काम किए गए पत्थरों और शैलचित्रों सहित पुरातात्विक साक्ष्य ग्रेनेडा के शुरुआती समाजों के इतिहास का एक हिस्सा दर्ज करते हैं। यूरोपीय उपनिवेशवाद से पहले द्वीपों पर कालिनागो और कालिना मूलनिवासी समुदाय रहते थे, लेकिन बचे हुए साक्ष्य खंडित हैं और औपनिवेशिक अभिलेखों में मूलनिवासी आवाज़ें कम दर्ज हैं। क्रिस्टोफ़र कोलंबस ने 1498 में द्वीप देखा और स्पेनी स्रोतों में इसका नाम कॉन्सेप्सियोन आया, लेकिन स्पेन ने वहाँ स्थायी उपनिवेश नहीं बनाया। फ्रांसीसी बसने वालों ने 1649 में उपनिवेशीकरण शुरू किया। 1650–1651 का सौतेर्स नरसंहार मूलनिवासी प्रतिरोध का हिस्सा था; बेदखली और हिंसा के बाद 1654–1655 के आसपास संगठित प्रतिरोध समाप्त होने तक यह जारी रहा। फ्रांसीसियों ने नील, कोको, कॉफी, कपास और चीनी के बागान विकसित किए। 1669 की जनगणना में अमेरिंडियन लोगों को छोड़कर 506 लोग दर्ज थे, जिनमें 222 गुलाम बनाए गए लोग थे। 1669 से 1808 के बीच अनुमानतः 129,000 से अधिक गुलाम बनाए गए अफ्रीकी लोगों को ग्रेनेडा लाया गया। स्वामित्व, जबरन श्रम, नस्ली दर्जा, चर्च और व्यापार ने औपनिवेशिक समाज को व्यवस्थित किया। 1763 की पेरिस संधि ने ग्रेनेडा को ब्रिटेन को सौंपा। अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम के दौरान फ्रांस ने 1779 से 1783 तक कुछ समय के लिए द्वीप फिर अपने कब्जे में लिया; 1783 के समझौते ने ब्रिटिश शासन को स्थायी रूप दिया। फेडों का विद्रोह, जिसे ब्रिगैंड्स युद्ध भी कहा जाता है, 1795–1796 में ब्रिटिश शासन के विरुद्ध हुआ। इसमें स्वतंत्र रंगीन लोगों और गुलाम बनाए गए लोगों ने भाग लिया; यह फ्रांसीसी और हैती क्रांतियों से प्रभावित था। इसे केवल दास विद्रोह नहीं मानना चाहिए, क्योंकि इसमें औपनिवेशिक सत्ता, नस्ली पदानुक्रम और राजनीतिक बहिष्कार के विरुद्ध विरोध शामिल था। ब्रिटेन ने विद्रोह को हरा दिया। 1833 के दासता उन्मूलन अधिनियम ने 1834 से दासता को कानूनी रूप से समाप्त किया, लेकिन 1834 से 1838 तक प्रशिक्षुता प्रणाली जारी रही। पूर्व गुलाम बनाए गए लोगों को बागान का कोई मुआवज़ा नहीं मिला; भूमि की कमी और कम मज़दूरी के बीच उनमें से अनेक बागान में मज़दूरी पर निर्भर रहे। इसके विकल्प के रूप में छोटे किसानों की खेती बढ़ी। बाद में पूर्वी भारतीय अनुबंधित मज़दूरी ने प्रवास और श्रम का एक और संदर्भ जोड़ा। 1877 में ग्रेनेडा क्राउन कॉलोनी बना और स्थानीय स्वशासन घटा। 1950 में सार्वभौमिक मताधिकार का कानून आया; 1951 की आम हड़ताल ने एरिक गेरी और ग्रेनेडा यूनाइटेड लेबर पार्टी को राजनीतिक प्रभाव दिलाने में मदद की। ग्रेनेडा 1958 से 1962 तक वेस्ट इंडीज़ फ़ेडरेशन में शामिल रहा और 1967 में यूनाइटेड किंगडम का संबद्ध राज्य बना। उसे आंतरिक स्वशासन मिला, जबकि रक्षा और विदेश मामलों की ज़िम्मेदारी ब्रिटेन के पास रही। 7 फ़रवरी 1974 को वेस्टमिंस्टर संसदीय प्रणाली के तहत स्वतंत्रता मिली और एरिक गेरी पहले प्रधानमंत्री बने। 13 मार्च 1979 को मॉरिस बिशप के नेतृत्व वाले न्यू ज्वेल मूवमेंट ने गेरी सरकार को हटाकर पीपुल्स रिवोल्यूशनरी गवर्नमेंट की स्थापना की। नई सरकार ने संविधान निलंबित किया, पीपुल्स रिवोल्यूशनरी आर्मी बनाई और अर्थव्यवस्था, शिक्षा तथा स्वास्थ्य में सुधार शुरू किए। इतिहासकार इस काल की अलग-अलग व्याख्या करते हैं—सामाजिक क्रांति की परियोजना, एकदलीय शासन, सत्तावादी सरकार या शीत युद्ध के हिस्से के रूप में। नेतृत्व संकट 19 अक्टूबर 1983 को बिशप और अन्य नेताओं की हत्या पर समाप्त हुआ। 25 अक्टूबर को संयुक्त राज्य अमेरिका और ऑर्गनाइज़ेशन ऑफ ईस्टर्न कैरेबियन स्टेट्स की सेनाओं ने हस्तक्षेप किया। पीपुल्स रिवोल्यूशनरी गवर्नमेंट समाप्त हुई, अंतरिम प्रशासन आया और 1984 के चुनावों के बाद संसदीय शासन लौटा। तब से नियमित चुनावों और सरकारों के बदलाव ने संस्थागत निरंतरता बनाए रखी; इसी दौरान पर्यटन, कृषि, प्रवासी समुदाय, क्षेत्रीय एकीकरण और 2004 के तूफान इवान जैसी प्राकृतिक आपदाओं से जुड़े बड़े बदलाव हुए। ग्रेनेडा का इतिहास स्कूलों, ग्रेनेडा नेशनल म्यूज़ियम, ग्रेनेडा नेशनल आर्काइव्स, पुस्तकालयों, विश्वविद्यालयों, मौखिक इतिहास और स्थानीय तथा क्षेत्रीय शोध के माध्यम से पढ़ा जाता है। ब्रिटिश और फ्रांसीसी अभिलेखागार में भी प्राथमिक साक्ष्य हैं। औपनिवेशिक प्रशासन, चर्च, बागानों और जनगणना के अभिलेख विस्तृत जानकारी देते हैं, पर उनमें मूलनिवासी, गुलाम बनाए गए और अन्य अधीनस्थ समूह अक्सर कम दर्ज हैं। दासता, औपनिवेशिक हिंसा, फेडों का विद्रोह, गेरी, क्रांति, मॉरिस बिशप और 1983 के हस्तक्षेप के विवरण राजनीतिक और व्यक्तिगत रूप से विवादित बने हुए हैं। शोधकर्ताओं को स्रोतों की तुलना करनी चाहिए, यह पहचानना चाहिए कि हर अभिलेख किसने बनाया, अनुपस्थित साक्ष्य दर्ज करने चाहिए और किसी एक आधिकारिक या पारिवारिक व्याख्या को एकमात्र विवरण नहीं मानना चाहिए। संग्रहालय और अभिलेखागार तक पहुँच, प्रतिलिपि शुल्क, पहचान की शर्तें और प्रक्रिया का समय संस्थान के अनुसार बदलते हैं।
ग्रेनेडा में इतिहास
ग्रेनेडा का इतिहास कालिनागो और कालिना के मूलनिवासी समाजों, यूरोपीय उपनिवेशवाद, दासता, मुक्ति, स्वशासन और स्वतंत्रता तक फैला है। फ्रांसीसी और ब्रिटिश शासन ने चीनी, कोको, कॉफी, कपास और मसालों पर आधारित बागान अर्थव्यवस्था को आकार दिया, जबकि अफ्रीकी लोगों की दासता और बाद के प्रवास ने समाज को बदल दिया। ग्रेनेडा 7 फ़रवरी 1974 को यूनाइटेड किंगडम से स्वतंत्र हुआ; इसके बाद 1980 के दशक में क्रांति, हस्तक्षेप और संसदीय शासन की वापसी हुई।
सुझाव
ग्रेनेडा के इतिहास को साक्ष्यों और व्याख्याओं की तुलना के रूप में देखें, किसी एक निर्विवाद आधिकारिक कथा के रूप में नहीं। संक्षिप्त परिचय के लिए संग्रहालय या स्कूल सामग्री से शुरू करें; किसी गंभीर दावे के लिए औपनिवेशिक अभिलेखों की तुलना पुरातात्विक साक्ष्य, मौखिक इतिहास और स्थानीय या क्षेत्रीय शोध से करें। मूलनिवासी इतिहास, दासता, औपनिवेशिक हिंसा, फेडों का विद्रोह, क्रांति और 1983 के हस्तक्षेप पर विशेष सावधानी बरतें।

