नेपालको संविधान (Constitution of Nepal) सर्वोच्च कानूनी मानदण्ड अछि। सामान्य संहितासभ व्यापक निजी, प्रक्रियागत आ फौजदारी मामिलाके नियंत्रित करैत अछि, जखन कि विशेष कानून निर्धारित विषयपर लागू होइत अछि आ विवादक क्षेत्र ओकर दायरामे पड़लासँ सामान्य संहितापर प्राथमिकता पा सकैत अछि। श्रम कानून रोजगार, कार्यसमय, पारिश्रमिक, सुरक्षा, प्रतिनिधित्व, विवाद आ सेवा समाप्तिसँ संबंधित विषय लेल श्रम ऐन २०१७ (Labour Act 2017) आ श्रम नियमावली २०१८ (Labour Rules 2018) पर आधारित अछि, मुदा सरकारी कर्मचारी, सुरक्षा बल आ किछु विशेष समूह अलग नियमक अधीन होइत अछि। आप्रवासन कानून प्रवेश, भिसा, निवास, काम, अध्ययन, पारिवारिक सम्बन्ध, संरक्षण, नागरिकता आ निष्कासनके समेटैत अछि; आवश्यकता ठहरबाक उद्देश्य आ जिम्मेवार प्राधिकरणपर निर्भर करैत अछि। फौजदारी कानून मुख्यतः राष्ट्रिय दण्ड संहिता ऐन २०१७ (National Penal Code Act 2017) पर आधारित अछि, जकरा मुलुकी अपराध संहिता २०७४ (Muluki Aparadh Sanhita 2074) सेहो कहल जाइत अछि, आ एकरा संग फौजदारी प्रक्रिया, साक्ष्य आ विशेष कानून लागू होइत अछि। उपभोक्ता संरक्षण वस्तु आ सेवासँ संबंधित अछि, जाहिमे गुणवत्ता, सुरक्षा, जानकारी, मूल्य, रसीद, वापसी, क्षतिपूर्ति आ शिकायत शामिल अछि; बैंकिङ, दूरसञ्चार, बिजली, औषधि, यात्रा आ अनलाइन सेवाजका क्षेत्रक लेल क्षेत्रविशेष निकाय जिम्मेवार भऽ सकैत अछि। देवानी कानून अनुबन्ध, सम्पत्ति, पारिवारिक विषय, उत्तराधिकार, दायित्व, अदालतक कार्यवाही आ प्रवर्तनके मुलुकी देवानी संहिता २०७४ (Muluki Civil Code 2074) आ संबंधित प्रक्रियागत नियमअन्तर्गत समेटैत अछि। कोनो कानूनी समस्यामे एकसँ बेसी क्षेत्र शामिल भऽ सकैत अछि, जेना उपभोक्ताक शिकायतमे अनुबन्ध वा फौजदारी प्रश्न सेहो उठि सकैत अछि। औपचारिक नियमसभ प्रत्येक परिस्थितिमे व्यवहारिक रूपसँ समान संरक्षण नहि दऽ सकैत अछि; ILO केर 2019 केर श्रमशक्ति सर्वेक्षणमे नेपालमे लगभग 84.6% रोजगार अनौपचारिक दर्ज कएल गेल छल।
कानूनक व्यवस्था नेपालमे
नेपालक कानूनी व्यवस्था संवैधानिक नियम, सामान्य कानूनी संहिता आ विशेष कानूनके जोड़ैत अछि। एकर मुख्य क्षेत्रमे श्रम कानून, आप्रवासन कानून, फौजदारी कानून, उपभोक्ता संरक्षण आ देवानी कानून शामिल अछि। लागू नियम विषय, संबंधित व्यक्ति वा संस्थाक आ जिम्मेवार प्राधिकरणपर निर्भर करैत अछि।
Tip
पहिने कानूनी क्षेत्रक आधारपर मामिलाक प्रारम्भिक वर्गीकरण करू, तकर बाद जाँचू जे कोनो विशेष कानून, अपवर्जित स्थिति वा जिम्मेवार प्राधिकरण प्रक्रियामे परिवर्तन करैत अछि कि नहि। तथ्य आ दस्तावेज एकसंग राखू, कारण देवानी, फौजदारी, श्रम, आप्रवासन वा उपभोक्ता विषय एक-दोसरासँ जुड़ल भऽ सकैत अछि आ अलग-अलग कार्रवाई तथा परिणाम भऽ सकैत अछि।

