मालदीव की राजनीति के दो जुड़े हुए पक्ष हैं। राज्य की रूपरेखा बताती है कि मालदीव गणराज्य सार्वजनिक प्राधिकार का प्रयोग कैसे करता है। राष्ट्रीय विधायिका कानून बनाती है, राष्ट्रपति कार्यपालिका का नेतृत्व करते हैं और स्वतंत्र न्यायालय न्याय करते हैं। 21 प्रशासनिक निर्वाचन क्षेत्रों में राष्ट्रीय संस्थाओं के साथ शहर और द्वीप परिषदें भी काम करती हैं, जिससे राजनीतिक प्राधिकार के राष्ट्रीय और स्थानीय दोनों आयाम बनते हैं। एकात्मक गणराज्य का अर्थ है कि मालदीव अलग-अलग राज्यों का संघ नहीं, बल्कि एक संप्रभु राज्य है; स्थानीय परिषदें इसी राष्ट्रीय संवैधानिक ढाँचे के भीतर काम करती हैं। चुनावी रूपरेखा बताती है कि पात्र नागरिक राष्ट्रपति, राष्ट्रीय विधायिका के सदस्यों और स्थानीय प्रतिनिधियों को चुनने में कैसे भाग लेते हैं। मालदीव का निर्वाचन आयोग (Elections Commission of Maldives) चुनाव आयोजित और पर्यवेक्षित करता है, मतदाता रजिस्टर (Voters’ Registry) का रखरखाव करता है और आधिकारिक परिणाम प्रकाशित करता है। मतदान गुप्त होता है और सामान्यतः निर्धारित मतदान केंद्र पर एक मतपत्र के साथ किया जाता है। जनमत-संग्रह उम्मीदवारों के चुनाव के बजाय किसी निर्धारित प्रश्न पर सार्वजनिक मतदान होता है। इसलिए मालदीव की राजनीति को समझने के लिए उन संस्थाओं और चुनावी प्रक्रियाओं, दोनों को समझना आवश्यक है जिनके माध्यम से प्राधिकार का प्रयोग होता है और सार्वजनिक प्रतिनिधियों को जनादेश मिलता है।
राजनीति: मालदीव में
मालदीव की राजनीति में राज्य के संगठन और उन प्रक्रियाओं, दोनों का समावेश है जिनके माध्यम से पात्र नागरिक सार्वजनिक प्रतिनिधियों का चुनाव करते हैं। मालदीव गणराज्य 2008 के मालदीव के संविधान (Constitution of Maldives 2008) के तहत एक संप्रभु, स्वतंत्र, लोकतांत्रिक और एकात्मक गणराज्य है: राष्ट्रीय विधायिका (People's Majlis) कानून बनाती है, राष्ट्रपति कार्यपालिका का नेतृत्व करते हैं और स्वतंत्र न्यायालय न्याय करते हैं। चुनाव राष्ट्रीय और स्थानीय प्रतिनिधियों का निर्धारण करते हैं या जनमत-संग्रह पर निर्णय कराते हैं, जबकि सार्वजनिक प्राधिकार 21 प्रशासनिक निर्वाचन क्षेत्रों में राष्ट्रीय संस्थाओं तथा शहर और द्वीप परिषदों के माध्यम से काम करता है।
सुझाव
मालदीव में राजनीतिक प्रश्नों के लिए दो भागों वाली जाँच करें: पहले पहचानें कि प्राधिकार किस संस्था या स्तर के पास है, फिर निर्धारित करें कि नागरिक प्रतिनिधियों को चुन रहे हैं या जनमत-संग्रह पर मतदान कर रहे हैं। राष्ट्रीय संस्थाओं को शहर और द्वीप परिषदों से अलग रखें, क्योंकि प्राधिकार का स्तर यह बदलता है कि मुद्दे को कैसे समझना चाहिए। चुनाव संबंधी मामलों में मालदीव के निर्वाचन आयोग और उसकी प्रकाशित जानकारी को संदर्भ बिंदु मानें।

