लक्ज़मबर्ग का इतिहास पहले की सेल्टिक, रोमन और मध्ययुगीन बस्तियों से जुड़ा है, लेकिन 963 में Lucilinburhuc में बने मध्ययुगीन किले ने बाद की काउंटी ऑफ़ लक्ज़मबर्ग की नींव रखी। 1354 में काउंटी को डची का दर्जा मिला। लक्ज़मबर्ग राजवंश के सदस्य बोहेमिया के राजा और पवित्र रोमन सम्राट बने, जिससे इस छोटे क्षेत्र का राजनीतिक प्रभाव बहुत दूर तक पहुँचा। लक्ज़मबर्ग का किला एक रणनीतिक सैन्य केंद्र भी था और इसे “उत्तर का जिब्राल्टर” कहा जाता था। यह क्षेत्र बर्गंडियन, हैब्सबर्ग, स्पेनी, फ़्रांसीसी और ऑस्ट्रियाई शक्तियों के अधीन आता-जाता रहा। 1659, 1815 और 1839 की संधियों ने क्रमशः लक्ज़मबर्ग का क्षेत्र घटाया और बदला। 1815 में लक्ज़मबर्ग एक ग्रैंड डची बना और नीदरलैंड के साथ व्यक्तिगत संघ में शामिल हुआ। 1839 के समझौते ने आज के क्षेत्रीय स्वरूप का बड़ा हिस्सा तय किया और लक्ज़मबर्ग को उस बेल्जियन प्रांत से अलग किया जो पहले ग्रैंड डची का हिस्सा था। 1890 में उत्तराधिकार हाउस ऑफ़ नासाउ-वाइलबुर्ग को मिलने पर व्यक्तिगत संघ समाप्त हो गया। दोनों विश्व युद्धों के दौरान जर्मनी ने लक्ज़मबर्ग पर कब्ज़ा किया। द्वितीय विश्व युद्ध में देश की संप्रभुता का उल्लंघन होने के बाद पड़ोसी राज्यों के साथ घनिष्ठ सहयोग के समर्थन में वृद्धि हुई। 1945 के बाद लक्ज़मबर्ग यूरोपीय एकीकरण का संस्थापक सहभागी बना और उसने प्रमुख यूरोपीय संस्थानों की मेज़बानी की। आर्थिक बदलाव, आव्रजन और लक्ज़मबर्गिश, फ़्रांसीसी तथा जर्मन भाषाओं का निरंतर उपयोग भी आधुनिक समाज को आकार देते रहे हैं। ऐतिहासिक जानकारी लिखित अभिलेखों, नक्शों, इमारतों, पुरातात्विक साक्ष्यों, तस्वीरों, मौखिक विवरणों और प्रशासनिक अभिलेखागार से मिलती है। Archives nationales de Luxembourg, नगरपालिका संग्रह, संग्रहालय और स्थानीय इतिहास समितियाँ इस रिकॉर्ड के अलग-अलग हिस्सों को सुरक्षित रखती हैं। स्रोतों में मतभेद हो सकते हैं, क्योंकि वे अलग-अलग सरकारों, समुदायों या पर्यवेक्षकों ने बनाए थे। उनकी तारीख, उद्देश्य, भाषा और दृष्टिकोण की तुलना करने से दर्ज घटनाओं और बाद की व्याख्याओं में अंतर समझने में मदद मिलती है।
लक्ज़मबर्ग का इतिहास
पश्चिमी यूरोप की बड़ी शक्तियों के बीच लक्ज़मबर्ग की स्थिति ने उसके इतिहास को आकार दिया। मध्ययुगीन काउंटी से डची और फिर स्वतंत्र राज्य बनने तक, कई संधियों और विभाजनों ने इसकी सीमाएँ बदलीं। इसका किला, बहुभाषी समाज, विदेशी कब्ज़े और यूरोपीय एकीकरण में भूमिका आज के लक्ज़मबर्ग को समझने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
सुझाव
वर्तमान समाज को समझने के लिए लक्ज़मबर्ग के इतिहास को क्षेत्र, राजनीतिक शक्ति, सैन्य रणनीति और यूरोपीय सहयोग के ढाँचे के रूप में देखें। अपने प्रश्न से जुड़ी अवधि और जगह से शुरू करें, फिर किसी व्याख्या को तय मानने से पहले एक से अधिक प्रकार के स्रोतों की तुलना करें। पुराने क्षेत्रीय स्वरूपों को लक्ज़मबर्ग की मौजूदा सीमाओं से अलग रखें।

