आज के सेनेगल का क्षेत्र यूरोपीय शासन से बहुत पहले ही पश्चिम अफ्रीका के प्रमुख नेटवर्कों से जुड़ा था। सेनेगल नदी, तट और भीतरी सवाना के किनारे बसे समुदायों ने व्यापार, खेती, प्रवास और धार्मिक आदान-प्रदान से जुड़े राजनीतिक समाज बनाए। ताकरूर, जोलॉफ, वालो, कयोर, फूटा टोरो और साइन-सालूम के राज्य अलग-अलग समय पर इस क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों को प्रभावित करते रहे। व्यापार, विद्वानों और राजनीतिक गठबंधनों के माध्यम से इस्लाम फैला, जबकि स्थानीय धार्मिक प्रथाएँ और सामाजिक संरचनाएँ भी उसके साथ-साथ बनी रहीं। पंद्रहवीं शताब्दी से पुर्तगाली और बाद में अन्य यूरोपीय व्यापारियों ने तट पर संपर्क स्थापित किए। अटलांटिक व्यापार ने सेनेगल को व्यापक वाणिज्यिक नेटवर्कों से जोड़ा और इसमें लोगों को बलपूर्वक दास बनाकर ले जाना शामिल था। गोरे द्वीप इस इतिहास का एक प्रमुख प्रतीक बना, हालांकि इतिहासकार इसकी प्रतीकात्मक भूमिका और व्यापार तथा दासता की कहीं अधिक व्यापक क्षेत्रीय व्यवस्थाओं में अंतर करते हैं। उन्नीसवीं शताब्दी में फ्रांस का विस्तार तेज हुआ। फ्रांस ने सेनेगल को अपने औपनिवेशिक साम्राज्य में शामिल किया, प्रशासन का पुनर्गठन किया, आर्थिक गतिविधियों पर नियंत्रण किया और सेनेगली तिरailleurs सहित सैनिकों की भर्ती की। डकार फ्रांसीसी पश्चिम अफ्रीका का एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक और वाणिज्यिक केंद्र बना। औपनिवेशिक शिक्षा, नागरिकता की व्यवस्थाएँ और राजनीतिक प्रतिनिधित्व असमान रूप से विकसित हुए। सेनेगल के चार कम्यून—डकार, गोरे, रूफिस्क और सेंट-लुई—को औपनिवेशिक व्यवस्था में अलग कानूनी और राजनीतिक स्थिति मिली, लेकिन इससे व्यापक आबादी को समान अधिकार नहीं मिले। सेनेगल 4 अप्रैल 1960 को स्वतंत्र हुआ और बाद में लियोपोल्ड सेदार सेंघोर के नेतृत्व में स्वतंत्र सेनेगल गणराज्य बना। इतिहास की व्याख्या लिखित अभिलेखों, मौखिक परंपराओं, पुरातत्व, भौतिक अवशेषों और औपनिवेशिक अभिलेखागार पर निर्भर करती है। ये स्रोत हमेशा एक ही कहानी नहीं बताते और हर समुदाय पर समान ध्यान नहीं देते। संग्रहालय, स्मारक स्थल, स्कूल, सार्वजनिक समारोह तथा लात दियोर और औपनिवेशिक विजय के प्रतिरोध जैसी हस्तियों पर बहसें सार्वजनिक स्मृति को आकार देती हैं। इसलिए सेनेगल का इतिहास समझने के लिए क्षेत्रीय भिन्नताओं, परस्पर विरोधी विवरणों और आज तक असर डालने वाली पुरानी राजनीतिक तथा आर्थिक व्यवस्थाओं पर ध्यान देना आवश्यक है।
सेनेगल का इतिहास
सेनेगल का इतिहास प्रारंभिक काल से वर्तमान तक पश्चिम अफ्रीकी समाजों, राज्यों और संस्थाओं के विकास को दर्शाता है। फ्रांसीसी औपनिवेशिक शासन और 1960 में स्वतंत्रता से पहले, पूर्व-औपनिवेशिक राज्यों और इस्लामी नेटवर्कों ने इस क्षेत्र को आकार दिया। अटलांटिक व्यापार, दासता, उपनिवेशवाद और स्वतंत्रता के बाद की राजनीति आज भी सेनेगल के अतीत के अध्ययन और स्मरण के केंद्र में हैं।
सुझाव
वर्तमान संस्थाओं, क्षेत्रीय पहचानों और सार्वजनिक स्मृतियों को संदर्भ में रखने के लिए सेनेगल के इतिहास का उपयोग करें; अतीत को एक समान कहानी न मानें। किसी विशिष्ट प्रश्न के लिए पहले काल और क्षेत्र तय करें, विभिन्न प्रकार के साक्ष्यों की तुलना करें और जहाँ व्याख्याएँ अलग हों वहाँ इसे स्पष्ट लिखें। स्मारक स्थलों और सार्वजनिक कथनों को स्मृति के महत्वपूर्ण साक्ष्य मानें, लेकिन अपने-आप में पूर्ण विवरण नहीं।

