तुवालु में पर्यावरण

तुवालु में पर्यावरण में प्राकृतिक प्रणालियाँ और वे परिस्थितियाँ दोनों शामिल हैं जिनमें लोग रहते हैं। प्रकृति में नौ कम ऊँचाई वाले प्रवाल द्वीपसमूह और रीफ द्वीप शामिल हैं; रोज़मर्रा के परिवेश में घर, बुनियादी ढाँचा, मीठे पानी और स्वच्छता की सुविधाएँ, कचरा सेवाएँ तथा सामुदायिक स्थान आते हैं। फनाफुटी और बाहरी द्वीपों में पर्यावरणीय दबाव अलग-अलग हैं, लेकिन बढ़ता तापमान, बाढ़, कटाव, खारा पानी, प्रदूषण और सीमित भूमि पूरे देश की योजना को प्रभावित करते हैं।

सुझाव

तुवालु में किसी पर्यावरणीय उपाय का आकलन करते समय पहले संबंधित द्वीप और वहाँ की मौजूदा परिचालन परिस्थितियों को देखें। घनी आबादी वाले, बाढ़ और खारे पानी के जोखिम वाले फोंगाफाले के लिए उपयुक्त उपाय शायद अलग सेवाओं या बुनियादी ढाँचे वाले बाहरी द्वीप के अनुकूल न हो। किसी राष्ट्रीय कार्यक्रम या दाता-सहायित योजना पर निर्भर होने से पहले पुष्टि करें कि वह स्थानीय रूप से चल रही है।

प्रकृति

तुवालु की प्रकृति में नौ अत्यंत नीची प्रवाल-द्वीपमालाएँ और रीफ़-द्वीप शामिल हैं, जो रीफ़, लैगून, उथले समुद्री क्षेत्रों और महासागर से घिरे हैं। भूमि लगभग 26 वर्ग किलोमीटर है, जबकि द्वीप-श्रृंखला करीब 600 किलोमीटर तक फैली है और सामान्यतः समुद्र-स्तर से केवल 1 से 2 मीटर ऊपर उठती है। समुद्री पारितंत्र मत्स्य-पालन, खाद्य सुरक्षा और आय को सहारा देते हैं, लेकिन गर्मी, प्रवाल विरंजन, प्रदूषण, अत्यधिक मछली पकड़ने, तूफानों और तटीय बदलावों का सामना करते हैं।

आस-पास का क्षेत्र

तुवालु में रोज़मर्रा का परिवेश घरों और सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे, मीठे पानी और स्वच्छता, तटीय जोखिम, कचरे, हरित और साझा जगहों, सुरक्षा प्रणालियों तथा स्थानीय फैसलों में भागीदारी के अवसरों से बनता है। फुनाफुती, खासकर फोंगाफाले, घनत्व, भूमि की कमी, बाढ़, कटाव, गर्मी और खारे पानी का सबसे अधिक दबाव झेलता है; बाहरी द्वीपों में सेवाएँ और बुनियादी ढाँचा अलग-अलग हैं। राष्ट्रीय कार्यक्रम और दाता-समर्थित परियोजनाएँ इन स्थितियों पर काम करती हैं, लेकिन नियोजित उपाय हर जगह अपने-आप उपलब्ध या चालू नहीं होते।