स्लोवाकिया मध्य यूरोप में स्थित है और इसका इतिहास पड़ोसी क्षेत्रों तथा लोगों से प्रभावित रहा है। कार्पेथियन भूभाग, नदी घाटियों, व्यापार मार्गों और बदलती राजनीतिक सीमाओं ने यहाँ की बस्तियों और संस्कृति को आकार दिया। प्रारंभिक स्लाव समुदाय ग्रेट मोराविया के दौर में विशेष रूप से महत्वपूर्ण हुए। सिरिल और मेथोडियस के मिशन ने ईसाई बौद्धिक परंपरा पहुँचाई और धार्मिक तथा सांस्कृतिक जीवन में स्लाव भाषा के उपयोग को मजबूत करने में मदद की। कई शताब्दियों तक वर्तमान स्लोवाकिया का क्षेत्र हंगरी के साम्राज्य का हिस्सा रहा। उस राजनीतिक व्यवस्था में कस्बों, किलों, खनन केंद्रों, गिरजाघरों और कृषि समुदायों का विकास हुआ, जबकि विभिन्न जातीय और भाषाई समूह साथ-साथ रहते थे। उन्नीसवीं शताब्दी में स्लोवाक सांस्कृतिक और राष्ट्रीय आंदोलन अधिक मज़बूत हुए। लेखकों, शिक्षकों, गिरजाघरों और नागरिक नेताओं ने स्लोवाक सार्वजनिक जीवन, शिक्षा, साहित्य और आधुनिक राष्ट्रीय पहचान को विकसित करने के लिए काम किया। प्रथम विश्व युद्ध के बाद स्लोवाकिया चेकोस्लोवाकिया का हिस्सा बना। फिर बीसवीं शताब्दी में द्वितीय विश्व युद्ध, सत्तावादी शासन, साम्यवादी काल, प्राग स्प्रिंग, 1968 का आक्रमण और 1989 से जुड़े शांतिपूर्ण परिवर्तन आए। 1990 के दशक की शुरुआत में चेकोस्लोवाकिया का शांतिपूर्ण संवैधानिक विभाजन हुआ। स्लोवाक गणराज्य स्वतंत्र राज्य बना और चेक क्षेत्रों के साथ उसके निकट ऐतिहासिक तथा सांस्कृतिक संबंध जारी रहे। आज ऐतिहासिक स्मृति परिवारों, क्षेत्रों, जातीय समुदायों और राजनीतिक परंपराओं के बीच अलग-अलग हो सकती है। इतिहास सीखने का अर्थ है कई दृष्टिकोणों की तुलना करना, उपलब्धियों और नुकसान, दोनों को पहचानना और बड़ी घटनाओं को आम लोगों के जीवन से जोड़ना। संग्रहालय, स्मारक, किले, गिरजाघर, अभिलेखागार, साहित्य और पारिवारिक कहानियाँ अतीत को जानने के सामान्य तरीके हैं। एक अच्छी शुरुआती समझ के लिए सरल समयरेखा बनाएँ, फिर किसी एक स्थान, समुदाय या काल का अधिक गहराई से अध्ययन करें।
स्लोवाकिया का इतिहास
स्लोवाकिया का इतिहास मध्य यूरोप में बदलते समुदायों, भाषाओं, राज्यों और सीमाओं की कहानी है। इसके अतीत में ग्रेट मोराविया, हंगरी का साम्राज्य, चेकोस्लोवाकिया और स्वतंत्र स्लोवाक गणराज्य शामिल हैं।
सुझाव
आज के स्लोवाकिया को समझने के लिए उसके इतिहास को भाषा, क्षेत्रीय पहचान, कस्बों के भू-दृश्य, पारिवारिक स्मृतियों और सार्वजनिक छुट्टियों से जोड़ें। छोटी समयरेखा से दिशा मिलती है, जबकि स्थानीय कहानियाँ दिखाती हैं कि बड़ी घटनाओं ने असल लोगों को कैसे प्रभावित किया।

