सार्वजनिक कर्ज में सरकार और सार्वजनिक संस्थाओं की देनदारियाँ आती हैं। बजट मंत्रालय (Ministère du Budget) और उसके सार्वजनिक ऋण निदेशालय (Directions de la Dette Publique) सरकारी उधारी, ऋण आँकड़ों, ऋण-सेवा और मध्यम-अवधि ऋण प्रबंधन रणनीति (SDMT) का प्रबंधन करते हैं। सार्वजनिक ऋण पर राष्ट्रीय समिति (Comité National d’Endettement Public; CNEP) वार्षिक उधारी योजना की समीक्षा करती है और रणनीति पर निगरानी रखती है। Decree n°2026-108/PR/MEFI ने 2026–2028 के लिए SDMT अपनाई है और वार्षिक उधारी योजना वित्त कानून के साथ संलग्न होती है। जिबूती का केंद्रीय बैंक (Banque Centrale de Djibouti) ऋण संस्थानों की निगरानी करता है और जोखिम केंद्र (Centrale des Risques), ऋण सूचना प्रणाली (Système d’information sur le crédit) तथा चल संपत्ति सुरक्षा रजिस्टर (Registre de Sûretés Mobilières) रखता है। राष्ट्रीय कर्ज जोखिम में बाहरी सार्वजनिक और सार्वजनिक गारंटी वाला कर्ज प्रमुख है। उद्धृत ऋण-स्थिरता रिपोर्टों के अनुसार 2024 के अंत में इसका बकाया GDP का लगभग 68.9% था, जिसमें अधिकांश बाहरी कर्ज था। सरकारी स्वामित्व वाले उद्यमों की उधारी और गारंटी आकस्मिक देनदारी का बड़ा जोखिम पैदा करती हैं; 2024 के IMF आकलन में सरकारी उद्यम 2013 से बाहरी उधारी के लगभग 80% के लिए जिम्मेदार थे। लेनदारों में Exim Bank China, Exim Bank India और बहुपक्षीय ऋणदाता शामिल हैं। विदेशी मुद्रा, निर्यात, पुनर्वित्त और सार्वजनिक उद्यमों के जोखिम भुगतान क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं। उद्धृत रिपोर्टों में बाहरी बकाया 2024 के अंत में GDP का लगभग 3% और मार्च 2025 में लगभग 2.7% था। 2023 में Exim Bank China के साथ चार वर्ष की भुगतान-स्थगन अवधि पर सहमति हुई थी। ये आँकड़े अपनी रिपोर्टिंग तारीखों से जुड़े हैं। 2025 के IMF आकलन ने कर्ज को अस्थिर बताया और राजकोषीय समेकन, सरकारी उद्यमों के बेहतर प्रशासन और पारदर्शिता, भंडार फिर से बढ़ाने तथा ऋण-स्थिरता को नीतिगत प्राथमिकताएँ बताया। परिवार और छोटे कारोबार वाणिज्यिक बैंक, इस्लामी बैंक, सूक्ष्म-वित्त संस्थान, CPEC और FDED माध्यम, ऋण-गारंटी योजनाएँ तथा आवास या बंधक वित्त तलाश सकते हैं। ऋणदाता सामान्यतः पहचान, आय या नकदी प्रवाह, भुगतान क्षमता, जमानत या गारंटर और अपनी नीति पर विचार करते हैं। ब्याज या लाभ, सेवा और प्रारंभिक शुल्क, मुद्रा, अवधि, रियायती अवधि, गारंटी और जमानत अनुबंध या कार्यक्रम के अनुसार बदलते हैं। इस्लामी वित्त के उत्पादों में Mourabaha, Moudharaba, Moucharaka, Ijara, Istisna’a या Bai Salam जैसे रूप हो सकते हैं। कुछ कम-आय वाले, ग्रामीण, महिला और युवा उधारकर्ताओं की पहुँच सीमित है। पारिवारिक ऋण, सामुदायिक बचत, समूह के ब्याज-मुक्त ऋण और दुकान या आपूर्तिकर्ता का उधार इस कमी को पूरा करते हैं, लेकिन उनकी कानूनी ताकत और सुरक्षा अलग-अलग होती है। मोबाइल या इलेक्ट्रॉनिक भुगतान सेवाएँ अपने आप कर्ज समाप्त नहीं करतीं। देनदार को मूलधन, ब्याज या लाभ, शुल्क, मुद्रा, अवधि, रियायती अवधि, जमानत, गारंटर, अनुबंध की शर्तें और चूक की शर्तें लिखित रूप में रखनी चाहिए। रसीदें, संदेश और हस्ताक्षरित समझौते भुगतान तथा सहमत बदलावों का प्रमाण देते हैं। भुगतान मुश्किल होने पर किस्त छूटने से पहले लेनदार से संपर्क करके पुनर्निर्धारण, अवधि बढ़ाने, रियायती अवधि, किस्तों या समझौता भुगतान का अनुरोध किया जा सकता है। अद्यतन बकाया और हस्ताक्षरित संशोधन अनौपचारिक वादे से बेहतर प्रमाण होते हैं। उधारकर्ता से अपेक्षा है कि वह सच्ची जानकारी दे, अनुबंध का पालन करे, गिरवी रखी संपत्ति की रक्षा करे, भुगतान का प्रमाण रखे और कठिनाइयों की सूचना समय पर दे। वसूली और प्रवर्तन लिखत, सुरक्षा और लागू कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करते हैं; चूक से अपने आप वेतन जब्ती, संपत्ति वापस लेना या आपराधिक देयता सिद्ध नहीं होती। गंभीर संकट में पड़ा कारोबार पहले लेनदारों से बातचीत, जहाँ उपलब्ध हो वहाँ मध्यस्थता और फिर OHADA प्रक्रियाओं पर विचार कर सकता है। अफ़्रीका में व्यावसायिक कानून के सामंजस्य संगठन (OHADA) प्राप्य राशियों की सरल वसूली, प्रवर्तन, सुरक्षा अधिकार और सामूहिक कार्यवाही के नियम देता है। वाणिज्यिक और पेशेवर मामले में निवारक प्रक्रिया, न्यायिक पुनर्गठन (redressement judiciaire) या परिसमापन हो सकता है। कंपनी को खाते, लेनदारों की सूची, संपत्तियाँ और देनदारियाँ, कर रिकॉर्ड और वेतन रिकॉर्ड सुरक्षित रखने चाहिए। पहुँच, समय-सीमा, अदालत की भूमिका, प्रशासक शुल्क और कानूनी लागत मामले के अनुसार बदलते हैं और स्थानीय सलाह जरूरी है। जिबूती में सार्वभौमिक उपभोक्ता व्यक्तिगत दिवालियापन या कर्ज-मुक्ति व्यवस्था अथवा राष्ट्रीय एक-स्थान ऋण-परामर्श एजेंसी का प्रमाण नहीं है। उपलब्ध मदद ऋणदाता, सूक्ष्म-वित्त या CPEC संस्था, कानूनी सलाहकार, जिबूती की अदालतों या OHADA प्रक्रिया से मिल सकती है। औपचारिक या अनौपचारिक विकल्प पहुँच की बाधा कम कर सकते हैं, लेकिन भुगतान दायित्व समाप्त नहीं करते।
जिबूती में कर्ज
जिबूती में कर्ज वह धन या अन्य देय कार्य है जो उधार, ऋण, बकाया या गारंटी के कारण देनदार पर बकाया हो। औपचारिक व्यवस्था में सरकारी उधारी, बैंक और इस्लामी वित्त, सूक्ष्म-वित्त, भुगतान तथा वाणिज्यिक वसूली शामिल हैं; परिवार और छोटे कारोबार भी पारिवारिक, सामुदायिक या आपूर्तिकर्ता ऋण लेते हैं। पहुँच, लागत, जमानत, भुगतान शर्तें और वसूली अनुबंध, ऋणदाता, सुरक्षा और लागू जिबूती या OHADA प्रक्रिया पर निर्भर करते हैं।
सुझाव
जिबूती में कर्ज को दर्ज नकदी-प्रवाह प्रतिबद्धता मानें, जिसमें गारंटी और मुद्रा जोखिम भी शामिल हैं। हर दायित्व की सूची बनाएँ, जरूरी जीवन-यापन तथा सुरक्षित या वैधानिक भुगतानों की रक्षा करें और बकाया होने से पहले लेनदारों से संपर्क करें। उधार लेने से पहले कुल लागत और वसूली के परिणामों की तुलना करें; कारोबार के संकट से भुगतान खतरे में हो तो OHADA संबंधी सलाह जल्दी लें।

