वानुआतु में औपचारिक उधार वाणिज्यिक बैंकों, वानुआतु ग्रामीण विकास बैंक, क्रेडिट यूनियनों और सूक्ष्म-वित्त प्रदाताओं से मिलता है। अन्य व्यवस्थाओं में साहूकार, रिश्तेदारों या मित्रों से ऋण, बचत समूह, गिरवी रखना और नियोक्ता से उधार शामिल हैं। औपचारिक क्रेडिट तक पहुँच सीमित है: 2024 के वित्तीय पहुँच आँकड़ों में कुल क्रेडिट पहुँच लगभग 14%, औपचारिक क्रेडिट पहुँच लगभग 7% और पिछले 12 महीनों में वित्तीय संस्थानों से ऋण लेने वाले सर्वेक्षित लोगों का हिस्सा लगभग 5.1% दर्ज हुआ। औपचारिक क्रेडिट उपयोगकर्ताओं में लगभग 87% ने बैंक का उपयोग किया। ऊँची ब्याज दरें, गारंटर का न होना, सीमित पुनर्भुगतान क्षमता और प्रदाताओं की असमान क्षेत्रीय उपलब्धता उधार लेने में बाधा बन सकती हैं। वानुआतु रिज़र्व बैंक (RBV) बैंकों, क्रेडिट संस्थानों, क्रेडिट यूनियनों और वित्तीय सहकारी संस्थाओं की निगरानी करता है। वानुआतु में वित्तीय उपभोक्ता संरक्षण के लिए कोई व्यापक कानून नहीं है; पारदर्शिता, शुल्क, वेतन-दिवस ऋण, शिकायतों और अदालत से बाहर विवाद समाधान में कमियाँ बनी हुई हैं। RBV की वित्तीय उपभोक्ता संरक्षण दिशानिर्देश 07/2025 में वित्तीय संस्थानों से सामर्थ्य का आकलन करने, चूक के बाद उधारकर्ताओं के साथ उचित व्यवहार करने और कठिनाई या पुनर्गठन अनुरोधों पर शीघ्र तथा उपयुक्त जवाब देने की अपेक्षा है। लिखित पुनर्गठन समझौते में कुल राशि, किस्त, भुगतान की आवृत्ति और ब्याज लिखा होना चाहिए। आमतौर पर वसूली शुरू करने से पहले ऋणदाता को कम-से-कम 30 कार्य-दिवस का चूक नोटिस देना चाहिए। चूक का ब्याज और शुल्क वास्तविक बकाया से संबंधित तथा उचित होने चाहिए; वसूली और प्रवर्तन खर्च अनुबंध से समर्थित और उचित होने चाहिए। जानकारी अंग्रेज़ी, बिस्लामा या फ़्रेंच में दी जा सकती है। उधारकर्ता सामान्यतः पहले संस्था के भीतर शिकायत करता है; RBV की बाहरी विवाद-निपटान प्रक्रिया अदालत से बाहर चलती है और उसकी शुरुआती सिफारिश बाध्यकारी नहीं होती। 2026 में RBV ने बाहरी विवाद समाधान संबंधी दिशानिर्देश सूचीबद्ध किया। वानुआतु में ऐतिहासिक रूप से केवल नकारात्मक क्रेडिट रिपोर्टिंग का उपयोग हुआ है। RBV और अंतरराष्ट्रीय वित्त निगम व्यापक क्रेडिट रिपोर्टिंग विकसित कर रहे हैं, जिसमें भुगतान इतिहास और नियामक सुधार शामिल होंगे; उपलब्ध जानकारी से पूर्ण कार्यान्वयन स्थापित नहीं है। सुरक्षा हित से चूक होने पर ऋणदाता को निर्दिष्ट संपत्ति पर अधिकार मिलता है। चल संपत्ति के लिए व्यक्तिगत संपत्ति प्रतिभूति अधिनियम संख्या 17, 2008, व्यक्तिगत संपत्ति प्रतिभूति रजिस्टर (PPSR) का उपयोग करता है। पंजीकरण में देनदार, सुरक्षित पक्ष, गिरवी संपत्ति और समाप्ति का विवरण होता है; कोई व्यक्ति रजिस्टर खोज सकता है। चूक के बाद या गिरवी संपत्ति जोखिम में होने पर सुरक्षित पक्ष संपत्ति का कब्ज़ा लेकर बेच सकता है। उसे सर्वोत्तम कीमत पाने और बिक्री से कम-से-कम 10 कार्य-दिवस पहले सूचना देने जैसे कर्तव्य निभाने होंगे। बिक्री होने तक देनदार संपत्ति छुड़ा सकता है। बकाया चुकाकर, अन्य चूक सुधारकर और उचित प्रवर्तन खर्च देकर व्यवस्था बहाल करना संभव हो सकता है। भूमि बंधक के लिए सुप्रीम कोर्ट के माध्यम से अलग प्रक्रिया है, जिसमें बिक्री का अधिकार या प्रवर्तन वारंट शामिल हो सकता है; बंधक भूमि की बिक्री के विरुद्ध कोई सामान्य सुरक्षा यहाँ स्थापित नहीं है। धनराशि संबंधी आदेश वाला लेनदार दीवानी प्रक्रिया नियम संख्या 49, 2002 के भाग 14 के तहत प्रवर्तन आदेश या प्रवर्तन सम्मेलन माँग सकता है। उपलब्ध उपायों में संपत्ति जब्त करके बेचना, ऋण या आय दूसरी ओर भेजना, भार आदेश या रिसीवर नियुक्त करना शामिल हो सकता है। शेरिफ या पुलिस प्रवर्तन अधिकारी हो सकते हैं और वारंट पूरे देश में लागू हो सकता है। अदालत अनुमति न दे तो सामान्य प्रवर्तन आदेश से छह वर्ष तक कार्रवाई की जा सकती है। सीमा अधिनियम के तहत फैसले पर कार्रवाई सामान्यतः 12 वर्ष तक सीमित है और बकाया ब्याज की वसूली छह वर्ष तक। केवल नागरिक ऋण न चुकाने के कारण किसी व्यक्ति को कैद नहीं किया जा सकता। कंपनी ऋण के लिए कंपनियाँ (दिवालियापन और रिसीवरशिप) अधिनियम संख्या 3, 2013 के तहत औपचारिक समझौता, रिसीवरशिप और परिसमापन की प्रक्रिया उपलब्ध है; अधिनियम 31 अगस्त 2015 से लागू हुआ। समझौते का प्रस्ताव निदेशक, रिसीवर, परिसमापक या ऐसा लेनदार दे सकता है जिसका ऋण VT120,000 या कंपनी की शुद्ध संपत्ति का 25% हो—इनमें जो सीमा कम हो। स्वीकृत समझौता प्रभावित लेनदार वर्ग पर बाध्यकारी है, हालाँकि सुरक्षित लेनदार इससे बाहर रह सकता है। वैधानिक माँग कम-से-कम VT120,000 के देय ऋण से जुड़ी होती है और भुगतान, समझौता, संरचना या भार की व्यवस्था के लिए 15 कार्य-दिवस देती है। पर्याप्त विवाद, प्रतिदावे या समायोजन की स्थिति में अदालत 10 कार्य-दिवस के भीतर माँग रद्द कर सकती है। परिसमापन बोर्ड, शेयरधारक या अदालत की कार्रवाई से शुरू हो सकता है, जिसमें लेनदार का आवेदन भी शामिल है। वैधानिक माँग की अनदेखी, असफल निष्पादन, रिसीवर नियुक्त करना या समझौते को मंजूरी न देना कंपनी की ऋण चुकाने में असमर्थता की धारणा का आधार बन सकता है। रिसीवर को आमतौर पर पाँच कार्य-दिवस के भीतर अनुदाता, जनता और रजिस्ट्रार को सूचना देनी होती है। प्राथमिकता वाले दावे पहले चुकते हैं; अन्य दावे सामान्यतः समान क्रम पर रखे जाते हैं और अनुपात में बाँटे जाते हैं। सीमा-पार मामलों में सीमा-पार दिवालियापन अधिनियम संख्या 4, 2013 लागू हो सकता है। निजी व्यक्तियों के लिए मौजूदा आधिकारिक सामग्री कंपनी दिवालियापन और रिसीवरशिप को स्पष्ट रूप से समर्थन देती है, लेकिन सामान्य निजी-दिवालियापन, उपभोक्ता ऋण-मुक्ति या मानक ऋण-भुगतान आदेश प्रणाली स्थापित नहीं करती। व्यावहारिक विकल्पों में ऋणदाता से कठिनाई अनुरोध, लिखित पुनर्गठन, पुनर्वित्त, किस्तों पर बातचीत, PPSR संपत्ति छुड़ाना या व्यवस्था बहाल करना, प्रवर्तन सम्मेलन और सार्वजनिक अधिवक्ता कार्यालय से सीमित दीवानी कानूनी सहायता शामिल हैं। आधिकारिक रिसीवर एवं कॉर्पोरेट व्यावसायिक विवाद सेवाओं और सार्वजनिक अधिवक्ता कार्यालय की संस्थागत भूमिकाएँ निर्धारित हैं, लेकिन ऋण राहत के लिए कोई सामान्य सरकारी कार्यालय नहीं पहचाना गया। भुगतान, सुरक्षित संपत्ति की बिक्री, फैसले का प्रवर्तन, कंपनी समझौते या परिसमापन से भी शेष बकाया रह सकता है; अपने-आप ऋण समाप्त होने का प्रमाण नहीं है। वित्त एवं आर्थिक प्रबंधन मंत्रालय की केंद्रीय ऋण इकाई और ऋण प्रबंधन कार्यालय सरकारी उधारी की रणनीति, ऋण रिकॉर्ड, रिपोर्ट, निपटान और भुगतान संभालते हैं। दिसंबर 2024 में सरकारी ऋण लगभग VT58 अरब या GDP का करीब 44% था; मध्यम अवधि की ऋण रणनीति 2025 से 2028 तक है। सार्वजनिक ऋण प्रबंधन घर-परिवार के निजी ऋण की सलाह या राहत से अलग है।
वानुआतु में ऋण
वानुआतु में ऋण का अर्थ वह धन या अन्य वादा किया गया भुगतान है जो देनदार को चुकाना है; इसमें उधार, क्रेडिट, बकाया और अदालत द्वारा दिए गए भुगतान आदेश शामिल हैं। औपचारिक ऋण में बैंक, क्रेडिट यूनियन, सूक्ष्म-वित्त प्रदाता, संपत्ति पर सुरक्षा, अदालत से वसूली और कंपनी दिवालियापन शामिल हो सकते हैं। घर-परिवार के भुगतान समर्थन और निजी ऋण राहत की व्यवस्था अधिक बिखरी हुई है; इसलिए ऋणदाता से बातचीत, अदालत की प्रक्रिया और कंपनी दिवालियापन के बीच अंतर करना चाहिए।
सुझाव
वानुआतु में ऋण की समस्या को पहले वहनीय लिखित व्यवस्था और बढ़ते प्रवर्तन जोखिम के बीच चुनाव के रूप में देखें। ऋणदाता से जल्दी संपर्क करें, बकाया, शुल्क और गिरवी का दस्तावेज़ रखें, और यह न मानें कि पुनर्वित्त, सुरक्षित बिक्री या अदालत की प्रक्रिया से शेष बकाया मिट जाएगा। कंपनी ऋण में घर-परिवार के भुगतान पर बातचीत से अलग वैधानिक माँग और दिवालियापन के चरण लागू होते हैं।

