लेसोथो की खाद्य व्यवस्था में औपचारिक संस्थाओं के साथ घरेलू और अनौपचारिक प्रथाएँ शामिल हैं। कृषि, खाद्य सुरक्षा और पोषण मंत्रालय उत्पादन, कृषि नियमन, विस्तार सेवाओं और खाद्य सुरक्षा में सहायता करता है। स्वास्थ्य मंत्रालय पर्यावरणीय स्वास्थ्य, बंदरगाह स्वास्थ्य और जिला कार्यालयों के माध्यम से खाद्य स्वच्छता और सुरक्षा देखता है। लेसोथो मानक संस्थान मानक विकसित करता है तथा परीक्षण, प्रमाणन और बारकोडिंग की सुविधा देता है। WFP और FAO कार्यक्रमों में सहायता करते हैं, लेकिन राज्य की ज़िम्मेदारियों का स्थान नहीं लेते। खाद्य उत्पादन मुख्यतः छोटे किसानों पर आधारित है और काफी हद तक वर्षा पर निर्भर करता है। मक्का प्रमुख फसल है; इसके बाद ज्वार, गेहूँ, बीन्स और मटर आते हैं। किसान आलू, रेप, अन्य सब्ज़ियाँ और फल भी उगाते हैं; परिवार मवेशी, भेड़, बकरियाँ, सूअर और मुर्गियाँ पालते हैं। 2019/20 की कृषि जनगणना में 227,899 निर्वाह किसान दर्ज हुए, जिनमें मक्के के 147,133 हेक्टेयर, बीन्स के 38,865 हेक्टेयर और ज्वार के 26,847 हेक्टेयर क्षेत्र शामिल थे। दर्ज अधिकांश किसानों का कृषि विस्तार सेवाओं से संपर्क था, लेकिन सिंचाई आम नहीं थी और घरेलू बीज को बचाकर दोबारा इस्तेमाल करना व्यापक था। लेसोथो संरचनात्मक रूप से खासकर दक्षिण अफ़्रीका से भोजन आयात पर भी निर्भर है। 2026/27 में मक्का आयात की ज़रूरत लगभग 130,000 टन आँकी गई है, जबकि 2026 के मक्का, ज्वार और गेहूँ के शुरुआती उत्पादन का अनुमान लगभग 42,000 टन है, जो पाँच-वर्षीय औसत का करीब आधा है। भारी बारिश और जलभराव से फसलों के जोखिम बढ़े हैं, विशेषकर बेरिया में; 2027 में एल नीनो से जुड़ा सूखे का जोखिम अपेक्षित है। वर्षा-आधारित ग्रीष्मकालीन फसलें आम तौर पर अक्टूबर से अप्रैल तक और शीतकालीन गेहूँ लगभग मई से सितंबर तक उगाया जाता है; कमी का मौसम आम तौर पर अक्टूबर से मार्च तक रहता है। देश में दस जिले और चार व्यापक कृषि-पारिस्थितिक क्षेत्र हैं। तराई अधिक घनी आबादी वाला, अधिक खेती वाला और अधिक शहरीकृत क्षेत्र है। पहाड़ी ढलानों पर वर्षा कम होती है। पर्वतीय क्षेत्र सबसे बड़े भू-भाग में फैले हैं, वहाँ सर्दियाँ बहुत ठंडी और खेती योग्य भूमि सीमित है; इसलिए पशुपालन पर अधिक निर्भरता है। सेनकू नदी घाटी पूर्व-पश्चिम में एक संकरा गलियारा बनाती है। इन भिन्नताओं से तय होता है कि क्या पैदा किया जाता है, भोजन को कितनी दूर ले जाना पड़ता है और मौसमी कमी कीमतों तथा परिवारों की पहुँच को कितना प्रभावित करती है। आम भोजन में पापा, गाढ़ा मक्के का दलिया, दूध, मांस, बीन्स या पत्तेदार सब्ज़ियों से बनी चटनी के साथ परोसा जाता है। बसोथो भोजन परंपराओं में बोहोबे, लिंखोआ, लेक़ेबेकोआने, बोहोबे बा पोलाता, लिप्हाफ़ाथा, मोनेपोला ओआ पोओने एआ थोको, मोचाहलामा, सेनखोआना और न्त्सोआनात्सिके जैसे ब्रेड और आटे से बने खाद्य पदार्थ भी शामिल हैं। इन्हें बनाने में छँटाई, सफ़ाई, पिसाई, मिलाना, किण्वन और भाप में पकाना या सेंकना शामिल हो सकता है। तोमोसो का अर्थ स्टार्टर कल्चर है; दर्ज स्टार्टर में तोमोसो एआ जोआला, तोमोसो एआ मोतोहो और होपोस शामिल हैं। लिकालेत्सा पारंपरिक भाप में पकाने के आधार हैं। किण्वित खाद्य और पेय में मोतोहो शामिल है—ज्वार का किण्वित दलिया, जिसे ठंडे पेय या पूरक भोजन के रूप में भी लिया जा सकता है—और माफी, प्राकृतिक रूप से किण्वित दूध। पारंपरिक किण्वन स्वाद और संरक्षण बेहतर कर सकता है, लेकिन खराब स्वच्छता या किण्वन के बाद दूषण से खाद्य सुरक्षा का जोखिम हो सकता है। कच्चे और किण्वित दूध को सुरक्षित तरीके से सँभालना चाहिए; उपलब्ध प्रमाण सभी किण्वित दूध पर पूर्ण प्रतिबंध का समर्थन नहीं करते। स्थानीय पत्तेदार सब्ज़ियाँ तराई, पहाड़ी ढलानों और उच्चभूमि में दर्ज हैं, हालाँकि एक अध्ययन में रोज़मर्रा के उपयोग का केंद्र अधिक आयु वाले उपभोक्ता थे। सड़क का भोजन पहुँच का बड़ा माध्यम और आय का स्रोत है, खासकर मासेरू में जहाँ बाज़ार, छोटी दुकानें, सुपरमार्केट और अनौपचारिक विक्रेता रेस्तराँ के साथ काम करते हैं। एक अध्ययन में केवल लगभग 6% उपभोक्ताओं ने बताया कि वे सड़क का भोजन कभी नहीं खरीदते। विक्रेताओं को खाद्य सुरक्षा की औसत जानकारी कम थी और साफ़ पानी तथा हाथ धोने की सुविधाएँ अक्सर सीमित थीं। ग्रामीण और दूरस्थ परिवारों को आम तौर पर दुकानों और बाज़ारों तक अधिक दूरी तय करनी पड़ती है, अपनी फसल पर अधिक मौसमी निर्भरता और कीमत तथा आपूर्ति के अधिक जोखिम झेलने पड़ते हैं। WFP सभी दस जिलों में 50,000 से अधिक बच्चों को प्राथमिक-पूर्व स्कूल भोजन देता है और दो दक्षिणी जिलों में स्थानीय उत्पादों पर आधारित स्कूल भोजन कार्यक्रम चलाता है। पोषण और जीवन के पहले 1,000 दिनों के कार्यक्रम संवेदनशील परिवारों की सहायता करते हैं। उपलब्ध पोषण प्रोफ़ाइलों के अनुसार 56% परिवार पौष्टिक आहार का खर्च नहीं उठा सकते, लगभग 631,000 लोग खाद्य असुरक्षा का सामना करते हैं, पाँच वर्ष से कम आयु के 36% बच्चों की वृद्धि अवरुद्ध है और दो वर्ष से कम आयु के केवल 15% बच्चे न्यूनतम स्वीकार्य आहार मानक पूरा करते हैं। ये आँकड़े अलग-अलग रिपोर्टिंग अवधियों के हैं; इन्हें एक ही वर्ष का माप न समझें। खाद्य कीमतें दक्षिण अफ़्रीकी अनाज बाज़ार से घनिष्ठ रूप से जुड़ी हैं। जून 2026 तक साल-दर-साल खाद्य मुद्रास्फीति 2% से कुछ कम थी; ब्रेड और अनाज लगभग 6% सस्ते थे, जबकि मांस लगभग 8% महँगा था। अनाज की कम कीमतें घरेलू फसल कमज़ोर होने पर आयात निर्भरता समाप्त नहीं करतीं। परिवार पर भोजन का वास्तविक खर्च परिवहन दूरी, आय, मौसम, घरेलू उत्पादन तथा मांस, सब्ज़ियों और अन्य खाद्य पदार्थों की कीमत पर भी निर्भर करता है। खाद्य सुरक्षा पर राष्ट्रीय और जिला स्तर पर निगरानी है, लेकिन उपलब्ध प्रमाण से पूरे देश में विक्रेता लाइसेंस का एक नियम, तय निरीक्षण कार्यक्रम, दंड व्यवस्था या उपभोक्ता उपचारों का पूरा समूह स्थापित नहीं होता। जलवायु-अनुकूल खेती, मिट्टी और पानी का संरक्षण, लिकोटी जैसी संरक्षण कृषि, स्थानीय संग्रह और भंडारण जोखिम कम कर सकते हैं। शीत-भंडारण और प्रशिक्षण की कमी के कारण कटाई के बाद नुकसान जारी है; कटाव, अति-चराई, वर्षा पर निर्भरता और आयात जोखिम खाद्य उपलब्धता को प्रभावित करते हैं। लेसोथो मौसम सेवाएँ मौसमी पूर्वानुमान, कृषि-मौसम बुलेटिन और जोखिम संकेतक देती हैं, जिनसे उत्पादन और भंडारण के निर्णयों में सहायता मिल सकती है।
लेसोथो में भोजन
लेसोथो में भोजन छोटे किसानों की खेती, आयात, स्थानीय बाज़ारों, दुकानों, सुपरमार्केट, सड़क विक्रेताओं और घरेलू उत्पादन से आता है। मक्का, ज्वार, गेहूँ, बीन्स, मटर, सब्ज़ियाँ, फल, मांस और डेयरी रोज़मर्रा के भोजन का हिस्सा हैं; गाढ़ा मक्के का दलिया पापा आम आधार भोजन है। पहुँच मौसम, स्थान, फसल की स्थिति, आय और दक्षिण अफ़्रीका से आयात पर निर्भरता के अनुसार बदलती है।
सुझाव
लेसोथो में भोजन की योजना उपलब्धता, कीमत, दूरी और सुरक्षा के संतुलन के रूप में बनाएँ। अपनी परिस्थिति के अनुसार स्रोत मिलाएँ: घरेलू उत्पादन बाज़ार कीमतों के जोखिम को कम कर सकता है, जबकि फसल खराब होने पर बाज़ार और दुकान विकल्प देते हैं; आयातित मुख्य खाद्य आपूर्ति बेहतर करते हैं, लेकिन दक्षिण अफ़्रीकी बाज़ारों से जुड़े रहते हैं। अक्टूबर से मार्च के कमी वाले मौसम की योजना बनाएँ, खाद्य स्वच्छता जाँचें और केवल सस्ते अनाज पर निर्भर रहने के बजाय विविध भोजन चुनकर घरेलू बजट और आहार की रक्षा करें।

