पुरातात्विक साक्ष्य बताते हैं कि लिखित अभिलेखों से बहुत पहले वर्तमान लाओस के क्षेत्र में लोग रहते थे। जार का मैदान इन प्रारंभिक कालों के सबसे प्रसिद्ध अवशेषों में से एक है, हालांकि इसका मूल उद्देश्य और इसे बनाने वाले समाज का अध्ययन अब भी पुरातत्व और संबंधित साक्ष्यों के माध्यम से किया जा रहा है। लान ज़ांग राज्य, जिसका अर्थ “दस लाख हाथी” है, की स्थापना 1353 में फ़ा नगुम ने की थी। यह मुख्यभूमि दक्षिण-पूर्व एशिया की एक प्रमुख राजनीतिक शक्ति बना और थेरवाद बौद्ध धर्म, लाओ दरबारी परंपराओं तथा क्षेत्रीय संपर्कों को स्थापित करने में सहायक हुआ। इसके शासकों ने लुआंग प्रबांग और वियनतियाने सहित अलग-अलग केंद्रों से शासन किया। बाद में लान ज़ांग अलग-अलग लाओ राज्यों में बँट गया, जो आपस में प्रतिस्पर्धा करते थे और सियाम, बर्मा तथा वियतनाम के दबाव में आए। उन्नीसवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में फ्रांस ने लाओस पर नियंत्रण स्थापित किया। 1893 में सियाम ने मेकांग के पूर्व के क्षेत्रों पर फ्रांसीसी अधिकार स्वीकार किया और लाओस फ्रांसीसी इंडोचीन का हिस्सा बन गया। फ्रांसीसी प्रशासन ने सीमाओं, सरकारी संस्थाओं और आर्थिक संबंधों को बदला, जबकि कई क्षेत्रों में स्थानीय शासकों और समुदायों का प्रभाव बना रहा। औपनिवेशिक काल ने आधुनिक लाओ राष्ट्रीय पहचान के विकास को भी आकार दिया। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापान ने थोड़े समय के लिए फ्रांसीसी सत्ता को हटाया। युद्ध के बाद लाओ राष्ट्रवादियों ने लाओ इस्सारा आंदोलन बनाया और फ्रांसीसी शासन की वापसी का विरोध किया। 1953 में स्वतंत्रता को मान्यता मिलने और 1954 में प्रथम इंडोचीन युद्ध के व्यापक समझौते से इसकी पुष्टि होने से पहले लाओस को क्रमशः अधिक स्वायत्तता मिली। इसके बाद के दशकों में गृहयुद्ध और बड़े पैमाने पर विदेशी भागीदारी हुई। उत्तरी वियतनाम से संबद्ध कम्युनिस्ट आंदोलन पाथेट लाओ ने रॉयल लाओ सरकार से युद्ध किया। वियतनाम युद्ध का असर लाओस पर सैन्य अभियानों, आपूर्ति मार्गों और व्यापक हवाई बमबारी के रूप में पड़ा, खासकर हो ची मिन्ह ट्रेल से जुड़े क्षेत्रों में। इस अवधि के बिना फटे आयुध देश के कई हिस्सों में अब भी खतरा हैं और कृषि, बुनियादी ढाँचे तथा ग्रामीण जीवन को प्रभावित करते हैं। 1975 में पाथेट लाओ ने सत्ता संभाली, राजशाही समाप्त कर दी गई और लाओ जनवादी लोकतांत्रिक गणराज्य की स्थापना हुई। लाओ जन क्रांतिकारी पार्टी केंद्रीय राजनीतिक शक्ति बन गई। लाओस में ऐतिहासिक व्याख्या पुरातात्विक अवशेषों, लाओ और क्षेत्रीय इतिहास-वृत्तांतों, औपनिवेशिक अभिलेखों, मौखिक इतिहास और युद्धकालीन दस्तावेज़ों पर आधारित है; ये स्रोत घटनाओं को हमेशा एक ही दृष्टिकोण से नहीं बताते।
लाओस में इतिहास
लाओस का इतिहास प्रारंभिक समाजों, क्षेत्रीय राज्यों, फ्रांसीसी औपनिवेशिक शासन, युद्धों और 1975 में लाओ जनवादी लोकतांत्रिक गणराज्य की स्थापना के विकास को दर्शाता है। लान ज़ांग राज्य ने कई शताब्दियों तक वर्तमान लाओस के बड़े हिस्से को राजनीतिक और सांस्कृतिक रूप से जोड़ा। आधुनिक लाओस पर प्रथम इंडोचीन युद्ध, वियतनाम युद्ध और उसके बाद की क्रांतिकारी अवधि के संघर्षों का गहरा प्रभाव पड़ा।
सुझाव
लाओस के इतिहास को एक ही अविच्छिन्न राष्ट्रीय कथा के बजाय राजनीतिक, सांस्कृतिक और सैन्य बदलावों की समयरेखा के रूप में देखें। किसी भी व्याख्या, अध्ययन कार्य या स्थानीय चर्चा में अवधि की पहचान करें, उपलब्ध दृष्टिकोणों की तुलना करें और स्थापित साक्ष्य को अब भी अनसुलझी व्याख्या से अलग रखें।

