आज जिस क्षेत्र को घाना कहा जाता है, वह अनेक लोगों, बस्तियों, व्यापारिक नेटवर्कों और राजनीतिक समुदायों का घर रहा है। इसकी आधुनिक सीमाओं में एक ही ऐतिहासिक कथा समाहित नहीं है। आधुनिक देश ने अपना नाम पश्चिम अफ्रीका के प्राचीन घाना साम्राज्य (Ghana Empire) से लिया। वह साम्राज्य इससे कहीं उत्तर-पश्चिम में स्थित था और वर्तमान घाना के राज्य या क्षेत्र के समान नहीं था। अलग-अलग क्षेत्रों में शक्तिशाली राज्य और परिसंघ विकसित हुए। असांते राज्य विशेष रूप से प्रभावशाली बना, जबकि डागबोन, मामप्रुगु, गोंजा, फांटे राज्य, गा समुदाय, ईवे राजनीतिक समुदाय और अन्य समाज अलग-अलग मार्गों पर आगे बढ़े। पंद्रहवीं शताब्दी के उत्तरार्ध से यूरोपीय शक्तियों ने तट पर व्यापारिक चौकियाँ और किले स्थापित किए। व्यापार में सोना और अन्य वस्तुएँ शामिल थीं, लेकिन अटलांटिक दास व्यापार ने बंदी बनाए जाने, जबरन स्थानांतरण, हिंसा और दीर्घकालिक क्षति को जन्म दिया। ब्रिटेन ने धीरे-धीरे उन क्षेत्रों पर औपनिवेशिक शासन लागू किया जिन्हें सामूहिक रूप से गोल्ड कोस्ट कहा जाता था, जबकि स्थानीय प्रतिरोध और बातचीत जारी रही। औपनिवेशिक सरकार ने प्रशासन, शिक्षा, व्यापार, बुनियादी ढाँचे और राजनीतिक शक्ति को असमान रूप से बदला। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद राष्ट्रवादी आंदोलनों ने स्वशासन के लिए दबाव डाला। क्वामे नक्रूमा और व्यापक स्वतंत्रता आंदोलन के नेतृत्व में घाना 1957 में स्वतंत्र हुआ और बाद में गणराज्य बना। स्वतंत्रता के बाद की अवधि में महत्वाकांक्षी विकास, पैन-अफ्रीकी नेतृत्व, सैन्य हस्तक्षेप, आर्थिक कठिनाई और नागरिक शासन में वापसी शामिल रही। बाद में घाना ने एक टिकाऊ संवैधानिक लोकतांत्रिक व्यवस्था स्थापित की, जबकि ऐतिहासिक बहसें अब भी सक्रिय हैं। किले, महल, संग्रहालय, त्योहार, मौखिक इतिहास, पारिवारिक स्मृतियाँ और स्थानों के नाम अतीत के अलग-अलग हिस्सों को सुरक्षित रखते हैं। प्रत्येक स्रोत एक दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है और उसे उसके स्थानीय संदर्भ में समझना चाहिए।
इतिहास: घाना में
घाना का लंबा इतिहास स्थानीय समाजों, व्यापार, राज्यों, प्रवासन, औपनिवेशिक शासन और राष्ट्रीय स्वतंत्रता से जुड़ा है। घाना में इतिहास को समझने के लिए एक राज्य या एक औपनिवेशिक कथा से आगे बढ़कर अनेक क्षेत्रीय अनुभवों को पहचानना आवश्यक है।
सुझाव
स्थानीय राज्यों, तटीय व्यापार, औपनिवेशिक शासन, स्वतंत्रता और संवैधानिक सरकार को जोड़ने के लिए एक समयरेखा का उपयोग करें। किसी ऐतिहासिक स्थान पर जाते समय पूछें कि किसका अनुभव प्रस्तुत किया जा रहा है और किसका अनुभव छूट सकता है।

