छँटनी, अस्थायी नौकरी समाप्त होने, व्यवसाय बंद होने या इस्तीफ़े के बाद बेरोज़गारी आ सकती है। काम छूटने का कारण इस बात को प्रभावित कर सकता है कि कोई व्यक्ति बेरोज़गारी बीमा के लिए पात्र है या नहीं। बेरोज़गारी बीमा आम तौर पर उस राज्य द्वारा संचालित होता है जहाँ काम किया गया था। यह पात्र कर्मचारियों को अस्थायी भुगतान देता है, बशर्ते वे कार्यक्रम के काम और नौकरी छूटने संबंधी नियमों को पूरा करें। आम तौर पर व्यक्ति संबंधित राज्य एजेंसी में दावा दाखिल करके शुरुआत करता है। दावे में पहचान की जानकारी, नियोक्ता का विवरण, काम की तारीखें, वेतन और नौकरी समाप्त होने का कारण पूछा जा सकता है। आवेदन के बाद दावेदार को नियमित रूप से भुगतान का अनुरोध करना पड़ सकता है। आम तौर पर उसे काम करने में सक्षम और उपलब्ध रहना, आवश्यक नौकरी-खोज गतिविधि की सूचना देना और सवालों के सच्चे उत्तर देना होता है। एजेंसी दावे की समीक्षा करती है और कर्मचारी या पूर्व नियोक्ता से संपर्क कर सकती है। निर्णय में लाभ मंज़ूर, कम या अस्वीकार किए जा सकते हैं; विवादित निर्णयों के लिए आम तौर पर अपील की प्रक्रिया उपलब्ध होती है। बेरोज़गारी बीमा विच्छेद वेतन, कर्मचारी मुआवज़े, विकलांगता सहायता या सामान्य आय भुगतान के समान नहीं है। हर कार्यक्रम का उद्देश्य और शर्तें अलग हैं। लाभ अस्थायी होते हैं और पूरी नौकरी-खोज योजना का विकल्प नहीं हैं। काम ढूँढ़ते समय लोगों को स्वास्थ्य बीमा, आवास, भोजन, कर्ज़, परिवहन या प्रशिक्षण में भी सहायता की जरूरत हो सकती है। अच्छे रिकॉर्ड महत्वपूर्ण हैं। दावा पुष्टि, साप्ताहिक रिपोर्ट, नौकरी आवेदन, एजेंसी के संदेश, वेतन संबंधी जानकारी और फ़ोन कॉल के नोट संभालकर रखें।
संयुक्त राज्य अमेरिका में बेरोज़गारी
संयुक्त राज्य अमेरिका में बेरोज़गारी वह स्थिति है जिसमें कोई व्यक्ति काम कर सकता है और काम करना चाहता है, लेकिन फिलहाल उसके पास नौकरी नहीं है। मुख्य सार्वजनिक सहायता संघीय ढाँचे के भीतर राज्यों द्वारा संचालित बेरोज़गारी बीमा है। दावा करने के लिए आम तौर पर काम का इतिहास, नियमित भुगतान अनुरोध और उपयुक्त काम के लिए उपलब्ध बने रहना आवश्यक होता है।
सुझाव
संयुक्त राज्य अमेरिका में नौकरी छूटने के बाद स्थानीय बेरोज़गारी प्रक्रिया समझने के लिए समय रहते कदम उठाएँ और हर पुष्टि संभालकर रखें। लाभ की रिपोर्टिंग को नियमित साप्ताहिक काम मानें, भले ही आप नौकरी खोज रहे हों। एक छोटा बजट बनाएँ ताकि पता रहे कि पहले किन खर्चों को पूरा करना है।

