कला छवियों, वस्तुओं, गति, ध्वनि, शब्दों या प्रस्तुति के ज़रिए विचार बनाने, साझा करने, उन पर सवाल उठाने और उन्हें याद रखने का तरीका है। सिंगापुर में कला कई रूपों में मौजूद है और इसे पेशेवर, विद्यार्थी, सामुदायिक समूह तथा औपचारिक संस्थानों से बाहर काम करने वाले लोग बनाते हैं। दृश्य कला में चित्रकला, रेखांकन, मूर्तिकला, फ़ोटोग्राफ़ी, इंस्टॉलेशन, चित्रांकन, डिज़ाइन और डिजिटल माध्यम शामिल हैं। कलाकार स्थानीय सड़कों, इमारतों, पारिवारिक इतिहास, प्रवास, प्रकृति, तकनीक या सार्वजनिक जीवन पर काम कर सकते हैं। कला-रूप पारंपरिक, प्रयोगात्मक या दोनों का मिश्रण हो सकता है। प्रदर्शन कलाओं में संगीत, थिएटर, नृत्य, ओपेरा, कहानी-कथन और अलग-अलग सांस्कृतिक समुदायों से जुड़े रूप शामिल हैं। प्रस्तुतियों में अंग्रेज़ी, मलय, मंदारिन, तमिल, बोलियाँ या एक से अधिक भाषाएँ इस्तेमाल हो सकती हैं। दर्शक अक्सर त्योहारों, स्कूलों, धार्मिक समुदायों और पड़ोस की गतिविधियों के ज़रिए कला का अनुभव करते हैं। सिंगापुर में सुलेख, कपड़ा-कला, मिट्टी के बर्तन, कठपुतली, पारंपरिक संगीत और सजावटी वस्तुएँ बनाने जैसी शिल्प और विरासत कलाएँ भी हैं। ये अभ्यास पीढ़ियों तक कौशल और अर्थ पहुँचाते हैं, लेकिन सामग्री, दर्शकों और रोज़मर्रा के जीवन में बदलाव के साथ स्वयं भी बदल सकते हैं। नानयांग कला (Nanyang art) शब्द अक्सर सिंगापुर और दक्षिण-पूर्व एशिया के उस कला-इतिहास के लिए इस्तेमाल होता है, जिसे उन कलाकारों ने आकार दिया जिन्होंने चीनी कलात्मक प्रशिक्षण को स्थानीय उष्णकटिबंधीय विषयों और क्षेत्रीय अनुभव के साथ जोड़ा। यह कहानी का एक अहम हिस्सा है, सिंगापुर की समूची कला के लिए नाम नहीं। सार्वजनिक और सामुदायिक कला परिचित जगहों को अर्थपूर्ण बना सकती है। भित्ति-चित्र, मूर्तियाँ, प्रस्तुतियाँ और रचनात्मक परियोजनाएँ पड़ोस की कहानियाँ बता सकती हैं या लोगों को साझा चिंताओं पर चर्चा के लिए आमंत्रित कर सकती हैं। सार्वजनिक कला की सीमाएँ भी हैं, क्योंकि हर समुदाय को यह तय करने की समान शक्ति नहीं होती कि क्या दिखाया जाए। कला की शिक्षा कक्षाओं, कार्यशालाओं, स्टूडियो, पुस्तकालयों, त्योहारों और अनौपचारिक समूहों में होती है। लोग देखकर, सुनकर, बनाकर, प्रस्तुति देकर, चर्चा करके और सम्मानपूर्वक प्रतिक्रिया देकर सीख सकते हैं। शुरुआत करने के लिए किसी विशेष पृष्ठभूमि की ज़रूरत नहीं है। सिंगापुर की कला व्यवस्था में रचनाकार, निर्माता, शिक्षक, क्यूरेटर, आयोजन स्थल, वित्तपोषक, दर्शक, संग्रहकर्ता और सामुदायिक साझेदार शामिल हैं। ये हिस्से एक-दूसरे का समर्थन करते हैं, लेकिन कलाकारों को फिर भी अनिश्चित आय, सीमित जगह, ऊँची लागत और रचनात्मक स्वतंत्रता तथा सार्वजनिक अपेक्षाओं के बीच तनाव का सामना करना पड़ सकता है। कला को समझने का एक उपयोगी तरीका है पूछना कि क्या बनाया गया, किसने बनाया, किसके लिए बनाया, किन सामग्रियों से बनाया और किस जगह पर बनाया। रचना में भावनाओं, इतिहास और शक्ति-संबंधों को देखें और अलग-अलग व्याख्याओं के लिए जगह रखें।
सिंगापुर में कला
सिंगापुर में कला में चित्रकला, मूर्तिकला, फ़ोटोग्राफ़ी, डिज़ाइन, थिएटर, नृत्य, संगीत, फ़िल्म, लेखन, शिल्प और डिजिटल काम शामिल हैं। सिंगापुर का कला-जगत उसके बहुभाषी समाज, प्रवास के इतिहास, स्थानीय जगहों और एशिया तथा व्यापक दुनिया से जुड़ाव को दर्शाता है। कला दीर्घाओं और थिएटरों के साथ-साथ स्कूलों, पड़ोसों, सार्वजनिक जगहों और सामुदायिक परियोजनाओं में भी मिलती है।
सुझाव
सिंगापुर में कोई एक कलाकृति या प्रस्तुति चुनें और दस मिनट शांति से उसके रूप, विषय, भाषा और परिवेश पर ध्यान दें। फिर अपनी ओर से एक छोटी प्रतिक्रिया बनाएँ, जैसे रेखाचित्र, अनुच्छेद, ध्वनि रिकॉर्डिंग या गति की छोटी रचना। इसे किसी एक व्यक्ति के साथ साझा करें और पूछें कि उसे इसमें कौन-सा अर्थ दिखाई दिया।

