मॉरीशियाई लोग अक्सर एक ही दिन में एक से अधिक भाषा का उपयोग करते हैं। वक्ता, माहौल, विषय, स्कूल, कार्यस्थल या परिवार के अनुसार भाषा बदल सकती है। क्रेओल मोरिस्याँ, जिसे अंग्रेज़ी में मॉरीशियाई क्रियोल भी कहा जाता है, आबादी के बड़े हिस्से के लिए मुख्य साझा बोली जाने वाली भाषा है। इसका विकास द्वीप के औपनिवेशिक, अफ़्रीकी, यूरोपीय, एशियाई और बागान संबंधी इतिहास के दौरान हुआ। सरकार, कानून और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में अंग्रेज़ी की मजबूत संस्थागत भूमिका है। बोली जाने वाली भाषा संदर्भ पर निर्भर करती है; औपचारिक अंग्रेज़ी को संवाद का एकमात्र राष्ट्रीय माध्यम नहीं समझना चाहिए। मीडिया, संस्कृति, व्यवसाय और रोज़मर्रा की बातचीत में फ़्रेंच का व्यापक प्रभाव दिखाई देता है। बहुत से लोग फ़्रेंच और क्रेओल मोरिस्याँ के बीच सहजता से आते-जाते हैं, हालाँकि भाषा-कौशल और पसंद अलग-अलग होते हैं। भोजपुरी उन अनेक मॉरीशियाई लोगों की भाषाई विरासत का हिस्सा है जिनके पूर्वज उत्तर भारत से आए थे। परिवारों और पीढ़ियों के अनुसार इसका रोज़मर्रा का इस्तेमाल अलग-अलग होता है। अन्य भाषाएँ समुदायों को उनके वंश, धर्म, स्कूली शिक्षा और सांस्कृतिक प्रथाओं से जोड़ती हैं। इनमें भारतीय भाषाएँ, चीनी भाषा-रूप, धार्मिक संदर्भों में अरबी और प्रवास के साथ आई अन्य भाषाएँ शामिल हैं। कोड-स्विचिंग का अर्थ है परिस्थिति के अनुसार भाषा बदलना या भाषाओं के तत्व मिलाना। मॉरीशस में यह भ्रम या कमज़ोर भाषा-कौशल के बजाय बहुभाषी दक्षता का सामान्य संकेत हो सकता है। उच्चारण, शब्दावली और बोलने का ढंग उम्र, जगह, स्कूली शिक्षा, पेशे या सामाजिक समूह का संकेत दे सकते हैं। इन्हें बुद्धिमत्ता का भरोसेमंद पैमाना कभी नहीं मानना चाहिए। भाषा अवसर पैदा करती है, लेकिन बाधाएँ भी खड़ी कर सकती है। स्पष्ट समझाइश, अनुवाद, धैर्यपूर्वक सुनना और परिस्थिति के अनुकूल भाषा चुनना सेवाओं और रिश्तों को अधिक समावेशी बनाता है।
मॉरीशस में भाषा
मॉरीशस में बहुभाषिकता स्वाभाविक है। क्रेओल मोरिस्याँ सबसे अधिक साझा की जाने वाली रोज़मर्रा की भाषा है, जबकि शिक्षा, प्रशासन, मीडिया और औपचारिक संवाद में अंग्रेज़ी और फ़्रेंच की महत्वपूर्ण भूमिकाएँ हैं। भोजपुरी और कई पैतृक तथा धार्मिक भाषाएँ मॉरीशियाई पहचान को और समृद्ध करती हैं।
सुझाव
पहले उस भाषा में बात शुरू करें जिसे दोनों लोग सबसे अच्छी तरह समझते हैं, फिर विनम्रता से ज़रूरत के अनुसार बदलें। क्रेओल मोरिस्याँ के बुनियादी शब्द सीखने से रोज़मर्रा का संपर्क अधिक सहज हो सकता है, जबकि औपचारिक परिस्थितियों में अंग्रेज़ी या फ़्रेंच मदद कर सकती है। किसी के उच्चारण या मिली-जुली भाषा को देखकर निर्णय लेने के बजाय समझ की पुष्टि करें।

