आज के अज़रबैजान की भूमि अनेक समुदायों और राजनीतिक शक्तियों का घर रही है। पहाड़ों, मैदानों, नदी घाटियों और कैस्पियन तट ने स्थानीय जीवन के अलग-अलग तरीके बनाए, जबकि व्यापार ने इस क्षेत्र को दूर-दराज़ के स्थानों से जोड़ा। प्राचीन और आरंभिक मध्यकालीन राज्यों ने किलेबंदियाँ, बस्तियाँ, धार्मिक स्थल और लिखित परंपराएँ छोड़ीं। कॉकसस का अल्बानिया एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक राज्य था, लेकिन इसे आधुनिक बाल्कन देश अल्बानिया से भ्रमित नहीं करना चाहिए। सदियों के दौरान ईरानी साम्राज्यों, अरब शासन, तुर्की प्रवासों और इस्लामी संस्कृति ने राजनीतिक और सांस्कृतिक जीवन को बदला। अज़रबैजानी भाषा व्यापक फ़ारसी सांस्कृतिक और इस्लामी संसार के भीतर एक तुर्की भाषा के रूप में धीरे-धीरे विकसित हुई। विभिन्न समयों में स्थानीय राजवंशों और ख़ानतों ने अलग-अलग क्षेत्रों पर शासन किया। शिरवांशाह विशेष रूप से शिरवान और बाकू से जुड़े हैं, जबकि सफ़वी काल क्षेत्रीय राज्य-निर्माण और बारह-इमामी शिया इस्लाम के प्रसार के लिए महत्वपूर्ण है। उन्नीसवीं सदी में क़ाजार ईरान के साथ युद्धों के बाद रूसी साम्राज्य ने अरास नदी के उत्तर के क्षेत्र पर नियंत्रण प्राप्त किया। नए प्रशासन, परिवहन, शिक्षा, उद्योग और प्रवास ने समाज को बदला और बाकू एक प्रमुख तेल-नगर बन गया। 1918 में अज़रबैजान का लोकतांत्रिक गणराज्य स्थापित हुआ और सोवियत शासन शुरू होने से पहले वह थोड़े समय तक अस्तित्व में रहा। इसे संसदीय सरकार, राज्य संस्थाओं और आधुनिक गणराज्य बनाने के शुरुआती प्रयास के लिए याद किया जाता है। सोवियत गणराज्य के रूप में अज़रबैजान ने औद्योगीकरण, व्यापक शिक्षा, धर्मनिरपेक्ष सार्वजनिक संस्थाओं, राजनीतिक दमन और कड़े केंद्रीय नियंत्रण का अनुभव किया। सोवियत काल ने भाषा, शहरी जीवन, सीमाओं और समुदायों के बीच संबंधों को भी प्रभावित किया। अज़रबैजान ने 1991 में स्वतंत्रता बहाल की। सोवियत संघ का अंत, राज्य-निर्माण, विस्थापन और कराबाख को लेकर संघर्ष आधुनिक देश को गहराई से आकार देते हैं और व्यक्तिगत तथा राष्ट्रीय स्मृति के संवेदनशील हिस्से बने हुए हैं।
इतिहास: अज़रबैजान में
अज़रबैजान का इतिहास कॉकसस, कैस्पियन सागर, ईरान, अनातोलिया और यूरेशियाई स्टेपी के बीच उसकी स्थिति से विकसित हुआ। व्यापार मार्गों, स्थानीय राज्यों, फ़ारसी सांस्कृतिक प्रभाव, तुर्की भाषाओं, इस्लाम, रूसी शासन, सोवियत सरकार और आधुनिक स्वतंत्रता ने देश को आकार दिया। ऐतिहासिक स्मृति आज भी पहचान, क्षेत्र, भाषा और पारिवारिक अनुभव से गहराई से जुड़ी है।
सुझाव
अज़रबैजान के इतिहास को एक सरल राष्ट्रीय कहानी के बजाय कई जुड़े हुए कालखंडों के रूप में समझें। सीमाओं, विस्थापन, कराबाख या पड़ोसी समुदायों के संबंधों पर चर्चा करते समय सावधान भाषा का उपयोग करें। संग्रहालय, स्मारक, पुराने मोहल्ले और पारिवारिक स्मृतियाँ एक ही काल के अलग-अलग पक्ष दिखा सकती हैं।

