पाकिस्तानक सांस्कृतिक जीवन देशक क्षेत्रीय, भाषिक, धार्मिक आ ऐतिहासिक विविधताकेँ प्रतिबिम्बित करैत अछि। पंजाबी, सिन्धी, पश्तो, बलोची, सराइकी, उर्दू आ बहुतो अन्य भाषा स्थानीय पहिचान आ परम्परा वहन करैत अछि। उर्दू देशक अनेक भागक लोककेँ जोड़ैत अछि, जखनकि उच्च शिक्षा, कानून, प्रशासन आ पेशागत परिवेशमे अंग्रेजी केर व्यापक उपयोग होइत अछि। ऐतिहासिक परतिमे सिन्धु घाटी आ गान्धारक विरासत, मुस्लिम राज्यसभ, फारसीकृत आ मध्य एशियाई प्रभाव, ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन, विभाजन आ आधुनिक राज्यक विकास शामिल अछि। ई प्रभाव स्थापत्य, साहित्य, सार्वजनिक स्मृति, भोजन, पहिरन, संगीत, शिल्प आ समुदायसम्बन्धी विचारमे देखाइत अछि। परिवार आ समुदाय प्रायः जीवनक विभिन्न चरण—शिक्षा, काज, विवाह, माता-पिता बनब, वृद्धावस्था आ शोक—केँ आकार दैत अछि। धर्म पूजा, पर्व, नैतिकता, पारिवारिक कार्यक्रम आ सामुदायिक सहयोगपर प्रभाव डालैत अछि। इस्लाम बहुसंख्यक आस्था अछि; एकर संग ईसाई, हिन्दू, सिख, अहमदिया आ अन्य समुदायसभ सेहो छथि, जिनकर प्रथा पाकिस्तानक सांस्कृतिक जीवनमे योगदान दैत अछि। सांस्कृतिक अभिव्यक्ति सुलेख, चित्रकला, कविता, प्रदर्शन, वस्त्र, माटिक बर्तन, आभूषण, स्थापत्य, ट्रक सजावट, पहिरन, भवन आ सार्वजनिक स्थानमे देखाइत अछि। परम्परामे अभिवादन आ अतिथिक स्वागत, भोजन तैयार करब, पहिरन, उत्सव मनायब, सम्मान देखायब आ समुदायमे लोकक सहायता करबाक तरीका सेहो शामिल अछि। आतिथ्य (Mehmaan-nawazi) व्यापक रूपसँ मूल्यवान मानल जाइत अछि, मुदा एकर रूप क्षेत्र, भाषा, धर्म, परिवार, पीढ़ी आ परिस्थिति अनुसार निर्भर करैत अछि। एहि कारणेँ एकहि प्रथाक अर्थ वा महत्वक स्तर अलग-अलग परिवेशमे भिन्न भऽ सकैत अछि। कोनो रिवाज धार्मिक, क्षेत्रीय, परिवार-विशेष, वैकल्पिक, बदलैत वा आधुनिक जीवनक अनुकूल नव रूपमे अपनाओल गेल हो सकैत अछि। पाकिस्तानक संस्कृत बुझबाक लेल एकहि प्रथाकेँ सभक लेल नियम मानबाक बदला विशेष समुदाय आ परिस्थिति पर ध्यान देब आवश्यक अछि।
संस्कृति पाकिस्तानमे
पाकिस्तानमे संस्कृति लोकनि द्वारा अपन पहिचान व्यक्त करबाक, सम्बन्ध व्यवस्थित करबाक, संवाद करबाक, पूजा करबाक, सृजन करबाक, अतीतकेँ स्मरण करबाक आ महत्वपूर्ण अवसर मनएबाक साझा मुदा बदलैत रहनिहार तरीका अछि। ई क्षेत्रीय भाषा आ इतिहास, इस्लामी आ अन्य धार्मिक परम्परा, पारिवारिक जीवन, कला, आतिथ्य आ रोजमर्राक सहयोगपर आधारित अछि। प्रान्त आ क्षेत्र, शहर आ गाम, समुदाय, पीढ़ी, परिवार आ व्यक्तिगत पसन्द अनुसार रीतिरिवाज अलग-अलग होइत अछि।
Tip
पाकिस्तानक संस्कृतिसँ एकटा स्थिर राष्ट्रीय ढाँचाक रूपमे नहि, बल्कि सन्दर्भपर निर्भर मानि व्यवहार करू। विशेष क्षेत्र, भाषिक समुदाय, धार्मिक परिवेश, परिवार, पीढ़ी आ कार्यक्रम अनुसार अपन व्यवहार मिलाउ, आ व्यक्तिगत पसन्द लेल स्थान छोड़ू। सम्मानपूर्वक पूछल प्रश्न आ सावधानीसँ कएल अवलोकन प्रायः एकटा मात्र रीतिपर आधारित अनुमानसँ कम गलती करबैत अछि।

