न्यूज़ीलैंड में नियोक्ता एकल व्यापारी, साझेदारी, कंपनी, धर्मार्थ संस्था, सार्वजनिक निकाय या कोई अन्य संगठन हो सकता है। कानूनी स्वरूप से प्रशासन प्रभावित होता है, लेकिन कर्मचारियों वाले हर नियोक्ता के कर्मचारियों के प्रति दायित्व होते हैं। भर्ती से पहले नियोक्ता को भूमिका तय करनी चाहिए, व्यक्ति के काम करने के अधिकार की जाँच करनी चाहिए और रोज़गार की स्पष्ट लिखित जानकारी देनी चाहिए। समझौता वास्तविक नौकरी के अनुरूप होना चाहिए और ऐसी शर्तों का वादा नहीं करना चाहिए जिन्हें पूरा न किया जा सके। नियोक्ता आम तौर पर पेरोल चलाते हैं, PAYE आयकर काटते हैं और वेतन, काम के घंटों, छुट्टी तथा अन्य आवश्यक जानकारी के रिकॉर्ड रखते हैं। सेवानिवृत्ति बचत की कटौतियाँ भी पेरोल के ज़रिए संभालनी पड़ सकती हैं। कार्यस्थल का प्रबंधन इस तरह होना चाहिए कि कर्मचारियों और अन्य लोगों को पहले से अनुमान लगाए जा सकने वाले नुकसान से बचाया जाए। इसमें जोखिम पहचानना, लोगों को प्रशिक्षण देना, उपयुक्त उपकरण देना और घटनाओं पर कार्रवाई करना शामिल है। नियोक्ताओं को वेतन, विराम, छुट्टियों, बीमारी की छुट्टी, सार्वजनिक अवकाश और निष्पक्ष व्यवहार के न्यूनतम नियमों का पालन करना होता है। नीतियाँ उपयोगी विवरण जोड़ सकती हैं, लेकिन बुनियादी अधिकार नहीं हटा सकतीं। भर्ती और अनुशासन में एकसमान मानदंड और निष्पक्ष प्रक्रिया अपनानी चाहिए। नियोक्ताओं को गैरकानूनी भेदभाव से बचना चाहिए और संवाद तथा पहुँच-योग्यता के लिए उचित व्यवस्थाएँ करनी चाहिए। रोज़गार समाप्त होने पर नियोक्ता को समझौते का पालन करना और निष्पक्ष प्रक्रिया अपनानी चाहिए। अंतिम वेतन, रिकॉर्ड, उपकरण, गोपनीयता और जारी रहने वाले किसी भी दायित्व को स्पष्ट रूप से संभालना चाहिए। व्यावहारिक लक्ष्य ऐसा कार्यस्थल बनाना है जहाँ अपेक्षाएँ लिखित हों, पेरोल सही हो, खतरों पर नियंत्रण हो और कर्मचारी बिना डर अपनी चिंताएँ बता सकें।
न्यूज़ीलैंड में नियोक्ता
न्यूज़ीलैंड में नियोक्ता लोगों को काम पर रखते हैं, काम का आयोजन करते हैं, वेतन देते हैं और सुरक्षित कार्यस्थल उपलब्ध कराते हैं। नियोक्ताओं को रोज़गार के न्यूनतम मानकों का पालन करना और पेरोल तथा रोज़गार के विश्वसनीय रिकॉर्ड रखना होता है। नियोक्ता के अच्छे व्यवहार में निष्पक्ष संवाद, स्पष्ट समझौते और कर्मचारियों को उचित सहायता देना भी शामिल है।
सुझाव
पहले कर्मचारी के काम शुरू करने से पहले नियोक्ता की एक छोटी व्यवस्था बनाएँ: एक स्पष्ट समझौता, एक सही पेरोल प्रक्रिया, एक सुरक्षा दिनचर्या और रिकॉर्ड रखने की एक जगह। ज़िम्मेदारियों, घंटों, वेतन या कार्यस्थल के जोखिमों में बदलाव होने पर व्यवस्था की समीक्षा करें।

