भारतक आवास बाजार शहर, राज्य, पड़ोस आ संपत्तिक प्रकार अनुसार बदलैत अछि। विद्यार्थी, कामगार, परिवार आ अल्पकालीन निवासी सभक अपेक्षा आ विकल्प अलग भऽ सकैत अछि। आम विकल्पमे साझा घरक कमरा, पेइंग-गेस्ट व्यवस्था, किराएदार अपार्टमेंट, स्वतंत्र घर, छात्रावास वा नियोक्ता अथवा संस्थासँ देल आवास शामिल अछि। एहिमे सेवा आ निजता अलग-अलग होइत अछि। मकान-मालिक पहचान जानकारी, संदर्भ, सुरक्षा जमा आ अग्रिम किराया मांगि सकैत छथि। रकम आ प्रक्रिया बदलैत अछि, तेँ हर भुगतान आ वादा दर्ज करू। लिखित किराया समझौतामे पक्ष, संपत्ति, किराया, जमा, अवधि, नोटिस प्रक्रिया, देखभाल दायित्व, शामिल फर्नीचर आ उपयोगिता व्यवस्था साफ होबाक चाही। जरूरी औपचारिकता स्थानीय नियम आ समझौता प्रकार पर निर्भर करैत अछि। अपार्टमेंट सोसाइटी वा निवासी संघ सुरक्षा, कचरा, पार्किंग, आगंतुक, पालतू जानवर, लिफ्ट आ साझा सुविधाक प्रबंधन कऽ सकैत अछि। रहए जाएसँ पहिने लागू नियम पूछू। पानि आपूर्ति, बिजली बैकअप, इंटरनेट, जलनिकासी, हवा, ठंडा करबाक व्यवस्था आ कचरा उठेनाइ नजदीकक भवन सभमे सेहो अलग भऽ सकैत अछि। जाँचक समय ई प्रणाली जाँचू वा ओकर जानकारी लिअ। कमरा जेकाँ पड़ोस सेहो महत्वपूर्ण अछि। यात्रा समय, बाढ़, शोर, रोशनी, भोजन सुविधा, स्वास्थ्य सेवा आ सुरक्षित परिवहन दैनिक जीवन पर बहुत असर डालि सकैत अछि। आवासमे भेदभाव आ अनौपचारिक वादा कठिनाई पैदा कऽ सकैत अछि। संदेश, रसीद, सामान सूचीक फोटो आ हस्ताक्षरित दस्तावेज राखला पर दुनू पक्ष लग स्पष्ट रिकॉर्ड रहैत अछि।
भारतमे आवास
भारतमे आवास साझा कमरा आ अपार्टमेंटसँ लऽ कऽ स्वतंत्र घर, छात्रावास, नियोक्ता द्वारा देल आवास आ गेटेड समुदाय धरि होइत अछि। किराया प्रथा, भवनक गुणवत्ता, उपयोगिता व्यवस्था आ पड़ोसक स्थिति भारतभरि बहुत बदलैत अछि। सावधानीपूर्वक जाँच आ स्पष्ट लिखित समझौता जरूरी अछि।
Tip
भारतमे संभव हो तँ आवास प्रत्यक्ष देखू, ओहि समयो भवन जाँचू जखन सामान्यतः यात्रा करैत छी। भुगतान वा रहए जाएसँ पहिने किराया, जमा, मरम्मत, फर्नीचर, उपयोगिता आ नोटिस शर्त लिखित रूपमे तय करू।

