दक्षिण सूडान के प्राकृतिक परिदृश्य सूड की खुले पानी और तैरती वनस्पति से लेकर मौसमी घासभूमियों, बाढ़-मैदान की झाड़ियों, वनभूमि, सवाना और उष्णकटिबंधीय वन तक फैले हैं। राष्ट्रीय जैव-विविधता योजना का अनुमान है कि देश का लगभग 29% हिस्सा वन और वनभूमि से ढका है। मौसमी जल और वन्यजीवों की आवाजाही दक्षिण सूडान को इथियोपिया, युगांडा, केन्या और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य से जोड़ती है। सूड 5 जून 2006 से रामसर स्थल है। इसकी आर्द्रभूमि में वर्षा और नदी के पानी से पोषित घासभूमियाँ, जलमग्न वनस्पति और मौसमी रूप से बाढ़ग्रस्त वनभूमि शामिल हैं। यहाँ पक्षियों की 470 से अधिक दर्ज प्रजातियाँ, पौधों की 350 से अधिक प्रजातियाँ और मछलियों की लगभग 100 प्रजातियाँ हैं। स्थानिक पौधा Suddia sagitifolia और छोटी मछलियों की आठ स्थानिक प्रजातियाँ यहाँ पाई जाती हैं; आर्द्रभूमि शूबिल पक्षी को भी आवास देती है। दक्षिण सूडान की संरक्षित क्षेत्र व्यवस्था छह राष्ट्रीय उद्यानों और लगभग बारह से तेरह गेम रिज़र्व पर आधारित है, जो देश की लगभग 11% भूमि को ढकते हैं। प्रकाशित आँकड़ों में अंतर है, क्योंकि कुछ रिज़र्व की सीमाएँ अभी संकेतात्मक हैं। उद्यानों में बोमा, बाडिंगिलो, लान्तोटो, निमुले, शम्बे और सदर्न शामिल हैं। अन्य रिज़र्व में बंगंगाई, बीरे कपातौस, बोरो, चेलकौ, फान्यीकांग, जुबा, नुमातिना, ज़ेराफ और पान्यीकांग शामिल हैं। बोमा-बाडिंगिलो प्रवासी परिदृश्य लगभग 11.25 मिलियन हेक्टेयर में फैला है और विश्व धरोहर का दर्जा रखते हुए विश्व धरोहर संकट सूची में भी शामिल है। यह सवाना, आर्द्रभूमि और बाढ़-मैदानों के मौसमी बदलते मिश्रण की रक्षा करता है, जिसका उपयोग लगभग 60 लाख सफेद-कान वाले कोब, टियांग और मोंगल्ला गज़ेल करते हैं। इसलिए वन्यजीव संरक्षण उद्यानों की सीमा से आगे प्रवासन गलियारों और सामुदायिक भूमि तक फैला है। वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन मंत्रालय अफ्रीकन पार्क्स के साथ 2022 में शुरू हुए दस-वर्षीय प्रबंधन समझौते के तहत काम करता है। दक्षिण सूडान में हाथी, जिराफ, शेर, चीते, अफ्रीकी जंगली कुत्ते, भैंसे, दरियाई घोड़े, मगरमच्छ, युगांडा कोब, ओरिबी, ओरिक्स, शूबिल, सफेद-कान वाले कोब, टियांग और मोंगल्ला गज़ेल पाए जाते हैं। निमुले ऐतिहासिक रूप से सफेद गैंडे के संरक्षण से जुड़ा है, हालांकि स्थानीय स्तर पर यह प्रजाति वहाँ विलुप्त बताई जाती है। प्रकृति पशुपालन और मौसमी पशु-प्रवास, कृषि, मछली पकड़ने, शिकार, जंगली भोजन, ईंधन की लकड़ी, चारकोल, लकड़ी और शहद का आधार है। वन्यजीव और पशुधन अक्सर मौसमी रूप से एक ही क्षेत्रों में जाते हैं। इससे फ़सल किसानों और पशुपालकों, पशुपालकों और वन्यजीवों के बीच तथा पानी, चरागाह और अन्य संसाधनों को लेकर विवाद पैदा होते हैं। प्राकृतिक संसाधनों के फैसलों में पारंपरिक प्राधिकरण और प्रथागत व्यवहार अब भी प्रासंगिक हैं; संरक्षण योजना प्रभावित समुदायों और स्वदेशी लोगों की भागीदारी तथा स्वतंत्र, पूर्व और सूचित सहमति की माँग करती है। पर्यावरण और वन मंत्रालय, वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन मंत्रालय, दक्षिण सूडान वन्यजीव सेवा, राज्य और काउंटी प्राधिकरण, पारंपरिक प्राधिकरण तथा अनुबंधित प्रबंधन साझेदारों की जिम्मेदारियाँ अलग-अलग हैं। 2003 का वन्यजीव संरक्षण और राष्ट्रीय उद्यान अधिनियम उद्यान तथा रिज़र्व प्रशासन, वन्यजीव संरक्षण, शिकार और व्यापार नियंत्रण, अनुसंधान, सार्वजनिक जानकारी और रेंजर या गेम-स्काउट प्रशिक्षण का ढाँचा देता है। 2015 का वन्यजीव संरक्षण और संरक्षित क्षेत्र विधेयक सुधार प्रस्ताव है; इसके कानून बनने की पुष्टि यहाँ नहीं है। 2018–2027 की राष्ट्रीय जैव-विविधता रणनीति और कार्ययोजना संरक्षण, सतत उपयोग और पहुँच तथा लाभ-साझाकरण पर काम करती है। मुख्य दबावों में अवैध शिकार, बुशमीट और हाथीदाँत की तस्करी, आग्नेयास्त्र और असुरक्षा, स्थानांतरित खेती, वनों की कटाई, चारकोल और लकड़ी का उत्पादन, पशुधन का अतिक्रमण, अत्यधिक चराई, आग, वन्यजीव गलियारों में सड़क और उत्खनन बुनियादी ढाँचा, कमजोर प्रवर्तन क्षमता, आर्द्रभूमि का रूपांतरण तथा तेल या औद्योगिक प्रदूषण शामिल हैं। जलवायु परिवर्तनशीलता से बाढ़, सूखे, गर्मी, आग और भूमि-क्षरण का जोखिम बढ़ता है। अनुसंधान और संरक्षण कार्यों में हवाई सर्वेक्षण, वन्यजीव कॉलर लगाना, कैमरा ट्रैप, रेंजर प्रशिक्षण, TANGO दल, सामुदायिक एजेंट और जुबा विश्वविद्यालय की भागीदारी शामिल हैं। उद्यानों, रिज़र्व और आर्द्रभूमियों तक पहुँच मौसम, सुरक्षा और आवश्यक अनुमतियों पर निर्भर है। मौजूदा राष्ट्रीय खुलने का एकल समय-सारणी या अनुमति-प्रक्रिया स्थापित नहीं है। वित्त वर्ष 2025/26 का वित्त विधेयक वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन मंत्रालय को शुल्क वसूलने वाला प्राधिकरण बताता है। वित्त वर्ष 2023/24 के प्रकाशित संदर्भ में विदेशी उद्यान आगंतुकों के लिए USD 50, बच्चों के लिए USD 20 और विद्यार्थी या शोध समूह के लिए USD 300 दर्ज थे, लेकिन मौजूदा शुल्क की स्थानीय स्तर पर पुष्टि करनी चाहिए। सफेद-कान वाले कोब का प्रवासन विशेष रूप से मई से अक्टूबर के वर्षा ऋतु से जुड़ा है; सूड का जल-स्तर और सुलभ क्षेत्र वर्ष भर बदलते रहते हैं।
दक्षिण सूडान में प्रकृति
दक्षिण सूडान की प्रकृति में नील बेसिन, मौसमी आर्द्रभूमियाँ और बाढ़-मैदान, सवाना और वनभूमि, उष्णकटिबंधीय वन, नदियाँ और वन्यजीव आवास शामिल हैं। सूड 5.7 मिलियन हेक्टेयर की रामसर आर्द्रभूमि है, जो नील नदी के जल-प्रवाह को नियंत्रित करती है और सैकड़ों पक्षी, पौधों तथा मछलियों की प्रजातियों को सहारा देती है। ये परिदृश्य पशुपालन, खेती, मछली पकड़ने और जंगली भोजन जुटाने का आधार हैं, लेकिन असुरक्षा, आवास-हानि, अवैध शिकार, प्रदूषण और जलवायु-संबंधी बाढ़, सूखे तथा आग के दबाव का सामना करते हैं।
सुझाव
अपने उद्देश्य के अनुसार पहुँच या उपयोग की व्यवस्था चुनें: वन्यजीव गतिविधि के लिए प्रबंधित संरक्षित क्षेत्र, संसाधन उपयोग के लिए स्थानीय समन्वय, या अनुसंधान और संरक्षण कार्य के लिए औपचारिक अनुमति। समय या पैसा लगाने से पहले सुरक्षा, मौसमी स्थितियों, अनुमति की जरूरतों, जिम्मेदार प्राधिकरण और मौजूदा शुल्क की पुष्टि करें। प्रवासन गलियारों, सामुदायिक भूमि और साझा पानी या चरागाह को संभावित विवाद-क्षेत्र मानें, खाली जगह नहीं।

