रोजगार कानून में अनुबंध, वेतन, काम के घंटे, छुट्टी, कार्यस्थल सुरक्षा, प्रतिनिधित्व, विवाद और नौकरी समाप्त करना शामिल हैं। आव्रजन कानून प्रवेश परमिट, वीज़ा, काम, पढ़ाई, निवास और नागरिकता को नियंत्रित करता है। Immigration and Citizenship Authority कई आवेदनों का आकलन करती है, जबकि प्रायोजक या नियोक्ता साक्ष्य देते हैं। आपराधिक कानून अपराध और दंड निर्धारित करता है तथा पुलिस जाँच, अभियोजन, सुनवाई और अपील को नियंत्रित करता है; इसके स्रोतों में संविधान और Criminal Code Act 1974 (Ch 262) शामिल हैं। उपभोक्ता संरक्षण में सुरक्षा, जानकारी, विकल्प और शिकायत का निवारण शामिल है, लेकिन शिकायत का निकाय Independent Consumer & Competition Commission या वित्तीय सेवाओं, दूरसंचार, विमानन, स्वास्थ्य अथवा ऊर्जा के लिए कोई क्षेत्रीय नियामक हो सकता है। दीवानी कानून अनुबंध, संपत्ति, पारिवारिक मामलों, विरासत और दायित्व को नियंत्रित करता है। पापुआ न्यू गिनी में एकल, स्वतंत्र दीवानी संहिता नहीं है, इसलिए अदालतें लिखित कानून के साथ सामान्य कानून, साम्या और मान्य प्रथाएँ लागू करती हैं। औपचारिक अदालतें और रजिस्ट्री, Village Courts और भूमि मध्यस्थता जैसी प्रथागत प्रक्रियाओं के साथ काम करती हैं। इसलिए किसी कानूनी समस्या को उसके विषय, शामिल पक्षों, संबंधित स्थान और किसी तात्कालिक जोखिम—जैसे हिरासत, नौकरी से निकाला जाना, असुरक्षित सामान, संपत्ति का नुकसान या आपराधिक आरोप—के आधार पर वर्गीकृत करना चाहिए।
पापुआ न्यू गिनी में कानून
पापुआ न्यू गिनी में कानून उन नियमों का समूह है जो सार्वजनिक प्राधिकार, निजी संबंधों, काम, प्रवासन, अपराध तथा उपभोक्ताओं और आपूर्तिकर्ताओं के बीच व्यवहार को नियंत्रित करते हैं। संविधान, संसद के अधिनियम, अधीनस्थ कानून, सामान्य कानून, साम्या और प्रथाएँ देश की अंतर्निहित कानून व्यवस्था के ढाँचे में साथ-साथ लागू होते हैं। जिम्मेदार संस्था और उपलब्ध प्रक्रिया इस बात पर निर्भर करती है कि मामला रोजगार, आव्रजन, अपराध, उपभोक्ता व्यवहार या किसी निजी विवाद से जुड़ा है।
सुझाव
पहले समस्या का वर्गीकरण करें, क्योंकि विषय से जिम्मेदार संस्था, उपलब्ध प्रक्रिया और संभावित परिणाम तय होते हैं। पक्षों, घटनाओं और दस्तावेज़ों का स्पष्ट रिकॉर्ड रखें, फिर रोजगार, आव्रजन, आपराधिक, उपभोक्ता या दीवानी कानून के अनुरूप प्रक्रिया चुनें। हिरासत, नौकरी से निकाला जाना, असुरक्षित सामान, संपत्ति का नुकसान और आपराधिक आरोप ऐसे कारण हैं जिनमें तुरंत कार्रवाई की जा सकती है।

