ओमान में हज़ारों वर्षों से लोग रहते आए हैं। शुरुआती बस्तियों, खेती, मछली पकड़ने, खनन और व्यापार के प्रमाण मिले हैं। पहाड़ों, रेगिस्तानों, नख़लिस्तानों और लंबी तटरेखाओं ने जीवन के अलग-अलग स्थानीय तरीकों को जन्म दिया। दक्षिणी ओमान, खासकर धफ़ार, लोबान के लिए प्रसिद्ध हुआ। यह मूल्यवान राल क्षेत्रीय व्यापार मार्गों से होकर गुज़री और ओमान को बड़े बाज़ारों से जोड़ा। ओमानी नाविकों और व्यापारियों ने अरब सागर के पार मज़बूत संबंध बनाए। ये संबंध भारतीय उपमहाद्वीप, पूर्वी अफ्रीका के तट और ज़ांज़ीबार जैसे द्वीपों तक पहुँचे और ऐसे सांस्कृतिक तथा पारिवारिक संबंध बनाए जो आज भी ओमानी स्मृति का हिस्सा हैं। प्रारंभिक इस्लामी काल में इस्लाम ओमानी समाज का केंद्रीय हिस्सा बन गया। धार्मिक शिक्षा, स्थानीय नेतृत्व, व्यापार और सामुदायिक संस्थाओं ने विभिन्न क्षेत्रों के राजनीतिक और सामाजिक जीवन को आकार दिया। यूरोपीय शक्तियाँ भी ओमानी जलक्षेत्र में आईं और बंदरगाहों तथा व्यापार पर अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए प्रतिस्पर्धा की। पुर्तगाली नियंत्रण ने कुछ समय तक तट के कुछ हिस्सों को प्रभावित किया, लेकिन बाद में ओमानी सेनाओं ने उन्हें बाहर निकाल दिया और समुद्री प्रभाव का विस्तार किया। अठारहवीं सदी से अल बुसईद शासक परिवार ने ओमान पर शासन किया है। ओमान के इतिहास में तटीय नगरों, अंतर्देशीय समुदायों, कबायली समूहों और क्षेत्रीय प्राधिकरणों के बीच बदलते संबंध भी शामिल हैं। बीसवीं सदी के उत्तरार्ध से ओमान में सड़कों, स्कूलों, स्वास्थ्य देखभाल, सार्वजनिक सेवाओं और संचार का बड़े पैमाने पर राज्य-नेतृत्व वाला विकास हुआ। इस आधुनिकीकरण ने कई समुदायों को जोड़ा, और साथ ही विरासत तथा स्थानीय पहचान में गहरी रुचि भी बनी रही। किले, पुराने गाँव, मस्जिदें, अफ़लाज जल प्रणालियाँ, जहाज़, बाज़ार, पारिवारिक कहानियाँ, कविता और संग्रहालय इतिहास की स्मृति को सँजोते हैं। संतुलित दृष्टिकोण साझा राष्ट्रीय इतिहास के साथ-साथ क्षेत्रों और समुदायों के अलग-अलग अनुभवों को भी पहचानता है।
ओमान में इतिहास
ओमान का लंबा इतिहास समुद्री यात्राओं, पहाड़ी और रेगिस्तानी समुदायों, व्यापार, इस्लाम तथा पूर्वी अफ्रीका, दक्षिण एशिया और अरब से संपर्कों से प्रभावित हुआ है। ओमान के इतिहास में लोबान के व्यापार मार्ग, शक्तिशाली समुद्री नेटवर्क, विदेशी प्रभाव और बदलते शासन-रूप शामिल हैं। ऐतिहासिक किले, बस्तियाँ, नावें और मौखिक परंपराएँ आज भी ओमान को समझने में मदद करती हैं।
सुझाव
ओमान को समझने के लिए उसकी वर्तमान पहचान को समुद्र, लोबान, इस्लाम, स्थानीय समुदायों और दूर-दराज़ के आदान-प्रदान से जोड़कर देखें। ऐतिहासिक जगहों को पानी, व्यापार, रक्षा और पारिवारिक संबंधों के संदर्भ में देखने पर उनका अर्थ अधिक स्पष्ट होता है।

