मालदीव लगभग 822 किलोमीटर लंबी द्वीप-शृंखला में फैला है। इसके भू-दृश्यों में उथले और गहरे लैगून, रेतीले समुद्रतट, ज्वारीय मैदान, जलमग्न रेत-तल, खुले समुद्री जल और समुद्री पर्वत शामिल हैं। प्रवाल भित्तियाँ प्रमुख पारिस्थितिक तंत्र हैं। भित्तियों का निर्माण, तलछट का खिसकना, मानसूनी हवाएँ, धाराएँ और ज्वार लगातार द्वीपों और तटरेखाओं को आकार देते हैं। थिला रीफ या उथले पानी की संरचना है। मैंग्रोव और आर्द्रभूमियाँ तटों की रक्षा, तलछट को स्थिर रखने, आवास उपलब्ध कराने और कार्बन भंडारण में सहायता करती हैं। स्थानीय नामों में ब्रुगुएरा सिलिंड्रिका के लिए कन्दू (Kan'doo), राइजोफोरा मुक़्रोनेटा के लिए रन्दू (Ran'doo), ग्रे मैंग्रोव के लिए बारुगस (Barugas), समुद्री कछुओं के लिए वेला कहनबु (Velaa kahanbu) और रे या स्केट के लिए मदि (Madi) शामिल हैं। जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण और ऊर्जा मंत्रालय, पर्यावरण विनियामक प्राधिकरण (Environmental Regulatory Authority, ERA), मत्स्य, समुद्री संसाधन और कृषि मंत्रालय, पर्यटन मंत्रालय, मालदीव समुद्री अनुसंधान संस्थान, एटोल और द्वीप परिषदों तथा जीवमंडल आरक्षित क्षेत्र कार्यालयों की अलग-अलग संबंधित जिम्मेदारियाँ हैं। पुराने दस्तावेज़ पर्यावरण नियामक के लिए EPA और मंत्रालयों के पुराने नाम उपयोग कर सकते हैं। पर्यावरण संरक्षण मुख्यतः पर्यावरण संरक्षण और परिरक्षण अधिनियम 4/93, संरक्षित क्षेत्र विनियमन 2018/R-78 और बाद के संशोधनों, प्रजाति नियमों तथा मत्स्य नियमों पर आधारित है। मौजूदा संरक्षित-क्षेत्र पोर्टल में 93 संरक्षित क्षेत्र, 66,178.03 हेक्टेयर, तीन UNESCO जीवमंडल आरक्षित क्षेत्र, छह प्रबंधित क्षेत्र और दो उम्मीदवार अन्य प्रभावी क्षेत्र-आधारित संरक्षण उपाय (Other Effective Area-Based Conservation Measures, OECMs) सूचीबद्ध हैं। अन्य आधिकारिक आँकड़े अलग हैं: मुख्य पृष्ठ पर 66,006.89 हेक्टेयर और कोई उम्मीदवार OECM नहीं, जबकि 2024 के ढाँचे में 54,315 हेक्टेयर में फैले 91 राष्ट्रीय समुद्री संरक्षित क्षेत्र बताए गए हैं। ये अंतर संस्करण, श्रेणियों और रिपोर्टिंग तारीखों से जुड़े हैं; निर्णय के लिए मौजूदा स्थल रिकॉर्ड और प्रबंधन दस्तावेज़ उपयोग करें। संरक्षित क्षेत्रों में कोर, बफर, पर्यटन, मछली पकड़ने पर रोक या आंशिक संरक्षण क्षेत्र हो सकते हैं। बा एटोल का हनीफारू व्हेल शार्क और मंटा रे के प्रमुख आवास की रक्षा करता है। ईधिगली किल्ही और कोअट्टे अद्दू नेचर पार्क बनाते हैं, जिसमें आर्द्रभूमि, मैंग्रोव और समुद्री आवास हैं। हुरा मैंग्रोव क्षेत्र 5.32 हेक्टेयर में है और शिक्षा, अनुसंधान तथा पर्यटन के लिए उपयोग होता है। हर संरक्षित क्षेत्र या गतिविधि में पहुँच स्वतः निःशुल्क नहीं है। पहुँच, अनुसंधान, फोटोग्राफी, वीडियो, टूर गाइड और संसाधन-संग्रहकर्ता परमिट ERA संरक्षित-क्षेत्र पोर्टल से संभाले जाते हैं। मंज़ूरी के बाद परमिट ईमेल से भेजा जाता है और क्षेत्र, गतिविधि, समय-खंड तथा आगंतुक संख्या बताकर भ्रमण बुक किया जाता है। स्थल योजनाएँ अस्थायी बंदी या अन्य शर्तें लगा सकती हैं। पर्यटन, फोटोग्राफी और वीडियो आवेदन के लिए कम से कम 14 दिन की तैयारी अवधि रखें; अनुसंधान आवेदन के लिए कम से कम 30 दिन चाहिए। शुल्क एक राष्ट्रीय प्रकृति शुल्क के बजाय स्थल, उपयोगकर्ता श्रेणी और गतिविधि के अनुसार बदलते हैं। दर्ज उदाहरणों में अद्दू नेचर पार्क में कैनोइंग के लिए प्रति व्यक्ति MVR 5, वहाँ पर्यटक के लिए MVR 108 और 1 मई से 1 दिसंबर 2026 तक हनीफारू भ्रमण के लिए प्रति व्यक्ति MVR 310 शामिल हैं। मौसम के कारण गतिविधियाँ रोकी जा सकती हैं और शुल्क वापस न मिले। मालदीव में 280 से अधिक रीफ बनाने वाली प्रवाल प्रजातियाँ, 1,090 से अधिक तल-निवासी और जल-सतह के पास रहने वाली मछली प्रजातियाँ, लगभग 40 शार्क प्रजातियाँ, पाँच समुद्री कछुआ प्रजातियाँ, लगभग 20 व्हेल और डॉल्फिन प्रजातियाँ तथा 167 से अधिक पक्षी प्रजातियाँ दर्ज हैं; राष्ट्रीय ढाँचे में पाँच स्थानिक प्रजातियों की सूचना दी गई है। प्रमुख प्रजातियों में व्हेल शार्क, मंटा रे, हरा समुद्री कछुआ, हॉक्सबिल कछुआ, हम्पहेड रैस और विशाल ग्रूपर शामिल हैं। मौजूदा मालदीव रेड लिस्ट हरे समुद्री कछुए को संकटग्रस्त बताती है। संरक्षित प्रजाति विनियमन 2021/R-25 और संशोधन सभी समुद्री कछुओं, व्हेल शार्क तथा रे या स्केट की रक्षा करते हैं। मालदीव ने 2010 से राष्ट्रीय शार्क अभयारण्य भी बनाए रखा है। एक आधिकारिक रिपोर्ट में 103 संरक्षित पक्षी प्रजातियाँ सूचीबद्ध हैं, इसलिए कुल पक्षी प्रजातियों की संख्या से संरक्षण स्थिति का अनुमान लगाने के बजाय मौजूदा विनियमन जाँचें। मछली पकड़ना आजीविका, खाद्य सुरक्षा और आय को सहारा देता है। टूना प्रबंधन योजना में पोल-एंड-लाइन मछली पकड़ने को अग्रणी अभ्यास माना गया है। दर्ज मत्स्य नियमों के तहत पर्स सीन, गिलनेट, ट्रॉलिंग, विस्फोटक, ज़हर, रसायन और स्पीयरगन प्रतिबंधित हैं। द्वीपसमूह की आधार-रेखा से 100 समुद्री मील के भीतर लॉन्गलाइन मछली पकड़ना प्रतिबंधित है। फिश एग्रीगेशन डिवाइस से तीन समुद्री मील के भीतर भी मछली पकड़ना प्रतिबंधित है, सिवाय पोल-एंड-लाइन मछली पकड़ने के। संरक्षित क्षेत्र और प्रजाति नियम अतिरिक्त सीमाएँ लगा सकते हैं। जहाँ मछली पकड़ना, पर्यटन, अवसंरचना, तटीय विकास या आवास संरक्षण एक-दूसरे से टकराते हैं, वहाँ संघर्ष हो सकता है। डाइविंग, स्नॉर्कलिंग, वन्यजीव देखना, सर्फिंग और फोटोग्राफी या वीडियो तभी अनुमत हैं जब पर्यटन, संरक्षित क्षेत्र और स्थल के संबंधित नियमों का पालन हो। वन्यजीवों से मुलाकात में लागू स्थानीय आचार-संहिता अपनाएँ, जिनमें व्हेल शार्क और मंटा संपर्क के नियम शामिल हैं। ढाँचे में राष्ट्रीय शार्क-संपर्क मार्गदर्शन अभी दर्ज नहीं है। संरक्षित क्षेत्र के नियम आवास को नुकसान पहुँचाने, कचरा फेंकने, बाहरी प्रजातियाँ लाने, वन्यजीवों को खिलाने और जानवर आकर्षित करने के लिए रात में रोशनी करने पर रोक लगाते हैं। स्थल योजना पाँच नॉट से अधिक गति पर रोक और मूरिंग बॉय के उपयोग की शर्त भी लगा सकती है। अनुसंधान प्रस्ताव में कार्यविधि, समय-सारणी, उपकरण, टीम, डेटा योजना और स्थानीय हितधारकों का विवरण होना चाहिए। संरक्षित-क्षेत्र समीक्षा के बाद अनुसंधान दल को ERA की अतिरिक्त मंज़ूरी चाहिए हो सकती है। मासिक प्रगति रिपोर्ट, अंतिम रिपोर्ट, कच्चा डेटा, GIS फाइलें, फोटो, प्रकाशन और निगरानी प्रोटोकॉल जमा करने पड़ सकते हैं; स्थानीय हितधारकों के लिए प्रस्तुति भी आवश्यक हो सकती है। नमूना-संग्रह के लिए विशेष परमिट चाहिए। विशेष अनुमति के बिना विनाशकारी नमूना लेना, रात में काम करना, अनधिकृत ड्रोन उड़ाना और अनधिकृत उपकरण उपयोग करना प्रतिबंधित है। नागरिक-विज्ञान अवलोकन संरक्षित-क्षेत्र पोर्टल से जमा किए जा सकते हैं और लागू 24-दिवसीय रिपोर्टिंग आवश्यकता के भीतर निगरानी डेटा देना होता है। पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (Environmental Impact Assessment, EIA) 1993 के पर्यावरण कानून के तहत ऐसे परियोजना से पहले आवश्यक है जिसका पर्यावरण पर प्रभाव पड़ सकता है। ERA जाँच और अनुपालन समीक्षा करता है। संरक्षित क्षेत्र के भीतर या पास की ऐसी परियोजना जिससे प्रभाव पड़ सकता है, उसके लिए विस्तारित आकलन और स्थानीय सरकार, संरक्षित-क्षेत्र प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण और ऊर्जा मंत्रालय तथा अन्य हितधारकों से परामर्श जरूरी हो सकता है। निर्माण से पहले निगरानी और शमन व्यवस्थाएँ लागू होनी चाहिए। निरीक्षण से दंड, परियोजना रोकने या पर्यावरणीय क्षति के मुआवज़े का आदेश हो सकता है। क्षेत्र-विभाजन परस्पर विरोधी उपयोग अलग कर सकता है, कोर क्षेत्र सुरक्षित रख सकता है और मौसमी या अस्थायी प्रतिबंधों के तहत सतत गतिविधियों की अनुमति दे सकता है। दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्यतः मध्य मई से नवंबर तक वर्षा वाला होता है, उत्तर-पूर्व मानसून सामान्यतः जनवरी से मार्च तक अधिक शुष्क और अप्रैल तथा दिसंबर संक्रमण महीने हैं। भारी बारिश, बाढ़, तेज़ हवाएँ, उग्र समुद्र, गरज-तूफान और उष्णकटिबंधीय चक्रवात का असर पहुँच बाधित कर सकता है। सुनामी भी तटीय खतरा है। उधा स्थानीय रूप से बार-बार आने वाली तूफानी लहर या समुद्री उफान-बाढ़ है, जो मीठे पानी की परत दूषित कर सकती है और नावों तथा फसलों को नुकसान पहुँचा सकती है। दीर्घकालीन दबावों में समुद्र-स्तर वृद्धि, तटीय कटाव, समुद्र-सतह का बढ़ता तापमान, समुद्री अम्लीकरण, प्रवाल विरंजन और आवास का नुकसान शामिल हैं।
मालदीव में प्रकृति
मालदीव की प्रकृति 26 प्राकृतिक एटोलों, 1,100 से अधिक नीची प्रवाल-द्वीपों और देश के लगभग 99% हिस्से को घेरे समुद्री पर्यावरण से आकार लेती है। प्रवाल भित्तियाँ, लैगून, समुद्रतट, समुद्री घास के मैदान, मैंग्रोव और आर्द्रभूमियाँ मत्स्य पालन, पर्यटन, तटीय सुरक्षा और जैव विविधता को सहारा देती हैं। संरक्षण और उपयोग स्थल, क्षेत्र, गतिविधि तथा परमिट पर निर्भर करते हैं; संरक्षित क्षेत्र, मछली पकड़ने, अनुसंधान और वन्यजीवों के साथ संपर्क के नियम लागू हैं। समुद्र-स्तर वृद्धि, कटाव, समुद्र का गर्म होना, अम्लीकरण, प्रवाल विरंजन, तूफान और उधा पारिस्थितिक तंत्रों तथा तटीय समुदायों को प्रभावित करते हैं।
सुझाव
मालदीव में प्रकृति तक पहुँच को एक राष्ट्रीय अनुमति के बजाय स्थल-विशिष्ट योजना का निर्णय मानें। गतिविधि को क्षेत्र के ज़ोन, परमिट, आगंतुक सीमा, शुल्क और मौसम की स्थितियों के अनुरूप करें तथा उद्देश्य पूरा करने वाला सबसे कम हानिकारक तरीका चुनें। निर्माण, मछली पकड़ने, अनुसंधान या वन्यजीव पर्यटन के लिए धन, यात्रा, उपकरण या काम की प्रतिबद्धता से पहले मंज़ूरी और शमन की जिम्मेदारियाँ तय करें।

