कंबोडिया की राष्ट्रीय सामाजिक संरक्षण नीति रूपरेखा (National Social Protection Policy Framework, NSPPF) सार्वजनिक नीति को मातृत्व और बचपन, कामकाज से जुड़े जोखिमों, बेरोज़गारी, स्वास्थ्य, दिव्यांगता, बेघर होने तथा वृद्धावस्था या आश्रितों के जोखिमों के अनुसार व्यवस्थित करती है। राष्ट्रीय सामाजिक संरक्षण परिषद इस रूपरेखा का समन्वय करती है। सामाजिक कार्य, पूर्व सैनिक और युवा पुनर्वास मंत्रालय (Ministry of Social Affairs, Veterans and Youth Rehabilitation, MoSVY) सामाजिक सहायता, बाल संरक्षण और वृद्ध लोगों की सहायता का नेतृत्व करता है, जबकि राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा कोष (National Social Security Fund, NSSF) अंशदान-आधारित योजनाओं का प्रशासन करता है। कम्यून और संगकत की व्यवस्थाएँ, महिलाओं और बच्चों के लिए कम्यून परिषद (Commune Council for Women and Children, CCWC) तथा जिला सामाजिक मामलों के कार्यालय कई लोगों को स्थानीय सहायता से जोड़ते हैं। सेवाएँ किस तरह दी जाती हैं, यह प्रांत, गरीबी की स्थिति, दिव्यांगता, लिंग, दूरी और दस्तावेज़ों तक पहुँच के अनुसार अलग-अलग होता है। बाल संरक्षण के प्रयोजनों के लिए बचपन में 0–17 वर्ष की उम्र शामिल है। 2021 में जन्म पंजीकरण लगभग 92% तक पहुँचा; इससे कानूनी पहचान और सेवाओं तक पहुँच में मदद मिलती है। 2021 में प्राथमिक विद्यालय में शुद्ध उपस्थिति लगभग 94% और पढ़ाई पूरी करने की दर लगभग 84% थी। बुनियादी शिक्षा कम-से-कम कक्षा 9 तक उपलब्ध है, लेकिन उपलब्ध साक्ष्य से यह स्थापित नहीं होता कि अनिवार्य स्कूली शिक्षा को पूरी तरह लागू कराया जा सकता है। दिव्यांग बच्चों में प्राथमिक विद्यालय से बाहर रहने की दर लगभग 61% थी, जबकि दिव्यांगता रहित बच्चों में यह 4% थी। अन्य जोखिमों में गरीबी, पढ़ाई छोड़ना, हिंसा, मानव तस्करी, आवासीय देखभाल तथा जलवायु घटनाओं या प्रवासन से जुड़े झटके शामिल हैं। 1–14 वर्ष के लगभग 66% बच्चों ने हिंसक अनुशासन का अनुभव किया, और 2021 में 5–17 वर्ष के लगभग 17% बच्चे आर्थिक गतिविधियों में शामिल थे। आम तौर पर 15 वर्ष से कम उम्र में बाल श्रम पर प्रतिबंध है, जबकि खतरनाक काम 18 वर्ष से कम उम्र के लोगों के लिए प्रतिबंधित है। महिलाओं और बच्चों के लिए कम्यून परिषद (CCWC) संरक्षण संबंधी चिंताओं को सामाजिक कार्य, पूर्व सैनिक और युवा पुनर्वास के जिला कार्यालय (District Office of Social Affairs, Veterans and Youth Rehabilitation, DoSVY) तक भेज सकती है। युवा नीति में आम तौर पर 15–30 वर्ष की उम्र शामिल है। 2022–2026 की राष्ट्रीय युवा योजना शिक्षा और तकनीकी तथा व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण (technical and vocational education and training, TVET), स्वास्थ्य और कल्याण, रोज़गार और उद्यमिता, भागीदारी तथा स्वयंसेवा पर केंद्रित है। स्कूल से प्रशिक्षण या काम की ओर बढ़ना एक अहम बदलाव है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, युवाओं के बेरोज़गार होने की संभावना वयस्कों से तीन गुना थी, और सर्वे में शामिल 15–24 वर्ष के 59% लोग न रोज़गार में थे, न शिक्षा में और न प्रशिक्षण में। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले, स्कूल से बाहर, प्रवासी, दिव्यांग, स्वदेशी और LGBTQI युवा अतिरिक्त बाधाओं का सामना कर सकते हैं। राष्ट्रीय युवा विकास परिषद और युवा नेटवर्क के ज़रिए भागीदारी को समर्थन मिलता है, लेकिन कंबोडिया में युवाओं के लिए एक समान राष्ट्रीय नकद लाभ नहीं है। वयस्कता के संदर्भ में कामकाजी उम्र 15–59 वर्ष मानी जाती है। आम बदलावों में औपचारिक या अनौपचारिक काम शुरू करना, प्रवासन, बेरोज़गारी, माता-पिता बनना और दिव्यांगता शामिल हैं। 2023 के स्थिति विश्लेषण में इस्तेमाल साक्ष्य के अनुसार, 2019–2020 की परिस्थितियों में लगभग 81% नौकरियाँ असुरक्षित श्रेणी में थीं। NSSF का संरक्षण पंजीकरण और अंशदान पर निर्भर है, इसलिए अनौपचारिक कामगारों को आम तौर पर कम सुरक्षा मिलती है। बेरोज़गारी, काम से लगी चोट, स्वास्थ्य और दिव्यांगता को सामाजिक संरक्षण के जोखिम माना जाता है, लेकिन सहायता तक पहुँच संबंधित योजना तथा व्यक्ति की रोज़गार और अंशदान की स्थिति पर निर्भर करती है। मातृत्व और शुरुआती बचपन की सहायता में रोज़गार के नियम, स्वास्थ्य सेवाएँ और लक्षित सहायता शामिल हैं। श्रम कानून 90 दिनों के मातृत्व अवकाश का प्रावधान करता है; किसी उद्यम में कम-से-कम एक वर्ष की सेवा वाली महिला कर्मचारी को लागू नियमों के तहत 50% वेतन और भत्ते मिल सकते हैं। निजी क्षेत्र की NSSF सदस्य को NSSF के नियमों के अधीन, 90 दिनों के दौरान औसत अंशदान-आधारित वेतन का 70% मिल सकता है। गर्भवती महिलाएँ और दो वर्ष से कम उम्र के बच्चे IDPoor या इक्विटी कार्ड (Equity Card) से जुड़ी नकद सहायता, गर्भावस्था-पूर्व जाँच, प्रसव और प्रसवोत्तर जाँच तथा टीकाकरण के लिए पात्र हो सकते हैं। परिवार पैकेज (Family Package) मातृत्व और बच्चों, स्कूली उम्र के बच्चों, दिव्यांगता, वृद्ध लोगों तथा HIV के साथ जी रहे लोगों के लिए सहायता को एक साथ लाता है। भुगतान और पात्रता बदल सकते हैं, इसलिए मौजूदा राशि और स्थानीय पंजीकरण प्रक्रिया की पुष्टि सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्र, सामाजिक रजिस्ट्री या जिम्मेदार स्थानीय कार्यालय से करनी चाहिए। वृद्धावस्था आम तौर पर 60 वर्ष से शुरू होती है; यही सेवानिवृत्ति की मुख्य संदर्भ उम्र भी है। NSSF वृद्धावस्था पेंशन के लिए पंजीकरण और कम-से-कम 60 महीने का अंशदान आवश्यक है; इस पात्रता मार्ग में न आने वाले लोगों को लागू उप-डिक्री के तहत वृद्धावस्था भत्ता मिल सकता है। आश्रितों के लाभ पात्रता पूरी करने वाले अंशदानों पर निर्भर करते हैं। परिवार पैकेज और अन्य सामाजिक सहायता मुख्यतः गरीब या असुरक्षित स्थिति में रहने वाले वृद्ध लोगों को लक्षित करते हैं, सार्वभौमिक भुगतान नहीं देते। परिवारों और पगोडाओं ने परंपरागत रूप से सुरक्षा-जाल का बड़ा हिस्सा संभाला है, जबकि प्रवासन और शहरीकरण से रोज़मर्रा की सहायता कमज़ोर पड़ सकती है। देखभाल पर निर्भरता के लिए देशव्यापी सार्वभौमिक दीर्घकालिक देखभाल पात्रता प्रणाली, नकद लाभ, सेवा प्रदाता की दर-सूची या परिवार के देखभालकर्ताओं के लिए लागू भुगतान की पुष्टि करने वाला दस्तावेज़ उपलब्ध नहीं है। राष्ट्रीय वृद्धावस्था नीति 2017–2030 का लक्ष्य लोगों को अपने घर और समुदाय में उम्र बिताने देना है; यह देखभालकर्ता प्रशिक्षण, घर पर मुलाकातों, सामाजिक कल्याण अधिकारियों और सामुदायिक स्वयंसेवकों को बढ़ावा देती है। दिव्यांगता, डिमेंशिया और असाध्य बीमारी के लिए घर-आधारित देखभाल, नर्सिंग तथा देखभाल केंद्रों के मॉडल प्रस्तावित या अध्ययन किए गए हैं, लेकिन औपचारिक सेवाएँ कम और असमान हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय और MoSVY की संबंधित जिम्मेदारियाँ साझा हैं, जबकि अवैतनिक देखभाल का बड़ा बोझ परिवारों पर पड़ता है। जीवन के बदलावों में जन्म पंजीकरण, स्कूल, युवा प्रशिक्षण या काम, माता-पिता बनना, सेवानिवृत्ति और किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद आश्रितों की स्थिति शामिल हो सकती है। कई चरणों में साझा जोखिमों में बाल विवाह, हिंसा, मानव तस्करी, प्रवासन, दिव्यांगता, बेरोज़गारी, बाढ़, महँगाई, महामारी और बेघर होना शामिल हैं। विवाह की अनुमति आम तौर पर 18 वर्ष से है; माता-पिता या अभिभावक की सहमति होने पर 16 वर्ष से विवाह का अपवाद लागू होता है। 20–24 वर्ष की लगभग 18% महिलाएँ 18 वर्ष से पहले विवाहित थीं या किसी साथी के साथ रह रही थीं; मोंडुल्किरी और रतनकिरी में यह दर्ज अनुपात 34% था। कंबोडिया की सामाजिक संरक्षण रूपरेखा का उद्देश्य झटकों से निपटना है, लेकिन जीवन के हर बदलाव को कवर करने वाला एकल राष्ट्रीय केस-प्रबंधन मार्ग नहीं है। स्थानीय सहायता के लिए आम तौर पर कम्यून या संगकत कार्यालय, महिलाओं और बच्चों के लिए कम्यून परिषद, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, युवा नेटवर्क या DoSVY से शुरुआत की जाती है; वहाँ से MoSVY या किसी अन्य विशेष संस्थान को रेफ़रल की ज़रूरत पड़ सकती है।
कंबोडिया में जीवन के विभिन्न चरण
कंबोडिया में जीवन के विभिन्न चरण उम्र, काम, पारिवारिक जिम्मेदारियों, दिव्यांगता, प्रवासन और सामाजिक सुरक्षा तक पहुँच से प्रभावित होते हैं। बचपन में आम तौर पर 0–17 वर्ष, युवा नीति में 15–30 वर्ष, कामकाजी उम्र के संदर्भ में 15–59 वर्ष शामिल हैं, और 60 वर्ष से वृद्धावस्था मानी जाती है। कंबोडिया में जीवन-चक्र से जुड़े जोखिमों के लिए एक राष्ट्रीय ढाँचा है, लेकिन स्थानीय सेवाओं तक पहुँच असमान बनी हुई है। वृद्ध या आश्रित लोगों की देखभाल अब भी मुख्यतः परिवार और अनौपचारिक सामुदायिक नेटवर्क करते हैं।
सुझाव
कंबोडिया में जीवन के हर बड़े बदलाव के समय अलग-अलग जाँचें करें: बच्चों के लिए पहचान और स्कूल, युवाओं के लिए प्रशिक्षण या काम, कामगारों के लिए पंजीकरण और अंशदान, और वृद्ध लोगों के लिए आय तथा देखभाल की योजना। स्थानीय कम्यून या संगकत कार्यालय, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, CCWC या DoSVY से शुरुआत करें। पात्रता और दस्तावेज़ जाँचे बिना यह न मानें कि कोई राष्ट्रीय कार्यक्रम या परिवार की सहायता उपलब्ध होगी। दिव्यांगता, गरीबी, दूरदराज़ का निवास, प्रवासन और अचानक आने वाले झटकों पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि इनके कारण सामान्य बदलाव के दौरान भी सेवाओं में कमी आ सकती है।

