यूरोपियों के आने से पहले, आज जिसे हिस्पानियोला (Hispaniola) कहा जाता है उस द्वीप पर स्वदेशी लोग रहते थे। टाइनो (Taíno) लोगों ने समुदाय, कृषि, व्यापार, विश्वास-प्रणालियाँ और राजनीतिक नेतृत्व विकसित किए थे। उनकी विरासत आज भी शब्दों, भोजन, स्थानों के नामों और सांस्कृतिक स्मृति में दिखाई देती है। पंद्रहवीं शताब्दी के अंत में स्पेनी उपनिवेशीकरण शुरू हुआ। बीमारी, हिंसा, जबरन श्रम, बसावट और गुलाम बनाए गए अफ्रीकी लोगों को लाने से आबादी बदल गई तथा सत्ता और असमानता की ऐसी व्यवस्थाएँ बनीं जिनका प्रभाव लंबे समय तक रहा। समय के साथ द्वीप पर नियंत्रण बदलता रहा। पश्चिम में फ्रांसीसी सेंट-डोमिंग (Saint-Domingue) विकसित हुआ, जबकि पूर्वी उपनिवेश मुख्यतः स्पेनी बना रहा। इससे आज के हैती और डोमिनिकन गणराज्य की ऐतिहासिक नींव बनी। हैती क्रांति ने स्वतंत्र हैती का निर्माण किया। बाद में द्वीप का पूर्वी भाग कुछ समय तक हैती के शासन के अधीन राजनीतिक रूप से एकीकृत रहा। डोमिनिकन अलगाववादियों ने ला त्रिनितारिया (La Trinitaria) का गठन किया, जो उन नेताओं के इर्द-गिर्द संगठित था जिन्हें पाद्रेस दे ला पत्रिया (Padres de la Patria) के रूप में याद किया जाता है। 1844 में डोमिनिकन स्वतंत्रता की घोषणा की गई। इसके बाद नए गणराज्य को युद्ध, राजनीतिक अस्थिरता, क्षेत्रीय सत्ता-संघर्ष और संप्रभुता से जुड़े विवादों का सामना करना पड़ा। उन्नीसवीं शताब्दी में स्पेन ने थोड़े समय के लिए फिर से नियंत्रण हासिल कर लिया। पुनर्स्थापन का युद्ध उस विलय को समाप्त कर डोमिनिकन संप्रभुता बहाल करने में सफल हुआ। इसी कारण स्वतंत्रता और पुनर्स्थापन को अलग-अलग राष्ट्रीय घटनाओं के रूप में याद किया जाता है। बीसवीं शताब्दी में विदेशी हस्तक्षेप, अधिनायकवादी शासन और राफाएल त्रुहीयो की लंबी तानाशाही शामिल रही। दमन, नस्ल और सीमा से जुड़ी राजनीति, प्रतिरोध और राजनीतिक हिंसा ने राष्ट्रीय स्मृति पर गहरी छाप छोड़ी। त्रुहीयो के बाद देश संघर्ष और एक और विदेशी हस्तक्षेप से गुज़रा, फिर एक अधिक टिकाऊ चुनावी व्यवस्था विकसित हुई। आधुनिक डोमिनिकन इतिहास में शहरी विस्तार, पर्यटन, प्रवासी समुदाय, सांस्कृतिक परिवर्तन तथा समानता और नागरिकता पर जारी बहसें भी शामिल हैं। इतिहास की व्याख्या अलग-अलग दृष्टिकोणों से की जाती है। जिम्मेदार अध्ययन में आधिकारिक राष्ट्रीय कथाओं के साथ स्वदेशी, अफ्रीकी मूल के लोगों, हैती के लोगों, ग्रामीण समुदायों, महिलाओं, प्रवासियों, श्रमिकों और क्षेत्रीय समुदायों के अनुभवों को भी शामिल किया जाता है।
इतिहास: डोमिनिकन गणराज्य में
डोमिनिकन गणराज्य का इतिहास यूरोपीय आगमन से बहुत पहले शुरू होता है और इसमें टाइनो समाज, उपनिवेशीकरण, दासता, स्वतंत्रता, संघर्ष, तानाशाही, प्रवासन और लोकतांत्रिक विकास शामिल हैं। यह देश हिस्पानियोला द्वीप को हैती के साथ साझा करता है, इसलिए दोनों का इतिहास गहराई से जुड़ा हुआ है। इस अतीत को समझने से आज की पहचान, असमानता, सीमाओं और राष्ट्रीय प्रतीकों को समझने में मदद मिलती है।
सुझाव
डोमिनिकन इतिहास को नायकों और तिथियों की सूची के बजाय एक जुड़ी हुई क्रमिक प्रक्रिया के रूप में पढ़ें। हैती और डोमिनिकन गणराज्य के इतिहास को आपस में जुड़ा हुआ समझें, लेकिन किसी भी देश को दूसरे का सरल शत्रु या प्रतिरूप न मानें। स्मारक स्थलों पर संवेदनशीलता से जाएँ और प्रमाणित इतिहास को पारिवारिक स्मृति या देशभक्तिपूर्ण लोककथा से अलग रखें।

