तुर्किये गणराज्य में अपराध रोकने और उसकी जाँच करने के लिए कई सार्वजनिक निकाय काम करते हैं। तुर्की राष्ट्रीय पुलिस, जिसे आम तौर पर polis कहा जाता है और जो Emniyet Genel Müdürlüğü (पुलिस महानिदेशालय) के अधीन संगठित है, मुख्यतः शहरी इलाकों में काम करती है। ग्रामीण इलाकों और कई शहर-केंद्रों के बाहर jandarma (ग्रामीण सुरक्षा बल) की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। पुलिस थाने को अक्सर karakol कहा जाता है। जांदरमा के भी स्थानीय स्टेशन हो सकते हैं। दोनों सेवाएँ तात्कालिक खतरे पर प्रतिक्रिया दे सकती हैं, लोगों की सुरक्षा कर सकती हैं, घटनास्थल सुरक्षित रख सकती हैं और जाँच शुरू कर सकती हैं। रोज़मर्रा के आम जोखिमों में जेबकतरी, बैग या फ़ोन की चोरी, घर में सेंधमारी, वाहन-संबंधी चोरी, सड़क पर लूट, ठगी, धोखाधड़ी से बिक्री, पहचान का दुरुपयोग और साइबर अपराध शामिल हैं। भीड़भाड़ वाली जगहों, रात की गतिविधियों वाले इलाकों, परिवहन केंद्रों, पर्यटन-स्थलों और ऑनलाइन बाज़ारों में जोखिम बढ़ सकता है। ठग जल्दबाज़ी का दबाव डालने वाली माँगें, नकली संदेश, किसी और का रूप धरना, झूठे निवेश प्रस्ताव या पासवर्ड और सत्यापन कोड माँगने के तरीके अपना सकते हैं। बैंक, सरकारी दफ़्तर और वैध सेवाएँ किसी अज्ञात कॉल करने वाले को पासवर्ड या एक बार इस्तेमाल होने वाला सुरक्षा कोड बताने की माँग नहीं करेंगी। तत्काल खतरे में 112 पर फ़ोन करें और बताएँ कि क्या हो रहा है तथा आप कहाँ हैं। गैर-तात्कालिक रिपोर्ट के लिए लोग पुलिस या जांदरमा से बात कर सकते हैं; वे उचित प्रक्रिया की ओर मार्गदर्शन कर सकते हैं। औपचारिक शिकायत करना चाहने वाला व्यक्ति तुर्की शब्द şikâyet (औपचारिक शिकायत) इस्तेमाल कर सकता है। अपराध की जाँच ज़रूरी होने पर पुलिस या जांदरमा जानकारी दर्ज कर सकती है और उसे savcılık (लोक अभियोजक का कार्यालय) भेज सकती है। संदेश, खाते के विवरण, तस्वीरें, रसीदें, नाम, तारीख़ें और स्थान जैसे सबूत संभालकर रखें। मूल फ़ाइलों में बदलाव न करें, संदिग्ध अपराधी का सामना न करें और जाँच शुरू हो सकती हो तो निजी जानकारी प्रकाशित न करें। अपराध की रिपोर्ट, जाँच, अभियोजन और अदालत की कार्यवाही अलग-अलग चरण हैं। नतीजे सबूतों और सक्षम अधिकारियों पर निर्भर करते हैं। कानूनी मदद की ज़रूरत वाले लोगों को योग्य वकील या उपयुक्त कानूनी-सहायता सेवा से संपर्क करना चाहिए।
तुर्किये में अपराध
तुर्किये गणराज्य में अपराध में चोरी, धोखाधड़ी, लूट, हिंसा, संपत्ति-संबंधी अपराध और ऑनलाइन ठगी शामिल हैं, लेकिन जोखिम जगह और परिस्थिति के अनुसार बदलता है। कस्बों और शहरों में सार्वजनिक सुरक्षा की ज़िम्मेदारी मुख्यतः पुलिस की होती है और कई ग्रामीण इलाकों में जांदरमा की। समस्या की रिपोर्ट कैसे करें और निजी जानकारी की सुरक्षा कैसे करें, यह जानने से रोज़मर्रा का जीवन सुरक्षित बनता है।
सुझाव
साधारण आदतें अपनाएँ: कीमती सामान पास रखें, अप्रत्याशित माँगों की पुष्टि करें, पासवर्ड सुरक्षित रखें और पैसे भेजने से पहले रुककर सोचें। कुछ हो जाए तो पहले सुरक्षित जगह जाएँ, सबूत संभालें और तात्कालिकता के अनुसार पुलिस, जांदरमा या 112 के ज़रिए रिपोर्ट करें। घटना के तथ्य याद रहते ही लिख लें।

