ओमान की राजनीतिक व्यवस्था राज्य के मूल कानून पर आधारित है और इसका नेतृत्व सुल्तान करते हैं। सुल्तान राष्ट्राध्यक्ष होते हैं और राष्ट्रीय दिशा, कार्यकारी प्रशासन तथा राज्य के प्रमुख पदों पर नियुक्तियों के व्यापक अधिकार रखते हैं। सरकारी मंत्रालय और अन्य सार्वजनिक संस्थाएँ इस केंद्रीय व्यवस्था के तहत नीतियाँ लागू करती हैं और सार्वजनिक सेवाएँ देती हैं। ओमान परिषद के दो सदन हैं: निर्वाचित मजलिस अल-शूरा और नियुक्त मजलिस अल-दौला, जिसे राज्य परिषद भी कहा जाता है। दोनों मिलकर मूल कानून में तय अधिकारों के दायरे में प्रस्तावित कानूनों, सार्वजनिक नीतियों और सरकारी मामलों की समीक्षा करते हैं। इसलिए ओमान परिषद परामर्श और विधायी भागीदारी का माध्यम है, लेकिन यह संसदीय बहुमत के ज़रिए सरकार नहीं चुनती। ओमान गवर्नरेटों में विभाजित है, जिनका प्रशासन केंद्रीय और स्थानीय प्राधिकरणों के माध्यम से होता है। नगरपालिका परिषदें स्थानीय प्रतिनिधित्व का एक अतिरिक्त माध्यम हैं और अपने क्षेत्रों की सेवाओं तथा विकास से जुड़े मामलों पर चर्चा करती हैं। इस प्रकार राजनीतिक भागीदारी के कई रूप हैं, जिनमें मजलिस अल-शूरा और नगरपालिका परिषदों के चुनाव, सार्वजनिक संस्थाओं के माध्यम से परामर्श और सरकारी प्राधिकरणों से संपर्क शामिल हैं। इन माध्यमों के बीच व्यावहारिक संतुलन सुल्तान के संवैधानिक अधिकारों, मंत्रालयों की भूमिका और प्रत्येक परिषद के निर्धारित अधिकारों पर निर्भर करता है।
ओमान में राजनीति
ओमान की राजनीति में वंशानुगत सल्तनत, केंद्रीय सरकारी संस्थाएँ, गवर्नरेट और निर्वाचित परामर्शी निकाय शामिल हैं। सुल्तान के पास केंद्रीय संवैधानिक और कार्यकारी अधिकार है, जबकि ओमान परिषद और नगरपालिका परिषदें परामर्श और प्रतिनिधित्व के माध्यम देती हैं। ओमान में चुनाव सुल्तान का चयन नहीं करते और न ही सीधे राष्ट्रीय सरकार बनाते हैं।
सुझाव
यह समझने के लिए कि कोई मामला कौन तय कर सकता है, उसका प्रशासन कौन करता है या उसमें प्रतिनिधित्व कौन करता है, ओमान की राजनीतिक व्यवस्था की संरचना देखें। चुनाव के नतीजे को सुल्तान में बदलाव या राष्ट्रीय सरकार के गठन के रूप में न समझें; राजनीतिक माध्यम चुनने से पहले केंद्रीय प्रशासन, स्थानीय सेवाओं और परामर्शी प्रतिनिधित्व के बीच अंतर करें।

