गिनी में आवास की व्यवस्थाओं में सामान्य किरायेदारी (location simple), किराये के बाद खरीद का विकल्प (location-vente), परिवार के सदस्यों का संयुक्त स्वामित्व, प्रथागत या पारिवारिक आवंटन, और औपचारिक दस्तावेज़ों के साथ या उनके बिना रखी गई भूमि पर निर्माण शामिल हैं। 2014 की राष्ट्रीय जनगणना, जिसे RGPH-3 कहा जाता है, के अनुसार 75.4% परिवार अपने घरों के मालिक थे: 51.5% के पास स्वामित्व-पत्र नहीं था, 10.9% के पास स्वामित्व-पत्र था और 13% परिवार के संयुक्त स्वामित्व में रहते थे। किरायेदारों का हिस्सा 19.8% था, जिसमें 18.9% सामान्य किरायेदारी और 0.9% किराये के बाद खरीद के विकल्प में थे। शहरी परिवारों में किराये पर रहने वाले 47.4% और मालिक 46.4% थे, जबकि ग्रामीण परिवारों में 90.6% मुख्यतः मालिक थे और केवल 5.4% किरायेदार थे। आवास के प्रकारों में अलग-अलग घर, बहु-आवासीय घर और केस (cases), यानी पारंपरिक घरों के लिए इस्तेमाल होने वाला स्थानीय शब्द, शामिल थे। बहु-आवासीय घर शहरी क्षेत्रों में विशेष रूप से आम थे, जबकि केस ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक आम थे। किरायेदारी मौखिक या लिखित हो सकती है। किराया देने से पहले किरायेदार को मकान-मालिक की पहचान और घर किराये पर देने का उसका अधिकार, पता और भूखंड, इमारत की हालत, उपलब्ध कनेक्शन, किराया, जमा राशि, अग्रिम भुगतान, शुल्क, अवधि और समाप्ति की शर्तें जाँचनी चाहिए। état des lieux (किरायेदार और मकान-मालिक द्वारा तैयार की गई घर की हालत की संयुक्त दर्ज़ रिपोर्ट) से घर की स्थिति का दस्तावेज़ बनता है; इसके बिना कानून यह मान सकता है कि किरायेदार को घर उचित हालत में मिला था। मकान-मालिक की जिम्मेदारी है कि वह घर का उपयोग करने दे और पट्टे के तहत जरूरी रखरखाव कराए। किरायेदार को किराया देना, समझौते के अनुसार घर का उपयोग करना, सामान्य रखरखाव करना और तय हालत में घर लौटाना होता है। जमा राशि मरम्मत के खर्च को पूरा कर सकती है और इसकी सीमा तीन महीने के किराये तक है; मरम्मत का कोई दावा बाकी न हो तो इसे लौटाया जाना चाहिए। किराया आम तौर पर हर महीने दिया जाता है। सामग्री की लागत में बड़े बदलाव के कारण किराये में संशोधन आम तौर पर साल में एक बार तक सीमित है; अन्य संशोधन तीन साल से पहले नहीं होने चाहिए। सामान्य नोटिस अवधि तीन महीने है, लेकिन 2019 की नागरिक संहिता में निजी उपयोग या काम कराने के लिए घर वापस लेने के कई नियम हैं, इसलिए संबंधित स्थिति की अलग से जाँच जरूरी है। काम कराने के लिए कम-से-कम छह महीने का नोटिस और स्थानीय नियंत्रण लागू हो सकते हैं। बेदखली के विवाद में घर की हालत का औपचारिक निरीक्षण, अनुपालन का नोटिस, सुलह या सक्षम अदालत की कार्यवाही शामिल हो सकती है; फैसले के खिलाफ दस दिनों के भीतर अपील की जा सकती है और 1 जून से 30 सितंबर तक बेदखली नहीं की जाती। स्वामित्व हासिल करने या स्वयं घर बनाने के लिए अलग जाँच जरूरी है। Code foncier et domanial (भूमि और संपत्ति संहिता) के तहत औपचारिक प्रक्रिया में भूमि योजना और Conservation Foncière (भूमि-पंजीकरण कार्यालय) के माध्यम से Livre Foncier (भूमि रजिस्टर) में पंजीकरण शामिल है। स्थानीय दस्तावेज़ों में Livret foncier (भूमि पुस्तिका), permis d'habiter (निवास की अनुमति) या autorisation d'occuper (कब्जे की अनुमति) भी हो सकते हैं, लेकिन ये सभी पंजीकृत स्वामित्व-पत्र जितनी सुरक्षा नहीं देते। अनुच्छेद 39 बताई गई शर्तों के तहत संपत्ति पर शांतिपूर्ण, व्यक्तिगत, निरंतर और सद्भावनापूर्ण कब्जे को मान्यता दे सकता है। सबूतों में भूमि कर के रिकॉर्ड, भूखंड का विकास और सार्वजनिक तथा विरोध दर्ज करने का अवसर देने वाली जाँच शामिल हो सकती है। परिवार या प्रथागत आवंटन, अनौपचारिक भूखंड-विभाजन और स्वयं निर्माण आम हैं, खास तौर पर वहाँ जहाँ पंजीकरण की क्षमता और भूमि रजिस्टर कमजोर हैं। जोखिमों में अनिश्चित सीमाएँ, परस्पर विरोधी दावे और एक ही भूखंड की कई बार बिक्री शामिल हैं। नई इमारतों और निजी या सार्वजनिक इमारतों में बड़े बदलाव के लिए आम तौर पर permis de construire (निर्माण अनुमति) या संशोधन का परमिट जरूरी है। निर्माण और आवास व्यवस्था में आवास की श्रेणियों में सामाजिक, आर्थिक, मध्यम स्तर और उच्च स्तर के आवास शामिल हैं। सार्वजनिक और निजी आवास संगठन तथा प्रवर्तक श्रेणी और स्थान पर आधारित दरें लागू कर सकते हैं। AGUIFIL और राष्ट्रीय आवास निर्माण कार्यक्रम आवास की आपूर्ति के विकल्प देते हैं, लेकिन उपलब्ध साक्ष्यों से देशव्यापी सार्वभौमिक आवास भत्ता, मानक सामाजिक-किराया आवंटन व्यवस्था या सार्वभौमिक आवेदन पोर्टल स्थापित होने की पुष्टि नहीं होती। इसलिए पात्रता संबंधित कार्यक्रम या परियोजना पर निर्भर करती है। आवास की उपयुक्तता का आकलन केवल किराये या भूमि दस्तावेज़ों से नहीं किया जा सकता। 2014 की जनगणना में 61.2% परिवारों के पास पीने योग्य पानी का स्रोत था; शहरी क्षेत्रों में यह 80.5% और ग्रामीण क्षेत्रों में 51% था। केवल 20% परिवारों में EDG की बिजली से रोशनी होती थी; शहरी क्षेत्रों में यह 54.1% और ग्रामीण क्षेत्रों में 2.2% था। 5.6% परिवारों के पास फ्लश शौचालय और 11.1% के पास ढकी हुई हवादार शौचालय व्यवस्था थी; 22.9% परिवार स्वच्छता के लिए खुले में जाते थे और 73.9% कचरा खुले में फेंकते थे, जबकि निजी कचरा-संग्रह की पहुँच 8% तक थी। पानी की उपलब्धता, बिजली की विश्वसनीयता, स्वच्छता, कचरा-संग्रह, जल-निकासी, सड़क तक पहुँच और मौसम के अनुसार पानी की उपलब्धता जाँचें। कोनाक्री और अन्य अनौपचारिक शहरी बस्तियों में भीड़भाड़, कमजोर जल-निकासी, बाढ़ और सेवाओं की कमी रहती है। 2015 की बाढ़ में 2,400 से अधिक घर और 600 जल-बिंदु नष्ट हुए थे, इसलिए भूखंड के बाढ़ इतिहास, पास की नालियों या नहरों और बरसात के मौसम में वहाँ पहुँचने की स्थिति की प्रत्यक्ष जाँच करें। घर छोड़ते समय लागू नोटिस दें, किराया और उपयोगिता बिल चुकाएँ, संयुक्त निरीक्षण दर्ज करें, चाबियाँ सौंपें और जमा राशि के निपटारे का प्रमाण रखें। किराये की संपत्ति की बिक्री से निश्चित समाप्ति तिथि वाला पट्टा अपने आप समाप्त नहीं होता। आवास की व्यवस्था और संबंधित मुद्दे के अनुसार नगरपालिकाओं, शहरी और ग्रामीण कम्यूनों, शहरी विकास, आवास और निर्माण के लिए जिम्मेदार मंत्रालय, वित्त के लिए जिम्मेदार मंत्रालय, Conservation Foncière, स्थानीय अधिकारियों, Commission Foncière, सक्षम अदालतों, AGUIFIL और EDG की अलग-अलग भूमिकाएँ हो सकती हैं।
गिनी में आवास
गिनी में आवास में किराये पर रहना, स्वामित्व और स्वयं घर बनाना शामिल है। अधिकांश परिवार अपने घरों के मालिक हैं, लेकिन कई के पास पंजीकृत स्वामित्व-पत्र नहीं है। शहरी क्षेत्रों में किराये और बहु-आवासीय घर अधिक आम हैं। पानी, बिजली, स्वच्छता और बाढ़ का जोखिम आवास की गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं।
सुझाव
गिनी में आवास चुनते समय किरायेदारी या स्वामित्व, दस्तावेज़ और सेवाओं—तीनों पर विचार करें। किराये पर रहने से भूमि-स्वामित्व संबंधी जोखिम कम हो सकते हैं, जबकि पारिवारिक आवंटन और स्वयं निर्माण में अधिकारों, सीमाओं और परमिट की सावधानीपूर्वक जाँच जरूरी है। घर का किराया देने या उसमें जाने से पहले घर की हालत, दस्तावेज़, सेवाएँ, बाढ़ का जोखिम और घर छोड़ने की शर्तें दर्ज करें।

