आज के मोंटेनेग्रो के आरंभिक दर्ज इतिहास में इलिरियाई समुदाय और रोमन शासन शामिल हैं। मध्यकालीन दुक्ल्या, जिसे बाद में ज़ेटा कहा गया, क्षेत्रीय शक्तियों के बीच विभाजित होने से पहले एक महत्वपूर्ण स्थानीय राजनीतिक परंपरा बनी। क्र्नोयेविच वंश ने मध्ययुग के उत्तरार्ध में सेटिन्ये को राजनीतिक और धार्मिक केंद्र बनाने में सहायता की। आरंभिक आधुनिक काल से इस क्षेत्र पर ओटोमन साम्राज्य, वेनिस और अन्य एड्रियाटिक शक्तियों का निरंतर दबाव और प्रभाव रहा। कोटर जैसे तटीय बस्तियाँ समुद्री नेटवर्क का हिस्सा बनीं, जो पर्वतीय आंतरिक क्षेत्र की राजनीतिक और सैन्य परिस्थितियों से अलग थे। पेट्रोविच-न्येगोश शासकों ने अठारहवीं और उन्नीसवीं शताब्दी में मोंटेनेग्रो की स्वायत्तता और राज्य संस्थाओं को मजबूत किया। 1878 में बर्लिन कांग्रेस में मोंटेनेग्रो को स्वतंत्र राज्य के रूप में अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिली और 1910 में वह राज्य बना। 1918 में उसने सर्बिया के साथ संघ में प्रवेश किया, जो बाद में सर्ब, क्रोएट और स्लोवेनियों के राज्य का हिस्सा बना और जिसे बाद में यूगोस्लाविया कहा गया। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद मोंटेनेग्रो समाजवादी यूगोस्लाविया के गणराज्यों में से एक बना। यूगोस्लाविया के विघटन के बाद वह सर्बिया के साथ राज्य संघ में रहा और 2006 में स्वतंत्रता की घोषणा की। 1918 के अर्थ, क्षेत्रीय पहचानों के संतुलन और राज्यत्व, राजवंशीय शासन तथा यूगोस्लाव एकीकरण के संबंध पर ऐतिहासिक विवरणों में मतभेद हो सकते हैं। संग्रहालय, अभिलेखागार, शिलालेख, धार्मिक इमारतें, किलेबंदियाँ और स्थानीय भू-दृश्य साक्ष्य देते हैं, लेकिन हर स्रोत अपने समय, उद्देश्य और दृष्टिकोण को दर्शाता है।
मोंटेनेग्रो का इतिहास
मोंटेनेग्रो का इतिहास प्राचीन काल से वर्तमान तक एड्रियाटिक, बाल्कन और ओटोमन जगतों के परस्पर प्रभाव को दर्शाता है। इसके राजनीतिक विकास में दुक्ल्या और ज़ेटा, सेटिन्ये पर केंद्रित मध्यकालीन और बाद की रियासत, मोंटेनेग्रो का राज्य, यूगोस्लाविया और 2006 में स्वतंत्रता की बहाली शामिल हैं। तटीय नगरों और अंतर्देशीय पर्वतीय क्षेत्रों के ऐतिहासिक रास्ते अलग-अलग रहे, इसलिए स्थानीय स्थल और स्रोत भिन्न दृष्टिकोण प्रस्तुत कर सकते हैं।
सुझाव
मोंटेनेग्रो के इतिहास को एक अखंड विवरण की तरह देखने के बजाय कालखंडों, स्थानों और स्रोतों की तुलना के रूप में समझें। हर दावे को उसके स्थान और साक्ष्य से जोड़ें और 1918 की व्याख्याओं को विशेष सावधानी से लें। तटीय नगरों के अनुभव को पर्वतीय आंतरिक क्षेत्र पर या इसके उलट सामान्यीकृत न करें।

