अर्मेनियाई संस्कृति यूरोप और एशिया के मिलन-बिंदु पर कई सदियों में विकसित हुई है। अर्मेनियाई लोग अपनी संस्कृति के लिए अर्मेनियाई संस्कृति (հայկական մշակույթ, haykakan mshakuyt) शब्द का प्रयोग करते हैं। ऐतिहासिक निरंतरता, अस्तित्व बनाए रखना, शिक्षा और मातृभूमि से जुड़ाव सांस्कृतिक जीवन के सामान्य विषय हैं। अर्मेनियाई भाषा (հայերեն, hayeren) राष्ट्रीय पहचान के केंद्र में है। आर्मेनिया में मुख्यतः पूर्वी अर्मेनियाई भाषा का प्रयोग होता है, जिसे विशिष्ट अर्मेनियाई वर्णमाला में लिखा जाता है। कविता, कहानियाँ, गीत, नाम और रोज़मर्रा के अभिव्यक्ति-रूप संस्कृति को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुँचाने में मदद करते हैं। आर्मेनिया में परिवार और करीबी व्यक्तिगत संबंध महत्वपूर्ण हैं। रिश्तेदार भोजन, छुट्टियों, शादियों, बपतिस्मा, जन्मदिनों और अन्य बड़े आयोजनों के लिए एकत्र हो सकते हैं। माता-पिता, दादा-दादी, शिक्षकों और मेहमानों के प्रति सम्मान को व्यापक रूप से महत्व दिया जाता है, हालांकि अलग-अलग घरों का व्यवहार औपचारिक या सहज हो सकता है। आतिथ्य एक स्पष्ट सामाजिक परंपरा है। मेज़बान कॉफी, फल, मिठाइयाँ, रोटी, पनीर या पूरा भोजन दे सकता है और मेहमानों को अक्सर अधिक खाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। किसी घर में जाते समय छोटा-सा उपहार लाना विचारशील व्यवहार हो सकता है, विशेषकर पहले से तय मुलाकात या उत्सव के अवसर पर। अर्मेनियाई अपोस्टोलिक चर्च (Armenian Apostolic Church) ने वास्तुकला, त्योहारों, समारोहों, संगीत और राष्ट्रीय इतिहास से जुड़ी धारणाओं को बहुत प्रभावित किया है। प्राचीन चर्च, मठ, उकेरा हुआ पत्थर का क्रॉस (խաչքար, khachkar) और धार्मिक उत्सव महत्वपूर्ण सांस्कृतिक प्रतीक हैं। आर्मेनिया में अन्य आस्थाओं को मानने वाले लोग और धार्मिक न होने वाले लोग भी रहते हैं। खान-पान की संस्कृति साझा मेज़ों और मौसमी सामग्री पर केंद्रित है। आम खाद्य पदार्थों में लवाश रोटी (lavash), भुना हुआ मांस (khorovats), डोलमा व्यंजन (dolma), सूप, जड़ी-बूटियाँ, चीज़, फल और पेस्ट्री शामिल हैं, लेकिन पकाने की विधियाँ घर और क्षेत्र के अनुसार अलग होती हैं। शुभकामना-भाषण उत्सवी भोजन की संरचना तय कर सकते हैं और कृतज्ञता, मित्रता, स्मरण या शुभकामनाएँ व्यक्त कर सकते हैं। संगीत, नृत्य, शिल्प और कहानी-कथन पारंपरिक तथा आधुनिक आर्मेनिया को जोड़ते हैं। दुदुक नामक वायु वाद्य (duduk) प्रसिद्ध है, जबकि कोचारी नामक सामूहिक नृत्य (kochari) उत्सवों और प्रस्तुतियों में दिखाई देता है। कालीन बुनाई, पत्थर तराशना, मिट्टी के बर्तन बनाना, चित्रकला, रंगमंच, सिनेमा और समकालीन लोकप्रिय संगीत भी अर्मेनियाई सांस्कृतिक जीवन का हिस्सा हैं। सार्वजनिक व्यवहार में अक्सर गर्मजोशी और परिस्थिति के प्रति विचारशीलता दोनों दिखाई देती हैं। अभिवादन, महत्वपूर्ण अवसरों पर साफ-सुथरे कपड़े, धैर्यपूर्वक बातचीत और मेज़बान पर ध्यान देना सामान्यतः पसंद किया जाता है। आगंतुकों को स्थानीय लोगों के व्यवहार पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि ये रीति-रिवाज़ येरेवन, छोटे शहरों, गाँवों और अलग-अलग समुदायों के बीच भिन्न हो सकते हैं। आधुनिक अर्मेनियाई संस्कृति केवल पुरानी परंपराओं तक सीमित नहीं है। युवा लोग स्थानीय परंपराओं को वैश्विक मीडिया, तकनीक, फैशन और कला के नए रूपों के साथ मिलाते हैं। अर्मेनियाई प्रवासी समुदाय भी भाषा, भोजन, संगीत, पारिवारिक संबंधों और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को प्रभावित करता है, जबकि आर्मेनिया के भीतर का जीवन अपनी दैनिक लय और दृष्टिकोण रखता है।
संस्कृति — आर्मेनिया में
आर्मेनिया में संस्कृति अर्मेनियाई भाषा, पारिवारिक जीवन, ईसाई धर्म, प्राचीन परंपराओं, संगीत, भोजन, साहित्य और मातृभूमि से गहरे जुड़ाव से आकार लेती है। आतिथ्य तथा रिश्तेदारों और बुज़ुर्गों के प्रति सम्मान रोज़मर्रा के सामाजिक जीवन के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। परिवारों, क्षेत्रों, पीढ़ियों और समुदायों के बीच रीति-रिवाज़ अलग हो सकते हैं, इसलिए अर्मेनियाई संस्कृति को नियमों के किसी एक स्थिर समूह के रूप में नहीं समझना चाहिए।
सुझाव
आर्मेनिया में सम्मानपूर्ण जिज्ञासा, अर्मेनियाई भाषा के कुछ शब्द सीखने और मेज़ के आसपास साथ समय बिताने की इच्छा के साथ शुरुआत करें। पहल करने से पहले देखें कि आपके मेज़बान अभिवादन, भोजन, शुभकामना-भाषण और संवेदनशील विषयों पर बातचीत कैसे करते हैं। हर रीति-रिवाज़ का पूर्ण ज्ञान होने से अधिक महत्वपूर्ण वास्तविक रुचि है।

