भारत में पेशा या व्यवसाय विशेष कामों और कौशलों पर आधारित एक पहचाना जाने वाला काम है। आम बोलचाल में औपचारिक रूप से योग्यताएँ माँगने वाले करियर और व्यावहारिक दस्तकारी, दोनों को पेशा कहा जा सकता है, हालाँकि उनमें प्रवेश के नियम अलग होते हैं। विनियमित पेशों में संरक्षित काम करने से पहले विशेष मान्य योग्यताएँ, पंजीकरण या अनुमति ज़रूरी होती है। स्वास्थ्य सेवा, कानून और कुछ अन्य क्षेत्रों में पेशेवर निकाय और अभ्यास के तय दायरे हो सकते हैं। कई काम उसी तरह विनियमित नहीं होते। वहाँ नियोक्ता या ग्राहक शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण, कार्य-अनुभव, लाइसेंस, काम के नमूनों, संदर्भों और व्यावहारिक प्रदर्शन के आधार पर लोगों को परख सकते हैं। कुशल दस्तकारी में बिजली, मशीनरी, निर्माण, मरम्मत, उत्पादन, सौंदर्य, भोजन और कई अन्य तरह के काम शामिल हैं। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (Industrial Training Institutes, ITIs) भारत में कई व्यावसायिक दस्तकारियाँ सीखने का एक प्रचलित स्थानीय रास्ता हैं। अप्रेंटिसशिप में व्यवस्थित व्यवस्था के अंतर्गत कार्यस्थल के व्यावहारिक अनुभव के साथ सीखना शामिल होता है। अनुभवी कामगार के साथ अनौपचारिक रूप से सीखना भी आम है, लेकिन उसकी गुणवत्ता और मान्यता अलग-अलग हो सकती है। पेशेवर करियर की शुरुआत स्कूल के विषयों, प्रवेश प्रक्रियाओं, उच्च शिक्षा, पर्यवेक्षण में प्रशिक्षण, परीक्षाओं, पंजीकरण और शुरुआती पदों से हो सकती है। क्रम पेशे के अनुसार बदलता है; सबके लिए एक राष्ट्रीय करियर-पथ नहीं है। पेशा चुनने पर भाषा, स्थान, शिक्षा की लागत, परिवार की अपेक्षाएँ, सामाजिक बाधाएँ, दिव्यांग लोगों की पहुँच, आने-जाने की सुविधा और माँग का असर पड़ता है। प्रतिष्ठित पदनाम से अच्छे वेतन या कार्य-स्थितियों की गारंटी नहीं मिलती। पेशे पहचान, दक्षता, दूसरों की सेवा और लंबे समय तक आगे बढ़ने के अवसर दे सकते हैं। उनकी सीमाओं में लंबा प्रशिक्षण, प्रवेश की बाधाएँ, शारीरिक थकान, बदलती प्रौद्योगिकी, अनियमित आय और लगातार सीखने की ज़रूरत शामिल हैं।
भारत में पेशे
भारत में पेशों में खेती, कुशल दस्तकारी, सेवाएँ और सार्वजनिक काम से लेकर चिकित्सा, कानून, इंजीनियरिंग, शिक्षा, व्यवसाय और प्रौद्योगिकी तक शामिल हैं। कुछ काम व्यावहारिक कौशल वाले लोगों के लिए खुले हैं, जबकि विनियमित पेशों के लिए मान्य शिक्षा, पंजीकरण या लाइसेंस आवश्यक होते हैं। करियर का अच्छा चुनाव व्यक्तिगत क्षमता को वास्तविक अवसरों और स्वीकार्य कार्य-स्थितियों से जोड़ता है।
सुझाव
पेशे के नाम या प्रतिष्ठा के बजाय उसके रोज़मर्रा के वास्तविक काम से शुरुआत करें। जाँचें कि पेशा विनियमित है या नहीं और आवश्यक योग्यताओं को सही क्रम में लिखें। महँगा निर्णय लेने से पहले काम को देखकर, छोटा प्रोजेक्ट करके या निगरानी में अनुभव लेकर अपनी रुचि परखें।

