तथा दीवानी मामलों के बड़े हिस्से को संभालते हैं। अधिकरण कुछ प्रशासनिक और रोज़मर्रा के विवादों के लिए अधिक विशेषीकृत मंच उपलब्ध कराते हैं। आपराधिक कानून ऐसे आचरण से संबंधित होता है जिसे समुदाय के विरुद्ध अपराध माना जाता है, और राज्य मामला चलाता है। दीवानी कानून अनुबंधों, चोटों, ऋणों, संपत्ति, रोजगार या पारिवारिक व्यवस्थाओं जैसे विवादों से संबंधित होता है। आपराधिक और दीवानी मामलों में अलग-अलग प्रक्रियाएँ और प्रमाण के मानदंड लागू होते हैं। सामान्यतः कोई कानूनी मामला समस्या, सही अधिकार-क्षेत्र और महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों की पहचान से शुरू होता है। इसके बाद इसमें सलाह, औपचारिक नोटिस, बातचीत, मध्यस्थता, अधिकरण या न्यायालय शामिल हो सकते हैं। अंतिम सुनवाई से पहले कई विवाद समझौते के माध्यम से समाप्त हो जाते हैं। ऑस्ट्रेलियाई कानून संविधान, विधायन, कॉमन लॉ और कानूनी प्रक्रियाओं के माध्यम से अधिकारों को मान्यता देता है, न कि हर परिस्थिति को शामिल करने वाले एकमात्र राष्ट्रव्यापी अधिकार-पत्र के माध्यम से। महत्वपूर्ण सुरक्षा में निष्पक्ष प्रक्रिया, उपयुक्त मामलों में सरकारी निर्णयों की समीक्षा और गैरकानूनी भेदभाव के विरुद्ध नियम शामिल हैं। सटीक सुरक्षा कानूनी क्षेत्र और अधिकार-क्षेत्र पर निर्भर करती है। एबोरिजिनल और टोरेस स्ट्रेट आइलैंडर लोग (Aboriginal and Torres Strait Islander peoples) ऐसी विविध प्रथागत व्यवस्थाएँ और परंपराएँ रखते हैं जो ऑस्ट्रेलियाई कानूनी व्यवस्था से बहुत पहले की हैं। ऑस्ट्रेलियाई कानून कुछ विशेष संदर्भों में कुछ स्वदेशी हितों और प्रथाओं को मान्यता देता है, लेकिन प्रथागत कानून कोई ऐसी अलग सामान्य न्यायालय व्यवस्था नहीं है जो संघीय, राज्य या क्षेत्रीय कानून का स्थान लेती हो। सांस्कृतिक रूप से उपयुक्त कानूनी सेवाएँ लोगों को यह समझने में सहायता कर सकती हैं कि ये व्यवस्थाएँ कहाँ मिलती हैं। कानून लोगों की रक्षा कर सकता है, विवाद सुलझा सकता है और उपचार उपलब्ध करा सकता है, लेकिन यह त्वरित या संतोषजनक परिणाम की गारंटी नहीं दे सकता। कानूनी कार्यवाही में प्रमाण, समय और धन की आवश्यकता हो सकती है, और अनौपचारिक स्पष्टीकरण किसी विशिष्ट मामले पर सलाह का स्थान नहीं लेते। जल्दी कार्रवाई करने और रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने से आम तौर पर अधिक विकल्प सुरक्षित रहते हैं।
ऑस्ट्रेलिया में कानून
ऑस्ट्रेलिया में कानून रोज़मर्रा के जीवन, सरकार, व्यवसाय, संपत्ति, परिवारों और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए नियम तय करता है। ऑस्ट्रेलिया में संघीय व्यवस्था है, इसलिए कानून संघीय सरकार, किसी राज्य या क्षेत्र, और स्थानीय सरकार से आ सकते हैं। अदालतें इन कानूनों की व्याख्या करती हैं और विवादों का निर्णय देती हैं, जबकि कानूनी सेवाएँ लोगों को अपने अधिकार समझने और उनकी रक्षा करने में सहायता करती हैं।
सुझाव
यह लिखकर शुरुआत करें कि क्या हुआ, आप कौन-सा परिणाम चाहते हैं और ऑस्ट्रेलिया का कौन-सा हिस्सा इस मामले से जुड़ा है। किसी महत्वपूर्ण दस्तावेज़ को सुरक्षित रखें और किसी दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करने, दायित्व स्वीकार करने, आधिकारिक कागज़ात को नज़रअंदाज़ करने या औपचारिक कार्यवाही शुरू करने से पहले उपयुक्त कानूनी सहायता लें। शुरुआती बातचीत से निकला समाधान न्यायालय जाने से सरल हो सकता है, लेकिन उसे आपके महत्वपूर्ण अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए।

