इरिट्रिया का प्राकृतिक पर्यावरण पशुपालन, खेती, मत्स्य पालन, ईंधन लकड़ी संग्रह, वन्यजीवों और पर्यटन को सहारा देता है। देश में एक-दूसरे से बहुत भिन्न क्षेत्र हैं, जिनमें दनाकिल गर्त, लाल सागर का तट, पूर्वी ढाल, उच्चभूमि के वन, पश्चिमी निचले इलाके और नदी-तटीय तंत्र शामिल हैं। ये पारिस्थितिक तंत्र सूखे, अत्यधिक चराई, आवासों के नुकसान, अत्यधिक मछली पकड़ने और प्रवाल विरंजन के दबाव का सामना करते हैं। प्रकृति संरक्षण में नीतियां, स्थानीय बंद क्षेत्र और प्रस्तावित संरक्षित क्षेत्र शामिल हैं, जबकि पूरी तरह कार्यरत राष्ट्रीय संरक्षित-क्षेत्र प्रणाली का प्रमाण उपलब्ध नहीं है। रोजमर्रा की पर्यावरणीय परिस्थितियां इस बात पर बहुत निर्भर करती हैं कि लोग कहां रहते हैं। शहरी और ग्रामीण बस्तियों में बिजली, पानी, स्वच्छता, कचरा संग्रहण, हरित क्षेत्र और सुरक्षित सार्वजनिक सुविधाओं तक पहुंच अलग-अलग हो सकती है। सूखा और अविश्वसनीय जल आपूर्ति घरों, खेती और पशुधन को प्रभावित करते हैं, जबकि वायु प्रदूषण और स्वच्छ खाना पकाने के विकल्पों तक सीमित पहुंच स्वास्थ्य और घर के भीतर रहने की परिस्थितियों को प्रभावित करती है। स्थानीय प्रशासन, नगरपालिकाएं, उपयोगिता सेवाएं, समुदाय और राष्ट्रीय मंत्रालय अलग-अलग सेवाओं तथा पर्यावरणीय उपायों की साझा जिम्मेदारी निभाते हैं। अस्मारा में संरक्षित सार्वजनिक और विरासत क्षेत्र भी हैं, जो पर्यावरणीय परिस्थितियों को शहर की विशिष्ट शहरी संरचना के संरक्षण से जोड़ते हैं।
पर्यावरण — इरिट्रिया में
इरिट्रिया का पर्यावरण प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्रों और बस्तियों की रोजमर्रा की परिस्थितियों—दोनों को शामिल करता है। इसके भू-दृश्य लाल सागर के तट और उच्चभूमियों से लेकर शुष्क निचले इलाकों तक फैले हैं, जबकि पानी, बिजली, स्वच्छता, कचरा संग्रहण और सुरक्षित सार्वजनिक सुविधाओं तक पहुंच अलग-अलग स्थानों में अलग है। सूखा, आवासों का नुकसान, अत्यधिक चराई, प्रदूषण और सीमित सेवाएं पारिस्थितिक तंत्रों, आजीविकाओं और दैनिक जीवन को प्रभावित करती हैं।
सुझाव
इरिट्रिया की पर्यावरणीय परिस्थितियों को सेवा-संबंधी और संसाधन-संबंधी दोनों मुद्दों के रूप में देखें। दैनिक जरूरतों के लिए विश्वसनीय पानी, स्वच्छता, स्वच्छ खाना पकाने और कचरा प्रबंधन को प्राथमिकता दें, साथ ही यह जांचें कि सूखा या नियोजित गतिविधियां पारिस्थितिक तंत्रों, खेती, पशुधन, मत्स्य पालन या स्थानीय संरक्षित क्षेत्रों को कैसे प्रभावित कर सकती हैं।

