वेटिकन पहाड़ी प्राचीन रोम के मूल नगर-केंद्र के बाहर थी। रोमन परंपराएँ इस क्षेत्र को प्रेरित पतरस की शहादत और दफ़न से जोड़ती हैं, और सम्राट कॉन्स्टेंटाइन ने चौथी शताब्दी में वहाँ एक प्रारंभिक बेसिलिका बनवाई। वर्तमान सेंट पीटर बेसिलिका और आसपास की संस्थाएँ इस धार्मिक स्थल पर कई शताब्दियों में विकसित हुईं। मध्यकालीन पोप मध्य इटली के उन क्षेत्रों पर शासन करते थे जिन्हें पोप राज्य कहा जाता था। उनका राजनीतिक शासन 1870 तक चला, जब इटली के एकीकरण के दौरान इटली के राज्य ने रोम पर कब्ज़ा कर लिया। पोपों ने अपना क्षेत्रीय शासन खोने को अस्वीकार किया और इटली के साथ विवाद में रहे। यह विवाद रोमन प्रश्न कहलाया और 1929 में लेटरन संधियों से संबंध तय होने तक जारी रहा। लेटरन संधियों ने वेटिकन सिटी राज्य को स्वतंत्र भूभाग के रूप में स्थापित किया और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में होली सी की संप्रभुता को मान्यता दी। वेटिकन सिटी ने पोप को क्षेत्रीय स्वतंत्रता दी, जबकि होली सी ने कैथोलिक चर्च का कूटनीतिक और प्रशासनिक प्रतिनिधित्व जारी रखा। इसलिए इन दोनों नामों को एक-दूसरे के स्थान पर नहीं इस्तेमाल करना चाहिए। बीसवीं शताब्दी में वेटिकन सिटी पोप के निवास, चर्च प्रशासन, कूटनीति, धार्मिक समारोहों और सांस्कृतिक संरक्षण का प्रमुख केंद्र बन गया। इसके संग्रहालयों, अभिलेखागारों, गिरजाघरों और उद्यानों में अलग-अलग कालों के साक्ष्य हैं, जिनमें प्राचीन रोमन अवशेष, मध्यकालीन परंपराएँ, पुनर्जागरणकालीन इमारतें और आधुनिक संस्थागत परिवर्तन शामिल हैं। इसलिए वेटिकन सिटी का इतिहास एक छोटे भूभाग और उसका उपयोग करने वाली संस्थाओं—दोनों का इतिहास है।
वेटिकन सिटी में इतिहास
वेटिकन सिटी का इतिहास वेटिकन पहाड़ी के प्राचीन ईसाई महत्व और पोप पद के राजनीतिक इतिहास को जोड़ता है। वर्तमान वेटिकन सिटी राज्य की स्थापना 1929 में होली सी और इटली के बीच लेटरन संधियों के माध्यम से हुई। कैथोलिक चर्च का केंद्रीय शासी प्राधिकरण होली सी, वेटिकन सिटी के भूभाग से अलग है।
सुझाव
वेटिकन सिटी के इतिहास का उपयोग प्राचीन धार्मिक स्थल, पूर्व पोप राज्यों, होली सी और वर्तमान वेटिकन सिटी राज्य के बीच अंतर समझने के लिए करें। सबसे स्पष्ट तरीका है कि हर इमारत, संस्था या घटना को उसके काल में रखें और बताएँ कि उसका संबंध भूभाग, पोप शासन या चर्च प्रशासन से है।

