पुर्तगाल में अमीज़ादे (amizade) का अर्थ दोस्ती, अमीगु (amigo) का अर्थ पुरुष मित्र और अमीगा (amiga) का अर्थ महिला मित्र है। दोस्त आम तौर पर वह व्यक्ति होता है जिसके साथ भरोसा, निजी समय, सहयोग या साझा महत्वपूर्ण इतिहास हो। कुछ दोस्तियाँ बचपन या स्कूल में शुरू होकर कई साल चलती हैं। दूसरी दोस्तियाँ बाद में काम, पढ़ाई, खेल, संगीत, स्वयंसेवा, पड़ोस, यात्रा या किसी साझा मित्र के ज़रिए शुरू होती हैं। दोस्ती अक्सर एक बेहतरीन बातचीत के बजाय बार-बार मिलने से बढ़ती है। कॉफ़ी, सैर, भोजन, समारोह, शौक और रोज़मर्रा के कामों में मदद—ये सभी साझा यादें बना सकते हैं। दोस्ती करीबी या अनौपचारिक, स्थानीय या ऑनलाइन, अथवा किसी एक गतिविधि पर आधारित हो सकती है। अमीगु शब्द अपनापन जताने के लिए इस्तेमाल हो सकता है, लेकिन लोग निजी जानकारी, समय और मदद साझा करने के मामले में अलग-अलग होते हैं। पुर्तगाल का सामाजिक जीवन अक्सर मेहमाननवाज़ी और निजी बातचीत को महत्व देता है, लेकिन सबकी आदतें एक जैसी नहीं होतीं। कुछ लोग अचानक मिले निमंत्रण पसंद करते हैं, जबकि दूसरों को पहले से योजना और अपने लिए शांत समय चाहिए। स्वस्थ दोस्ती में ध्यान से सुनना, गोपनीयता बनाए रखना, मतभेद स्वीकार करना और दोनों लोगों को मना करने की गुंजाइश देना शामिल है। समय के साथ मदद आपसी होनी चाहिए, भले ही हर दिन उसका बराबर होना ज़रूरी न हो। भाषा और सांस्कृतिक अंतर से छोटी गलतफहमियाँ हो सकती हैं। किसी की बात का मतलब पूछना, अपनी आदत समझाना और स्पष्ट गलती के लिए माफ़ी माँगना आम तौर पर रिश्ते को सुरक्षित रखता है। दोस्ती के लाभ हैं, लेकिन उसकी सीमाएँ भी हैं। दोस्त अपने-आप अनुवादक, आर्थिक सहारा, आपातकालीन सेवाकर्मी या पेशेवर मदद का विकल्प नहीं बन जाता।
पुर्तगाल में दोस्ती
पुर्तगाल में दोस्ती भरोसे, साथ बिताए समय, देखभाल और आपसी सम्मान से बनने वाला स्वैच्छिक रिश्ता है। पुर्तगाली में दोस्त के लिए अमीगु (amigo) और अमीगा (amiga) शब्द इस्तेमाल होते हैं; करीबी मित्र-समूह को सर्कुलु दे अमीगुश (círculo de amigos) कहा जा सकता है। पुर्तगाल में दोस्ती बचपन, स्कूल, काम, पड़ोस, क्लब या पारिवारिक संपर्कों से शुरू हो सकती है और धीरे-धीरे विकसित हो सकती है।
सुझाव
पुर्तगाल में नियमित रूप से साथ समय बिताकर और भरोसेमंद बनकर दोस्ती बढ़ाएँ। लोगों को सरल गतिविधियों के लिए आमंत्रित करें, ध्यान से सुनें और रिश्ते को स्वाभाविक रूप से करीब आने का समय दें। अपनी सीमाएँ स्पष्ट रखें, ताकि उदारता दोनों के लिए सहज बनी रहे।

