लेबनान एक संप्रभु संसदीय गणराज्य है। इसका संविधान प्रतिनिधि शासन, सार्वजनिक संस्थाओं, व्यक्तिगत अधिकारों और विधायिका, कार्यपालिका तथा न्यायपालिका के बीच जिम्मेदारियों के विभाजन की व्यवस्था करता है। लेबनानी व्यवस्था को आम तौर पर सांप्रदायिक सत्ता-साझाकरण वाली व्यवस्था कहा जाता है। इसका अर्थ है कि राजनीतिक सत्ता मान्यता प्राप्त धार्मिक समुदायों के बीच साझा होती है। राज्य पर किसी एक समूह का नियंत्रण रोकने के उद्देश्य से प्रमुख पद और संसदीय सीटें स्थापित सामुदायिक व्यवस्थाओं के अनुसार बाँटी जाती हैं। गणराज्य का राष्ट्रपति राष्ट्राध्यक्ष होता है और संसद उसे चुनती है। प्रधानमंत्री सरकार का नेतृत्व करता है, जबकि मंत्रिपरिषद प्रमुख कार्यकारी फैसले सामूहिक रूप से लेती है। लेबनान की संसद को प्रतिनिधि परिषद कहा जाता है। यह कानून पारित करती है, सार्वजनिक वित्त को मंज़ूरी देती है, सरकार की निगरानी करती है और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत राष्ट्रपति का चुनाव करती है। अदालतें दीवानी, आपराधिक, प्रशासनिक और अन्य कानूनी विवादों पर सुनवाई करती हैं। विवाह, तलाक और विरासत जैसे व्यक्तिगत स्थिति के मामले किसी व्यक्ति के मान्यता प्राप्त धार्मिक समुदाय पर निर्भर हो सकते हैं; इसलिए लेबनान में हर पारिवारिक मामले के लिए एक ही व्यवस्था नहीं है। देश गवर्नरेटों में बँटा है, जिन्हें मुहाफ़ज़ात (muhafazat) कहा जाता है, और इनमें छोटे प्रशासनिक क्षेत्र भी हैं। नगरपालिकाएँ सड़कों, सार्वजनिक स्थानों, कचरा सेवाओं और सामुदायिक परियोजनाओं जैसे स्थानीय मामलों का प्रबंधन करती हैं, हालाँकि उनके संसाधन और क्षमता में बहुत अंतर है। राजनीतिक दल, सामुदायिक नेता, पेशेवर समूह, नागरिक समाज संगठन और पारिवारिक नेटवर्क—सभी सार्वजनिक मामलों को प्रभावित करते हैं। इसलिए औपचारिक नियमों के साथ बातचीत, गठबंधन बनाना और स्थानीय संबंध भी काम करते हैं। राज्य कानूनी पहचान, शिक्षा, सुरक्षा, बुनियादी ढाँचा, सामाजिक सेवाएँ और सार्वजनिक फैसलों में भागीदारी के तरीके उपलब्ध करा सकता है। उसकी मुख्य सीमाओं में बँटी हुई सत्ता, राजनीतिक समझौतों में देरी, सार्वजनिक संस्थाओं की असमान क्षमता और अनेक संस्थाओं तथा समुदायों के बीच सहयोग पर निर्भरता शामिल हैं।
लेबनान में राज्य व्यवस्था
लेबनान एक संसदीय गणराज्य है, जहाँ सत्ता-साझाकरण की व्यवस्था कुछ हद तक मान्यता प्राप्त धार्मिक समुदायों पर आधारित है। राज्य में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल, संसद, अदालतें, सार्वजनिक प्राधिकरण और स्थानीय सरकार शामिल हैं। लेबनान को समझने के लिए औपचारिक संस्थाओं के साथ उन सामुदायिक समझौतों को भी देखना ज़रूरी है जो राजनीतिक जीवन को आकार देते हैं।
सुझाव
लेबनान में सही सार्वजनिक कार्यालय इस बात पर निर्भर करता है कि मामला राष्ट्रीय, नगरपालिका, न्यायिक या व्यक्तिगत स्थिति से जुड़ा है। आपको जिस सेवा या फैसले की ज़रूरत है, उसे स्पष्ट रूप से बताएँ और फिर पुष्टि करें कि उसकी जिम्मेदारी किस प्राधिकरण की है। जिम्मेदारियाँ कई निकायों में बँटी हो सकती हैं, इसलिए लिखित रिकॉर्ड रखें।

