लगभग 5000 वर्ष पहले से लोग कई लहरों में इन द्वीपों पर बसे। UNESCO की अस्थायी सूची की सामग्री में लगभग 160 मिट्टी के बर्तनों वाले पुरातात्विक स्थलों का उल्लेख है और उन्हें सलाडॉइड तथा ताइनो सांस्कृतिक विकास से जोड़ा गया है। लेयू के शैलचित्र लघु एंटिलीज़ में ज्ञात सबसे बड़ा शैलचित्र-पटल हैं। बुकामेंट की शैल-आकृति, कैरिब स्टोन्स और जुम्बी चट्टानें, साथ ही स्थान-नाम और भू-दृश्य का उपयोग, लंबे समय से चले आ रहे आदिवासी संबंधों के प्रमाण देते हैं। यूरोपीय संपर्क पंद्रहवीं शताब्दी में शुरू हुआ। अफ्रीकी लोग औपनिवेशिक व्यवस्था के माध्यम से और दासता से भागकर आए; उनमें से कई ने कालिनागो समुदायों के साथ परिवार और गठबंधन बनाए। इन संबंधों से विकसित लोगों और संस्कृति के लिए गरिफुना नाम इस्तेमाल होता है। ‘ब्लैक कैरिब’ ऐतिहासिक औपनिवेशिक नाम है; संदर्भ समझाए बिना इसका उपयोग नहीं करना चाहिए। 1797 में लगभग 5000 लोगों को बालिसो से रोआतान निर्वासित किए जाने के बाद गरिफुना इतिहास मध्य अमेरिका में आगे बढ़ा। 1748 की ऐक्स-ला-शापेल संधि ने द्वीपों को तटस्थ दर्जा दिया। 1763 की पेरिस संधि ने उन्हें ब्रिटेन को सौंपा। ब्रिटिश भूमि-कब्ज़ा, बागान विस्तार और अफ्रीकी लोगों की दासता तेज हुई। प्रथम कैरिब युद्ध 1769 से 1773 तक चला। 1776 में प्रतिनिधि सभा को अधिकृत किया गया। फ्रांस ने 1779 से 1783 तक द्वीपों पर नियंत्रण रखा; वर्साय संधि ने उन्हें ब्रिटेन को लौटा दिया। 1795 से 1797 के द्वितीय कैरिब युद्ध में जोसेफ चाटोयर ने कालिनागो और गरिफुना गठबंधन का नेतृत्व किया। ब्रिटिश विजय से द्वीपों पर संगठित प्रतिरोध समाप्त हुआ और बालिसो के रास्ते रोआतान निर्वासन हुआ। अठारहवीं और उन्नीसवीं शताब्दी में चीनी के बागानों और अन्य बागान उत्पादन का प्रभाव रहा। ब्रिटेन ने 1834 में दासता समाप्त की और 1838 में प्रशिक्षुता व्यवस्था खत्म हुई। लगभग 1840 के दशक से पुर्तगाली कामगार बड़ी संख्या में आए; लगभग 1860 के दशक से पूर्वी भारतीय कामगार भी आए। राजनीतिक संस्थाएँ भी बदलीं: 1856 में विधान सभा की जगह एक-सदनीय सभा बनी और 1877 में क्राउन कॉलोनी शासन शुरू हुआ। 1902 में ला सूफ्रिएर ज्वालामुखी के विस्फोट में लगभग 2000 लोग मारे गए। 1925 में विधान परिषद बनी। 21 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों को 1951 में सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार मिला और 1956 में मंत्रिमंडलीय व्यवस्था शुरू हुई। सेंट विंसेंट और ग्रेनाडाइन्स 1958 में वेस्ट इंडीज़ फेडरेशन में शामिल हुआ; यह संघ 1962 में भंग हो गया। 1969 में ब्रिटेन के साथ संबद्ध राज्य का दर्जा शुरू हुआ और पूर्ण आंतरिक स्वशासन मिला। देश 1974 में CARICOM में शामिल हुआ। अप्रैल 1979 में ला सूफ्रिएर के विस्फोट से लोगों को निकाला गया और कृषि को नुकसान हुआ। 27 अक्टूबर 1979 को संविधान आदेश 1979 के तहत स्वतंत्रता मिली; मिल्टन काटो पहले प्रधानमंत्री बने। देश राष्ट्रमंडल में बना रहा। 1980 के दशक की शुरुआत में उसने OECS की स्थापना में भाग लिया। 1980 और 1987 में बड़े तूफानों से बागानों को नुकसान हुआ और 1985 में राष्ट्रीय ध्वज बदला गया। किंग्सटाउन के रिचमंड हिल में राष्ट्रीय अभिलेखागार 5 दिसंबर 1990 को खुला। National Archives and Documentation Services तथा National Public Library Archives and Documentation Services अभिलेखीय शोध में सहायता देते हैं। उपयोगी सामग्री में Government Gazettes, Blue Books, Colonial Agency Reports, Indian Indentured Labourers Register और Register of Free African Immigrants शामिल हैं। अभिलेखागार में मुख्यतः अठारहवीं शताब्दी के बाद की सामग्री है। आम तौर पर खुलने का समय सोमवार से शुक्रवार, 9:00 से 17:00 है; वाचन कक्ष शनिवार को बंद है और खास फाइलों तक पहुँच के लिए सीधे अनुरोध की आवश्यकता हो सकती है। उपलब्ध जानकारी में कोई पुष्ट प्रवेश शुल्क नहीं है। Ministry of Youth, Sports, Culture and Creative Industries, SVG National Trust, National Parks, Rivers and Beaches Authority और House of Assembly भी इतिहास संरक्षण, व्याख्या और विरासत-सुरक्षा में योगदान देते हैं। National Trust Amendment Act 37/2007 के तहत SVG National Trust निर्धारित राष्ट्रीय विरासत की रक्षा कर सकता है। पुरातात्विक कार्य, शैलचित्र शोध और मौखिक या सामुदायिक स्मृतियाँ उन दृष्टिकोणों को जोड़ती हैं जिन्हें औपचारिक अभिलेख छोड़ सकते हैं। ऐतिहासिक व्याख्या में सावधानी आवश्यक है। औपनिवेशिक अभिलेख अठारहवीं शताब्दी के बाद की सामग्री पर अधिक निर्भर हैं और अक्सर औपनिवेशिक अधिकारियों का दृष्टिकोण सुरक्षित रखते हैं। आधिकारिक सामग्री में ‘मूल निवासियों का नरसंहार’, ‘पुनः प्राप्त स्वतंत्रता’ और ‘क्षतिपूर्ति की माँग’ जैसे शब्द हैं; UNESCO की अस्थायी सूची की सामग्री पुरातात्विक निरंतरता, कालिनागो प्रतिरोध और गरिफुना संबंध पर बल देती है। दो खंडों वाला National History Project एक प्रमुख राष्ट्रीय संश्लेषण है। खंड 1—जिसमें मूल निवासी, मूल निवासियों का नरसंहार और 1838 तक अफ्रीकी दासता शामिल है—20 मार्च 2026 को जारी हुआ। आधिकारिक अभिलेखों की तुलना पुरातत्व, सामुदायिक स्मृतियों और विस्थापित गरिफुना समुदायों के इतिहास से करने पर अधिक पूर्ण विवरण मिलता है।
सेंट विंसेंट और ग्रेनाडाइन्स में इतिहास
सेंट विंसेंट और ग्रेनाडाइन्स का इतिहास आदिवासी बसावट, कालिनागो प्रतिरोध, अफ्रीकी लोगों की दासता, गरिफुना विस्थापन, औपनिवेशिक शासन और स्वतंत्रता से जुड़ा है। पुरातत्व, अभिलेखागार, मौखिक स्मृतियाँ और विरासत स्थल इसके अलग-अलग पहलुओं को सामने लाते हैं; औपनिवेशिक अभिलेखों में अक्सर कमियाँ हैं। देश 27 अक्टूबर 1979 को राष्ट्रमंडल के भीतर स्वतंत्र हुआ।
सुझाव
अवधि और प्रश्न के अनुसार तरीका चुनें: दर्ज औपनिवेशिक और संस्थागत इतिहास के लिए अभिलेखागार देखें; आदिवासी, गरिफुना और शुरुआती बसावट के इतिहास के लिए पुरातत्व, विरासत-साक्ष्य और सामुदायिक स्मृतियाँ भी जोड़ें। औपनिवेशिक नामों और आधिकारिक व्याख्याओं को उनके संदर्भ में रखें, अभिलेखों की कमियाँ स्पष्ट लिखें और यात्रा की योजना से पहले अभिलेखागार तक पहुँच की पुष्टि करें।

